लखनऊ: 69000 शिक्षकभर्ती के अभ्यर्थियों ने किया घेराव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के आवास का घेराव करने पहुँचे 69000 शिक्षकभर्ती के अभ्यर्थी 6800 सीटों पर नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार कर रहे हैं प्रदर्शन
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@amrendra566 दलित और पिछड़ों को नौकरी देने के खिलाफ है यह सरकार, यह तो आप लोगों को भैंस चराते, कूड़ा उठाते देखना चाहते हैं, योगी जी को सब पता चलता होगा लेकिन वह जान बूझकर अनजान हैं 😢
@amrendra566 योगी जी हम दलित पिछड़ों को नियुक्ति पत्र प्रदान करो
दलित पिछड़ों को याद केवल वोट के लिए ही किया जाता है
6800 दलित पिछड़ों को नियुक्ति दो,नियुक्ति दो या मुक्ति दो।
69000 शिक्षक भर्ती: आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने घेरा मुख्यमंत्री आवास
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के अंतर्गत चयनित 6800 आरक्षित वर्ग के शिक्षक अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास का घेराव क��या इस दौरान अभ्यर्थियों ने जोरदार नारेबाजी भी की। मुख्यमंत्री के आवास पर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है की बेसिक शिक्षा विभाग और प्रशासन के लोग वादाखिलाफी कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों की मुलाकात मुख्यमंत्री से कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक उनकी मुलाक़ात नहीं हो पायी इसी बात से नाराज अभ्यर्थी एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर नारेब��जी करने लगे।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं अमरेंद्र पटेल ने बताया की लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच में 69000 शिक्षक भर्ती संबंधित मामले की सुनवाई चल रही है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और विभाग के अधिकारी ने हम अभ्यर्थियों से मीटिंग में जो वादे किए थे उसके मुताबिक सरकार के वकील कोर्ट में पक्ष नहीं रख रहे हैं बल्कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का विरोध कर रहे हैं। यह अभ्यर्थी चाहते हैं कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करई जाए। अमरेंद्र पटेल ने बताया की मुख्यमंत्री के ही आदेश से हुई जाँच के बाद 6800 आरक्षित वर्ग की चयन सूची आई थी। अभ्यर्थियों को उम्मीद हैं की उनकी मुलाक़ात मुख्यमंत्री जी से होने पर पूरे मामले का सही निस्तारण हो जायेगा।
अमरेंद्र पटेल ने कहा की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू करने में घोर अनियमितता बरती गई जिस कारण आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नौकरी से वंचित कर दिया गया। इस संबंध में कई बार आंदोलन के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और विसंगति दूर करते हुए पीड़ित दलित पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश अधिकारियों को दिया था, जिसके आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विसंगति को सुधारने के उपरांत 6800 दलित पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति ��ेने का वादा करते हुए एक सूची जारी की लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल सका।
हमारी मांग है की सरकार इस मामले का त्वरित समाधान निकाले और सभी 6800 चयनित पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों का हक अधिकार देते हुए उनकी नियुक्ति करें।
दिल्ली में किसान फसलों के लिए लड़ रहे हैं यूपी में बेरोज़गार अपनी नस्लों के बेहतर भविष्य के लिए लड़ रहे है आज फिर 6800 सीटों पर नियुक्ति के लिए 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सीएम आवास पर जमकर संघर्ष किया!
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हमारा दोष सिर्फ़ इतना है , की हम पिछड़े दलित अभ्यर्थी है ।
69000 शिक्ष�� भर्ती में आरक्षण का घोटाला हुवा मुख्यमंत्री ने माना लेकिन अधिकारी और मंत्री मानने के नहीं तैयार क्या उत्तर प्रदेश से पिछड़े दलित छोड़ कर चले जाए |
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
पिछड़े दलितों के हक़ अधिकार की बात हमेशा शीर्ष स्तर तक उठाने का काम करती है केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री@AnupriyaSPatel को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएँ
दीदी इस प्रदेश को और हम पिछड़े दलित अभ्यर्थीओ को बहुत उम्मीद है
#HappyBirthdayDidi