ASAP TO JOIN THE 10th OCTOBER PROTESTS IN NEW DELHI
Across the country, thousands are raising their voices against the functioning of the Election Commission, demanding the resignation and prosecution of CEC Gyanesh Kumar.
क्या इस देश में आवाज़ उठाना भी गुनाह है? आज India Gate पर शांतिपूर्ण मार्च के दौरान हमारे नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इससे पहले जंतर-मंतर जाने वाले कार्यकर्ताओं को भी पुलिस द्वारा रोका गया। सवाल साफ है–अपने मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना क्या अपराध है
Gyanesh Kumar को इस्तीफा देना पड़ेगा! लोकतंत्र और देश के युवाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। कितना भी दबाव बना लो, Gyanesh Kumar का इस्तीफा लेकर रहेंगे! युवा झुकेगा नहीं, लोकतंत्र बिकेगा नहीं! 🇮🇳
सत्ता के आगे झुकी इनकी वर्दी है, पुलिस वाले नहीं, ये तानाशाही की गर्दी हैं। मेरा वोट, मेरी आवाज़ मेरा अधिकार है, देखो कैसे घसीट कर मुझे किया गिरफ्तार है! ✊🔥 . . .
लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
देश का युवा अपनी आवाज़ बुलंद करता रहेगा।
देश का युवा न झुकेगा, न डरेगा — लोकतंत्र के लिए ASAP का संघर्ष जारी रहेगा। 🇮🇳
Students have been detained by the Delhi Police near the Jantar Mantar protest site. People are being forcefully detained even before they enter the main protest site.
पुलिस हिरासत के बाद भी ASAP के छात्रों और संगठन के साथियों का जोश थाने पर भी बरकरार है। 🔥
आज दिल्ली के कई थानों में गूंज रहा है एक ही नारा—
“एक कचौड़ी, दो समोसा,
ज्ञानेश तेरा क्या भरोसा!”
आवाज़ को हिरासत में लिया जा सकता है, हौसले को नहीं।
आज गांधी जयंती के पावन अवसर पर हम गांधीजी के सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश के लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने जंतर-मंतर पहुँचे। लेकिन हमारी आवाज़ को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस ने हमें हिरासत में ले लिया। हम डरने वाले नहीं हैं।
हम झुकने वाले नहीं है