ये आदेश बहुत अच्छा है माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि ये आदेश चुनिंदा लोगों के अलावा भी उन सभी मृतक आश्रित आश्रित कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए जो नियम विरुद्ध उच्च योग्यताधारी होते हुए भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बन गए और बनते जा रहे है @myogiadityanath@CMOfficeUP
सफलता,सम्मान,सुख -समृध्दि एवं स्वास्थ्य की मंगलकामनाओं के साथ आप सभी को सपरिवार नववर्ष 2022 की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
जुबेर अहमद
प्रदेश अध्यक्ष
उ•प्र•प्रा•मृतक आश्रित कर्मचारी संघ
प्रदेश उपाध्यक्ष
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ•प्र•
बेसिक शिक्षा में खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने कार्यालय पर कुशल कर्मचारी नही बल्कि बाबू रूपी अध्यापक चाहिए।अधिकारी कर्मचारियों से नही बल्कि शिक्षक के बाबूगिरी करने से ज़्यादा खुश होते हैं।पता नही इसका कारण क्या है।
@drdwivedisatish@praveentrivedi@CMOfficeUP @azubair810
बेसिक शिक्षा में आज सबसे बड़ी और गम्भीर समस्या पी एच डी मृतक आश्रित को चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी बनाए जाना है। उच्च अधिकारी का कहना है गलती तो हुई है मगर सुधार का विकल्प नही मालूम।
ये कैसी गलती जिसका सुधार नही मालूम।हद है ।
@myogioffice@CMOfficeUP@pankajjha_@Virendrauptv
खैर आपको याद तो आया मृतक आश्रितों की समस्या।अध्यापक का मृतक आश्रित उच्च योग्यता रखते हुए गलत नियमो के कारण आज विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्य करने को मजबूर है और इस मजबूरी में मृतक आश्रित का शोषण सबसे ज़्यादा अध्यापक ही कर रहा।