इन बेटियों की चीखें सरकार तक क्यों नहीं पहुंच रही??
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे खोखले नारे का खुलता हुआ सच, डबल इंजन की सरकार में
नवादा आनंदपुरा में एक हेडमास्टर पर छात्राओं ने छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि सर हमेशा गलत तरीके से बात करते हैं गलत तरीके से छूते है। बहुत छात्राओं ने एक साथ शिकायत की है किसी ने कहा कि बाथरूम में ताक झांक करते हैं किसी ने कहा कि सर बाल खींचते हैं ज़बरदस्ती गोदी में बिठा लेते हैं गलत सब जगह टच करते हैं।
अनेको लड़कियां ने उस हेडमास्टर पर आरोप लगाए आरोप लगाने वाली स्टूडेंट 6,7,8 कक्षा की है।समाज के ऐसे विषैले लोगों को उम्र कैद से कम की सजा नहीं होनी चाहिए जिन्होंने गुरु शिष्य के रिश्ते को शर्मशार किया है। जांच कर सख़्त कार्रवाई करें। @officecmbihar@bihar_police
1. आज मेरा पुनः पार्टी के लोगों से यही कहना है कि मेरे ख़ुद के अनुभव को मद्देनज़र रखते हुये यदि इनको राजनीति में कामयाब होना है और समाज के लिए कुछ करना है तो उन्हें मेरी तरह अपने भाई-बहिनों व नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि के मोह से ऊपर उठकर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करना है,
* इसीलिए बी.एस.पी. के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी ने राजनीति में आने के बाद, फिर अपने सभी नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि को राजनीतिक लाभ देने से हमेशा दूर रखा है। उन्हें केवल निःस्वार्थ भावना से पार्टी संगठन में कार्य करने की ही इजाज़त दी है। इतना ही नहीं बल्कि इन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी, अपना ख़ुद का परिवार ना बनाकर, ’बहुजन समाज’ के हित व कल्याण के लिए ही समर्पित की है।
2. जिनसे प्रेरित होकर फिर मैंने भी उन्हीं के ही पदचिन्हों पर चलने का फैसला लिया और अपनी पूरी ज़िन्दगी ’बहुजन समाज’ के लिए समर्पित कर दी है।
* लेकिन मैं एक लड़की होने की वजह से फिर मजबूरी में मुझे अपने किसी ना किसी भाई-बहिन आदि को हमेशा अपने साथ रखना पड़ा है, जिसके तहत् ही मेरा छोटा भाई श्री आनन्द कुमार यह पिछले काफी वर्षों से मेरी सेवा में कार्यरत है।
3. और इनके विशेष आग्रह करने पर फिर इनके परिवार में से मुझे इनके बड़े बेटे श्री आकाश आनन्द को राजनीति में आगे करना पड़ा है।
* जिनकी शादी होने के बाद से अब श्री आकाश आनन्द का क़दम-क़दम पर ऐसा रवैया व गतिविधियाँ आदि रही हैं कि जिसकी वजह से अभी कुछ दिन पहले फिर से इनको पार्टी से अलग भी करना पड़ा है।
* अर्थात् अब वह अपने ससुर श्री अशोक सिद्धार्थ के जंजाल में पूरी तरह से फंस चुके हैं, जिसे अब पार्टी में वापिस लेना यह पार्टी के लिए बहुत बड़ा विश्वासघात ही होगा, जो मैं यह पार्टी विरोधी ग़लत कार्य कदापि नहीं कर सकती हूँ।
4. ऐसे में अब मैं श्री आनन्द कुमार के परिवार में से किसको पार्टी में आगे करूँ या ना करूँ, यह मेरे लिए पिछले कुछ समय से काफी दुविधा सी बनी हुई है, जिस पर विराम देते हुए अब मैंने हर पहलू पर काफी गम्भीरता से सोच-विचार करने के बाद यह फैसला लिया है कि इनके परिवार में से ऐसे किसी सदस्य को अब पार्टी में आगे किया जाये, जो आकाश के नक्शेकदम पर बिल्कुल भी ना चले।
5. और जहाँ तक आगे चलकर, इनकी बेटी की मदद लेने का सवाल है तो इनकी शादी होने के बाद, फिर इनका मामला भी यदि श्री आकाश आनन्द की तरह ही निकल गया तो यह भी पार्टी हित में सही नहीं होगा।
* ऐसी सम्भावना को भी ध्यान में रखकर अब पार्टी हित में यही उचित होगा कि श्री आकाश आनन्द व इनकी बहिन को भी अब पार्टी की कोई भी ज़िम्मेवारी देने से इन दोनों को एकदम दूर रखा जाये अर्थात् अब इनके इस फैसले में कोई भी फेरबदल नहीं किया जायेगा।
