“अयोध्या की रामलीला – गाथा रघुनन्दन की” का 2025 का 7वां संस्करण सम्पन्न हुआ जहां मंच पर जीवंत हुए रामायण के अमर पात्र।
विंदु दारा सिंह (भगवान शिव), मणिका विश्वकर्मा (माता सीता), राहुल भूचर (भगवान राम), पुनीत इस्सर (भगवान परशुराम), अरुण बक्शी (मेघनाद), प्रकाश तिवारी (हनुमान जी), विजय कौशल (रावण), और अवतार गिल (नारद मुनि) के शानदार अभिनय नेदर्शकों के हृदय को भक्ति और भावनाओं से भर दिया।
वहीं पिछले वर्षों में गूफी पेंटल, सुनील पाल, असरानी और रज़ा मुराद जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी इस रामकथा को और गौरवशाली बनाया। यह केवल मंचन नहीं, बल्कि धर्म, भक्ति और संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जो हर वर्ष करोड़ों रामभक्तों के हृदय को आलोकित करता है।
जय श्रीराम!
#अयोध्या
➡️अयोध्या की रामलीला ने रचा नया इतिहास!
➡️62 करोड़ दर्शकों तक पहुंची रामलीला की गूंज!
➡️वैश्विक मंच पर पहुंची मर्यादा पुरुषोत्तम की लीला!
➡️50 देशों में ऑनलाइन प्रसारित हुई रामलीला!
➡️250 फिल्मी कलाकारों ने निभाए किरदार!
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अयोध्या की रामलीला ने रचा नया इतिहास
62 करोड़ दर्शकों तक पहुँची गूंज
योगी सरकार के प्रयासों से वैश्विक मंच पर पहुँची मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला
50 देशों में ऑनलाइन प्रसारित, 250 फिल्मी कलाकारों ने निभाए किरदार
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर 10 करोड़ से अधिक खर्च, करोड़ों रामभक्त बने साक्षी
अयोध्या बनी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी, रामभक्ति का संदेश पहुँचा वैश्विक स्तर तक
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भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है
◆ इस समय शारदीय नवरात्रि के मौके पर यहां भव्य रामलीला का आयोजन हो रहा है
◆ जिसमें मां सीता की भूमिका मिस यूनिवर्स मनिका विश्वकर्मा निभा रही है
◆ मिस यूनिवर्स मनिका विश्वकर्मा ने अयोध्या एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही यहां की पावन धरा को झुककर प्रणाम किया
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VIDEO | Under the leadership of Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath (@myogiadityanath), Ayodhya’s grand Ramleela created history, reaching 620 million viewers across 50 countries, with 250 film artists bringing Lord Ram’s story to life and establishing Ayodhya as the cultural capital of the world through record-breaking digital viewership.
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
अयोध्या
➡️अयोध्या की रामलीला ने रचा नया इतिहास
➡️62 करोड़ दर्शकों तक पहुंची रामलीला की गूंज
➡️वैश्विक मंच पर पहुंची मर्यादा पुरुषोत्तम की लीला
➡️50 देशों में ऑनलाइन प्रसारित हुई रामलीला
➡️250 फिल्मी कलाकारों ने निभाए किरदार
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"अयोध्या की रामलीला - गाथा रघुनन्दन की" का 2025 का भव्य संस्करण हुआ सम्पन्न, जहां अमर पात्रों की भूमिका ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। यह रामलीला केवल मंचन नहीं, बल्कि धर्म, भक्ति और संस्कृति का महोत्सव है, जो हर वर्ष करोड़ों रामभक्तों के हृदय को आलोकित करता है।
जय श्रीराम!
अयोध्या की रामलीला – गाथा रघुनन्दन की।
वनवास के कठिन दिनों से लेकर सीता हरण,
अशोक वाटिका में माता सीता की मर्यादा रक्षा,
पवनपुत्र हनुमान जी का पराक्रम और लंका दहन,
रामसेतु निर्माण से लेकर राक्षसों के संहार तक,
और अंत में श्रीराम के दिव्य बाण से रावण का अंत…
यह अमर कथा आज भी कहती है - सत्य की राह चाहे कठिन क्यों न हो, अंतिम विजय सदैव धर्म की ही होती है।
आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
जय श्रीराम!
