पंजाब में युवा ड्रग्स ले तो उस पर फ़िल्म बनाइए क्योंकि वो एक समस्या है लेकिन फ़िल्म इंडस्ट्री में लोग ड्रग्स लेते हों तो उसका मु���्दा संसद में मत उठाइए क्योंकि ये थाली में छेद करने जैसा है। काहे भाई, फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों के लिए ड्रग्स मल्टीविटामिन बन जाता है क्या? गजबे है।
जो हिंदी न बोल पाने की असमर्थता व्यक्त करते हुए अभिमान महसूस करते हैं, उनका बहिष्कार करिए,
हिंदी हमारी मातृभाषा है, हिंदी पढ़िए, हिंदी बोलिये, हिंदी लिखिए, हिंदी में सोचिए!
#हिंदीहैंहम
नरेंद्र मोदी - आत्मनिर्भर
तेजस्वी यादव - जात पर निर्भर
अखिलेश यादव - जमातियों पर निर्भर
राहुल गाँधी - खानदान पर निर्भर
उद्धव ठाकरे - गूंडो पर निर्भर
ममता - जिहादीयो पर निर्भर
केजरीवाल - मुफ्तखोरों पर निर्भर