6. और अब इन दोनों के स्थान पर श्री आनन्द कुमार के परिवार में से केवल श्री ईशान आनन्द को ही, पार्टी में सम्मानजनक ज़िम्मेवारी देकर इनको आगे किया जायेगा, जिसका श्री आकाश आनन्द व इनकी बहिन की तरह कभी भी कोई चक्कर नहीं रहेगा। अभी तक ऐसा ही लग रहा है। आगे तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता है
7. फिर भी यदि इन्होंने पार्टी विरोधी ऐसा कोई भी गम्भीर कृत्य किया तो फिर इनको भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जायेगा, लेकिन तब ऐसी स्थिति में श्री आनन्द कुमार के परिवार में से अन्य किसी भी सदस्य को पार्टी की कोई भी छोटी-बड़ी ज़िम्मेवारी नहीं दी जायेगी।
* बल्कि इसके स्थान पर, तब फिर पार्टी में ही कार्यरत दलित वर्ग के किसी भी एक मिशनरी व वफादार कार्यकर्ता को ही आगे कर दिया जायेगा। इसलिए देश व जनहित के ज़रूरी मुद्दों के साथ-साथ इस ख़ास मुद्दे को भी लेकर अब दिनांक 23 सितम्बर की बी.एस.पी. की अत्यन्त ज़रूरी ऑल-इण्डिया की बैठक बुलाई गई है ताकि फिर पार्टी के लोग अपनी पार्टी के कार्यों में पूरे जी-जान से जुट जायें।
8. अन्त में अब मैं यही कहना चाहती हूँ कि ख़ासकर परिवार को लेकर पार्टी व मूवमेन्ट के हित में मैंने यह फैसला मान्यवर श्री कांशीराम जी से प्रेरित होकर तथा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी के भी लिखे गये एक पत्र से प्रभावित होकर लिया है, जिस पत्र का सारांश इस प्रकार से है:
9. बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने, दिनांक 23 फरवरी सन् 1956 को 26 अलीपुर रोड, सिविल लाइन्स, नई दिल्ली से बम्बई में अपने पुत्र श्री यशवन्त बी. अम्बेडकर को पत्र में लिखा है कि,
* मुझे तम्हें सूचित करना है कि श्री उपशम के कई पत्राचार मिले हैं कि तुम उन्हें बौद्ध भूषण प्रिन्टिंग प्रेस के एकाउण्टेन्ट व कैशियर के रूप में उनकी ड्यूटी नहीं करने दे रहे हो।
* तुम्हें ऐसा लगता है कि ऐसा करके तुम प्रेस को अपने कब्जे में ले लोगे। मैं तुम्हें आगाह कर रहा हूँ कि प्रेस पब्लिक प्रापर्टी है, ना तुम्हारा है और ना मेरा, और एक पब्लिक अकाउण्ट में किसी भी प्रकार की अनियमितता की अनुमति देना संभव नहीं है।
* तुम्हारा आचरण उचित नहीं रहा है...अगर तुमने मेरी अन्तिम व फाइनल निर्देश की परवाह नहीं कि तो फिर मैं तुम्हें प्रेस से निकाल-बाहर करूंगा और इस चेतावनी के नहीं मानने पर फिर मैं आपके विरुद्ध अभियोजन (मुक़दमा) (prosecute) भी करूंगा।
10. संक्षेप में अब मैं अपने ख़ुद के बारे में भी यही कहना चाहती हूँ कि समस्त ’बहुजन समाज’ ही मेरा असली परिवार है तथा सत्ता की मास्टर चाबी के ज़रिये ही उन्हें ’शोषित से शासक वर्ग’ बनाकर उनका हित व कल्याण सुनिश्ति करना ही मेरा मिशनरी लक्ष्य व मेरी प्रतिज्ञा भी है, जिसके लिए मैं अपने भाई-बहिनों आदि के ख़िलाफ भी किसी भी हद तक जा सकती हूँ, जैसाकि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने उदाहरण पेश किया, यही मेरा भी संकल्प है।
दिल्ली कल्याणपुरी में भाई अनिल जाटव की हत्या बहुत दुखद हैंं, हम अपने पीड़ित परिवार के साथ हैं, और जल्द ही हम अपने परिवार से मिलने जाएंगे।
@dtptraffic@CPDelhi@CMODelhi@AmitShahOffice
"मैं आर्टिस्ट हूँ, bro... मुझे राजनीति से क्या लेना?"
"मैं क्रिकेटर हूँ, bro... मुझे राजनीति से क्या लेना?"
"मैं इन्फ्लुएंसर हूँ, bro... मुझे राजनीति से क्या लेना?"
जब हर कोई सिर्फ़ अपनी दुनिया तक सीमित रह जाए, तो लोकतंत्र की आवाज़ कमज़ोर पड़ जाती है।
लेकिन सच्चाई तो ये ही है? 🤷
ये सब सच बोलने से सब डरते हैं, bro?