अमल अचल मन त्रोन समाना। सम जम नियम सिलीमुख नाना॥
कवच अभेद बिप्र गुर पूजा। एहि सम बिजय उपाय न दूजा॥
भावार्थ:-निर्मल (पापरहित) और अचल (स्थिर) मन तरकस के समान है। शम (मन का वश में होना), (अहिंसादि) यम और (शौचादि) नियम- ये बहुत से बाण हैं। ब्राह्मणों और गुरु का पूजन अभेद्य कवच है। इसके समान विजय का दूसरा उपाय नहीं
है।
🙏 विजय का शस्त्र संयम है और कवच है गुरु-पूजन।
अयोध्या की रामलीला - गाथा रघुनन्दन की।
नवम दिवस का मंचन -
जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने समुद्र से मार्ग देने का आह्वान किया,
फिर हुआ भगवान शिव का पूजन।
इसके बाद हुआ लक्ष्मण - मेघनाद का भीषण युद्ध और अंत में लक्ष्मण जी के मूर्छित होने का मार्मिक दृश्य, जिसने दर्शकों के हृदय को भावविभोर कर दिया।
अयोध्या की रामलीला – गाथा रघुनन्दन की।
नवम दिवस का मंचन -
हनुमान जी का लंका से लौटकर श्रीराम को संदेश देना और
अंगद जी का लंका जाकर रावण दरबार में धर्म और शौर्य का पराक्रम दिखाना।
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सौरज धीरज तेहि रथ चाका। सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका॥
बल बिबेक दम परहित घोरे। छमा कृपा समता रजु जोरे॥
भावार्थ:-शौर्य और धैर्य उस रथ के पहिए हैं। सत्य और शील (सदाचार) उसकी मजबूत ध्वजा और पताका हैं। बल, विवेक, दम (इंद्रियों का वश में होना) और परोपकार- ये चार उसके घोड़े हैं, जो क्षमा, दया और समता रूपी डोरी से रथ में जोड़े हुए हैं।
🙏 धर्म का रथ शौर्य और सत्य से चलता है और दया-क्षमा से टिकता है।
अयोध्या की रामलीला - गाथा रघुनन्दन की!
अष्टम दिवस का मंचन रहा रोमांचक और भावपूर्ण -
अशोक वाटिका में रावण से सीता का तिनके से स्वयं की रक्षा करना।
इसी बीच हनुमान जी का माता सीता से मिलना और प्रभु श्रीराम की अंगूठी उन्हें सौंपना।
इसके बाद हुआ अक्षय कुमार वध और अंत में लंका दहन के अद्भुत दृश्य।
यह प्रसंग धर्म, भक्ति और पराक्रम की गाथा बनकर हर हृदय को आलोकित कर गया।
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अयोध्या की रामलीला गाथा रघुनन्दन की।
छोटी छावनी के उत्तराधिकारी परम आदरणीय कमल नयन दास जी महाराज का स्नेहिल आशीर्वाद और दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
उनके सान्निध्य ने इस भव्य आयोजन को और भी पावन और मंगलमय बना दिया।
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अयोध्या की रामलीला - गाथा रघुनन्दन की!
अष्टम दिवस का मंचन -
जब जाम्बवन्त जी ने हनुमान जी को उनकी अपार शक्ति का स्मरण कराया।
फिर आरंभ हुई लंका यात्रा,
जहां लंकिनी से उनका सामना हुआ और पवन पुत्र हनुमान जी ने लंकिनी को दी मुक्ति,
और अंततः विभीषण मिलन का भावपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
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राम राम तेहिं सुमिरन कीन्हा। हृदयँ हरष कपि सज्जन चीन्हा॥
एहि सन सठि करिहउँ पहिचानी। साधु ते होइ न कारज हानी॥
भावार्थ : उन्होंने (विभीषण ने) राम नाम का स्मरण (उच्चारण) किया। हनुमानजी ने उन्हें सज्जन जाना और हृदय में हर्षित हुए। (हनुमानजी ने विचार किया कि) इनसे हठ करके (अपनी ओर से ही) परिचय करूँगा, क्योंकि साधु से कार्य की हानि नहीं होती।
🙏 राम नाम जिसने जपा, हनुमान ने उसे अपना लिया।
Ayodhya, Uttar Pradesh: President of Ayodhya Ramleela Subhash Malik says, "This is going to be the seventh edition of the Ayodhya Ramleela. With the blessings of Lord Ram, we are able to participate in this festival. With the blessings of Prime Minister Modi and our respected Chief Minister, this event is being organized. We offer our heartfelt obeisance and gratitude..."