@NigamChetan@DESITALENTINDI1@news24tvchannel हगे इतिहास में कौन है ये दिख जाता है चाहे आर्यन हड़प्पा का अटैक हो या सीकंदर हो,चाहे 712 ईस्वी की मुहम्मद कासिम की चन्द सेना के द्वारा हगे हो ,चाहे बाबर के दारा चाहे अंग्रेज के द्वारा सबमे फच से हग दियो हो हमें न सिखावें हम कौन है बेटू वक्त वक्त का खेल पेले तो जावोगे एक दिन
@NigamChetan@DESITALENTINDI1@news24tvchannel हगे इतिहास में कौन है ये दिख जाता है चाहे आर्यन हड़प्पा का अटैक हो या सीकंदर हो,चाहे 712 ईस्वी की मुहम्मद कासिम की चन्द सेना के द्वारा हगे हो ,चाहे बाबर के दारा चाहे अंग्रेज के द्वारा सबमे फच से हग दियो हो हमें न सिखावें हम कौन है बेटू वक्त वक्त का खेल पेले तो जावोगे एक दिन
@NigamChetan@DESITALENTINDI1@news24tvchannel भारत से बाहर जाते तुम्हारे मुंह पे हग देगा चाहे क्रिसचन,चाहे कोई भी क्यूंकि तुमलोग वही के लायक हो ये बेफजूल व्हाटसअप पे फॉरवर्ड ज्ञान यहां लिख रहे उसका एक भी परसेंटेज इस्लाम में नहीं और खुश रहने के लिए ख्याल में जी रहे जो जी लो क्यूंकि मूत्र में god और धरती नाग पे जो टीका है 🤣
@MukhtarUddin70 मंत्र पढ़ो नमाज पढ़ रहा होता तो sp निकलता जूता से मारते हुवे हटाता हमे गर्व से नाचो रोड पे क्यूंकि इसी लिए तो जिताते हो ... नौकरी सड़क,मकान ,दवा ,इलाज तो बाद की चीज है ,कल हम थोड़ी मरेंगे हम तो राम भक्त , भोला भक्त , है मंत्र को गोमूत्र में मिलाके लपेट लेंगे सीधा 100 साल 🥱
@BBCHindi दुख ये है चाणक्या यही के थे ? जिसने पाद्य दुनिया को पढ़ाया , और आज हर चीज होने के बाद इतना बड़ा कांड हो जाता है , लेकिन मजाल हो अपनी फॉरेन मिनिस्टर बदले नया कुछ करे, भारत को त्रिशूल और बुद्ध की बुद्धि जैसा कुछ फॉरेन रिलेशन कायम कर सके ! किताबी ज्ञान दारा शिकोह की भी थी
@NigamChetan@news24tvchannel इनको कोई साइंस पढाओं... गोबर च*द को इसकी पूरी सिस्टम प्राचीन काल।में नियोग पे टिकी थी जिसका प्रभाव होली में देखने को मिलता है ..जीजा साली एक है ,भाभी देवर सेम है , करने वाले हमें न बताये की शादी किस तरीके और किस्से करनी है और क्यू...तुमलोगों पे मुझे घिन आती है
उत्तर प्रदेश: हापुड़ जिले में कांवड़ियों द्वारा पिटाई के पांच दिन बाद पिकअप ड्राइवर अज़ीम की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 31 जुलाई को गढ़ टोल प्लाजा के पास पिकअप और ऑटो की टक्कर के बाद ऑटो चालक और उसमें सवार यात्रियों ने अजीम के साथ बेरहमी से मारपीट की।
परिजनों के मुताबिक, हमले में अजीम के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे दिमाग में ब्लीडिंग और सूजन हो गई। मामले में अजीम के पिता की शिकायत पर गढ़ मुक्तेश्वर थाने में ऑटो चालक फरमान, मनीष, अंकित, लोकेश, शिवम समेत अन्य लोगों के खिलाफ दंगा, मारपीट और हत्या के प्रयास की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
वहीं, ऑटो चालक की शिकायत पर पुलिस ने अजीम के खिलाफ भी जानबूझकर वाहन चढ़ाने के आरोप में क्रॉस-एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अजीम की मौत और दुर्घटना के बाद हुई पूरी घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
'लीगल रिक्वाइर्मन्ट' की आड़ में हर रोज़ सैंकड़ों पोस्ट्स इंस्टाग्राम से गायब हो रही हैं, ऑल्ट न्यूज़ की पोस्ट्स भी. ऑल्ट न्यूज के फैक्ट चेक पोस्ट्स रिस्ट्रिक्टेड किए गए हैं? क्या सरकार पैनिक मोड में है?
भारत में मुस्लिम विरोधी हिंसा पर रिपोर्ट का बड़ा दावा, 2026 में अब तक 44 मौतें; मई-जुलाई में 25 मुसलमान मारे गए
South Asia Justice Campaign के India Persecution Tracker के मुताबिक, मई से जुलाई 2026 के बीच भारत में 25 मुसलमान मारे गए. इनमें 10 की मौत हिंदुत्ववादी हमलावरों के हाथों हुई. रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में अब तक कुल 44 मुसलमानों की मौत दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, यह साल 2022 से अब तक मुस्लिम विरोधी हिंसा में सबसे घातक साल बन सकता है.
@aajtak ऐसे में अमेरिका को जितना दिक्कत नहीं होगा उतना भारत को होगा भारत की विदेश नीति पहले ऐसे कभी नहीं थी बुड्ढे लोग ,को तुरंत हटा किसी काबिल नए सोच वाले को बनाना चाहिए था अब नतीजा आंख के सामने है जनता को मूरख बना सकते हो इन्हें नहीं
Hope you take legal action against this YouTuber Deepak Sharma seen entering your property and trying to peep into your house. This guy has been doing the same during Jantar Mantar protest.
केशव मौर्य सिर्फ़ मदरसों पर हमला कर सकते हैं, क्योंकि उनकी कुर्सी दरअसल एक स्टूल है।
जिन्हें अंग्रेज़ों से मोहब्बत हो, उन्हें मदरसे कैसे पसंद आएँगे? मदरसे अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ साज़िशों और आज़ादी की जद्दोजहद के मरकज़ थे। उन्होंने बेशुमार मुजाहिदीन-ए-आज़ादी पैदा किए, जबकि सावरकर अंग्रेज़ों को माफ़ीनामे लिख रहे थे।
आज़ाद भारत का पहला दहशतगर्द गोडसे किसी मदरसे का तालीब-ए-इल्म नहीं था। लेकिन भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद मदरसे में पढ़े थे। मुंशी प्रेमचंद और राजा राम मोहन राय ने भी मदरसे में तालीम हासिल की थी।
दस्तूर का आर्टिकल 30 हर अक़ल्लियती बिरादरी को अपने तालीमी इदारे क़ायम करने और चलाने का हक़ देता है। ये बेहद शर्मनाक है कि एक दस्तूरी ओहदे पर बैठा शख़्स ऐसी ज़हरीली ज़बान इस्तेमाल करे।
मगर जब कुर्सियाँ कम हों, तो स्टूल वालों को अपनी सियासी अहमियत बनाए रखने के लिए ज़हर उगलना ही पड़ता है।
हिंदुओं से अनुशासन सीख लीजिए, मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक पर कांवड़ियों द्वारा रोड ब्लॉक करके डांस किया जा रहा है, योगी जी कहते हैं "मुसलमानों को हिंदुओं से अनुशासन सीखने की आवश्यकता है, सड़कें चलने के लिए होती न कि चौराहे ब्लॉक करके तमाशा करने के लिए।"