🔥 हिमाचल की बेटी अनन्या ने संसद में डॉ. आंबेडकर के संघर्ष और संविधान की ताकत पर ऐसा भाषण दिया, जो पूरे देश के दिल को छू गया।
जाति-भेद से ऊपर उठकर एक भारत की बात… यही है असली युवा आवाज़ 🇮🇳
भर्ती परीक्षाओं को आखिर इतना मजाक क्यों बना दिया गया है
कहीं paper leak, कहीं server issue, कहीं center mismanagement और अब #ssc_gd 500 छात्रों को बुलाकर सिर्फ 250 की व्यवस्था।
आखिर ये कैसी परीक्षा प्रणाली बनाई जा रही है?
दूसरे जिलों से छात्र महीनों की तैयारी, खर्च और pressure लेकर exam देने पहुंचते हैं, और वहां जाकर पता चलता है कि system खुद तैयार नहीं है।
सबसे दुखद बात ये है कि हर बार गलती व्यवस्था की होती है, लेकिन नुकसान सिर्फ छात्रों को उठाना पड़ता है। फिर जब युवा गुस्सा दिखाते हैं, तो लोग उनकी प्रतिक्रिया देखते हैं
लेकिन उस मजबूरी और टूटते भरोसे को नहीं, जो उन्हें वहां तक ले जाता है।
"जैसे आपने चन्द्रशेखर आजाद भाई को नगीना जिताकर संसद में पहुंचाया है उसी प्रकार आप वादा करें 2027 में आप इनको चीफ मिनिस्टर बनाएंगे"
सामने खड़ी लोगों की भीड़ ने एक आवाज में Inshallah बोलकर यह प्रमाण दिया कि 2027 में चन्द्रशेखर आजाद यूपी के CM बनने जा रहे हैं 🔥
@BhimArmyChief
He should be barred from service for misusing his position
Corruption remains one of the biggest problems in the Indian police system. In many cases, money, political influence, and personal connections can determine how quickly and fairly a case is handled. Ordinary citizens often face delays, while powerful individuals may receive preferential treatment. This weakens public trust and undermines the principle of equal justice for all.
यह आदमी तो कलई खोल रहा है🥸😎
इसका कहना है कि 👇
* दिल्ली के ITO पर BJP नेता का काफिला निकलने वाला है, ट्रैफिक में एंबुलेंस फंसी है।
* यहां पर किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है और पुलिस पूरी जिम्मेदारी से खड़ी है कि इनके नेता जी निकलेंगे तब ही कोई निकलेगा।
* वैसे तो मोजी जी बहुत जगह दिखाते हैं कि एंबुलेंस को रास्ता देते हैं, लेकिन हकीकत देख लीजिए।
* आम जनता मरता है, तो मरने दो, लेकिन नेता जी पहले जाएंगे।
* बाकी तुमलोग गुलाम हो, गुलाम बने रहो😅😅
इस लड़की ने जो मीडिया बंधु को बताया उसमे साफ हो गया है.इस बलबे का मुख्य कारण कोई दरोगा है जिसने बाबा साहब की मूर्ति को तोड़ा.खेल कुछ और है प्लानिंग किसी और की लगती है.इस सम्बंधित दरोगा की भूमिका की जाँच कर इस पर भी कार्यवाही होनी जरुरी है.@myogiadityanath जी संज्ञान लें.
मैने क्या कहा था कि मंदिरो और आश्रमों में महिलाएं बच्चियां सुरक्षित बिल्कुल भी नहीं है।
ब्राह्मणवाद के हवशिपन मानसिकता वाले लोग पुजारी बनकर महिलाओं को शिकार बने रहे हैं।
आये दिन पुजारियों द्वारा चोरी, बलात्कर, लूट दादागिरी की खबरें आ रही है ।।
ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨मथुरा में चौंकाने वाली घटना! एक 17 वर्षीय नबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर एक 'बाबा' ने बलात्कार किया, जिसने उसे जूस पिलाने का लालच दिया था।
लड़की की आवाज सब बयां कर रही है जबकि पुलिस खड़ी होकर देखती रही.!
~एक समय था जब हमें सरकारी स्कूल में किताबे मिलती थी।
~उस दिन की खुशी, वो नई किताबें, उनमें कवर चढ़ाना,
~आजकल तो ये सिर्फ धंधा बन चुका है,
~ऐसा क्या प्रिंट होता है इनमें जो किताबें 500 रुपए की होती हैं?
~सरकार इन पर लगाम क्यों नहीं लगाती हैं?
My urgent message to Mr @narendramodi ji. Why are you still silent on today's killing of innocent 2 babies while sleeping with her mother in midnight with rockets by Kuki militants? Manipur is not a part of India? Manipur deserves justice now. No Justice, No Rest. 😢🙏