कोई भी यह चर्चा करने को तैयार नहीं कि सत्तर वर्षों में किस जाति समूह को क्या लाभ मिला, किसका उत्थान हुआ, ओबीसी किस आधार आरक्षण ले रहा है जबकि उसमें जो डोमिनेंट जातियाँ हैं वो स्वयं को क्षत्रिय और राजाओं का वंशज भी कहती है। इनका पानी किसने रोक लिया था भाई?
अब चर्चा तो होगी, और जितनी होनी चाहिए उससे अधिक होगी। हाँ, राम मंदिर के चंदा चोरों को बचाने के लिए कॉकरोच के सामने लेटने वाले लोगों को इससे समस्या होनी भी चाहिए।
अपने हक़ के लिए लड़ो
लड़ नहीं सकते तो लिखो।
लिख नहीं सकते तो बोलो।
बोल नहीं सकते तो साथ दो।
साथ भी नहीं दे सकते तो जो लिख बोल और लड़ रहे है उनका सहयोग करो।
ये भी ना कर सको तो उनका मनोबल ना गिराये क्योकि वो आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे है।
#reservationhataomovement
PM @narendramodi जी के सामाजिक न्याय के मंत्री @RamdasAthawale ने सामान्य वर्ग के बच्चों को 'जाहिल' और 'मानसिक रोगी' कहा है! @RHAreforms ने केवल आरक्षण में सुधारों और इसकी समीक्षा की बात की है, और इसके लिए सरकार हमें 'देशद्रोही', 'जाहिल' और 'मानसिक रोगी' कह रही है।
(विडंबना देखिए कि अनपढ़ नेता उच्चतम कटऑफ वालो को जाहिल बोल रहा है!)
CJP के दंगाइयों के सामने बिछ जाने वाली सरकार के मंत्री खुलेआम एक इंस्टाग्राम पेज को बंद करवाने की बात कर रहे हैं।
दम है तो बंद करवा के दिखाइये फिर आपको जनता का मूड भी पता चल जाएगा।
कोई आड़ में कुछ नहीं कर रहा है। मैं कर रहा हूँ, मेरे जैसे लाखों लोग कर रहे हैं। आपको जितने वोट मिलते हैं उससे कई गुणा अधिक लोग। आरक्षण जिस रूप में है, उसको जाना ही होगा। वरना @narendramodi के ‘विकसित भारत’ की योजना केवल ‘दिवास्वप्न’ रह जाएगा।
आरक्षण कोई अधिकार नहीं है। आरक्षण एक कोढ़ है, कैंसर है जो समाज और राष्ट्र को खाए जा रहा है। एक ही जाति को सारा लाभ मिल रहा है, बाकी जातियाँ पीछे हैं।
इसकी समीक्षा करवाइए, नहीं तो जनता स्वयं अपने नेता चुनेगी।
Harsh Dubey, What a Man you are.🫡
This guy just destroyed the agendas of SC/ST representative by just one example.
He said : "You tell me where Sonam Wangchuk was admitted ?
SC/ST Guy: Medanta hospital
Harsh dubey: No,He was admitted to Sufdarjung Hospital first but then shifted to Medanta, Why ?? Because they know that in Safdarjung there can be doctors with negative marks who may have got an MBBS degree from the reservation quota in front of their name but this is not the case in Medanta.
This guy is exposing these reservation merchants so badly. Harsh dubey, Take a Bow man.
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
- श्री धर्मेंद्र प्रधान ने जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दिया
- त्वरित न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना
- पेपर लीक को जड़ से खत्म करने के लिए टास्क फोर्स का गठन
जब हर मांग स्वीकार कर ली गई और हर चिंता का ठोस समाधान कर दिया गया, तब भी संसद को ठप करना दर्शाता है कि विपक्ष को मुद्दों के समाधान से कोई सरोकार नहीं है।
विपक्ष को न तो लोकतांत्रिक बहस में दिलचस्पी है और न ही युवाओं के भविष्य में...उनका एकमात्र मकसद संसद में लोकतांत्रिक चर्चा से भागना, अराजकता फैलाना और देश के करदाताओं के पैसों की बर्बादी करना है!
🚨 BIG CLAIM
CJP protest "insider" Harsh Dubey says some protesters didn't even know NEET is MANDATORY for medical college admission.
=> Claiming to fight for students without knowing the most basic fact? 🤦🏻♂️
President Droupadi Murmu - ST
former CJI BR Gavai -SC
former President Ramnath Kovind- SC
Congress President Mallikarjun Kharge - SC
Prime Minister Modi - OBC
If people from reserved categories are now reaching India’s highest constitutional and judicial offices, shouldn’t we review whether reservation is still serving its original purpose?
Should reservation now be abolished or limited to those who are financially weak, regardless of caste?
Poverty does not see caste. Why should poor and deserving students lose opportunities because of vote-bank politics? Every hardworking student deserves equal opportunity.
#ReservationDebate #EqualOpportunity #Merit
Harsh Dubey, This was So Brutal Man.😭🔥
Just Look at the expression of These uneducated politicians when Harsh asked a simple question regarding NEET.
Congress representative literally lost his Calm, Man. What a shame.
If you're talking about "fair education system," start with Reservation.
It is one of the biggest issues affecting hardworking students.
Hats off to Harsh Dubey. We need more such voices at student protests.
NEET student Harsh Dubey who triggered a viral conversation on RESERVATION on my show last night, was at Jantar Mantar today.
Had a more detailed chat with him at the protest site. Watch here: