Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
कल पुणे में ‘छात्रों की गूँज’ के मंच से देश की बहू-बेटियों के सम्मान और उनके अधिकारों को समर्पित एक नई आवाज़ सुनाई दी। 🇮🇳
खास बात यह रही कि एक पूर्व भाजपा समर्थक ने बिना किसी संकोच के सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और राहुल गांधी से माफी मांगते हुए अपनी बात रखी।
बेरोजगारी, छात्रों का संघर्ष, न्यूनतम मजदूरी और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ हो रहे शोषण जैसे मुद्दों ने मंच से देश की वास्तविक तस्वीर सामने रखी।
यह अंजना ओम मोदी कोआखिर क्या हो गया है?
मुझे तो अपने कानो पर यकीन नहीं हो रहा कि सरकार के इशारे पर बजने वाला इनका भोंपू आज सत्ता के खिलाफ क्यो बजने लगा..
आप भी सुने ऐसा क्या हुआ हो सकता है या फिर कुछ होने वाला है।
जिस शख्स के साथ यह दरिंदगी की जा रही है, उसका अपराध यह है कि वह चिकन लेकर जा रहा था। दरिंदगी करने वाले ये दरिंदे हिंदू रक्षा दल के सदस्य हैं, जिसमें एक का नाम प्रिंस ठाकुर है। अगर @dgpup की @Uppolice@ghaziabadpolice इन दरिंदों को कानून का पाठ नहीं पढाती है, तो यह मानने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए कि पुलिस भी इन संगठनों की ही पदाधिकारी है।
Free Palestine 🇵🇸
एक ऐसी कोशिश जिसने दुख से घिरी इस जगह पर थोड़ी सी उम्मीद जगा दी और उन चेहरों पर मुस्कान ला दी जो दुनिया के बाकी बच्चों की तरह ही खुशी का अहसास करने के हकदार हैं।👇
हमने जय हिन्द, इंकलाब जिन्दाबाद, हिंदुस्तान जिन्दाबाद बोलकर देश के लिए जान दी और सेवा की, लेकिन हम देश को देवी मानकर पूजा नहीं करते।
जब-जब देश को जरूरत पड़ेगी हम देश के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए कभी ब्रिगेडियर उस्मान सहाब कभी वीर अब्दुल हमीद जी कभी कारगिल में आरिफ तो ऑपरेशन सिंदूर में सोफिया जी व संविधान योद्धा ओवैसी सहाब के रूप में देश के स्वाभिमान की रक्षा के लिए तत्पर रहेंगे।
झारखण्ड में बढ़ते मॉब लिंचिंग के मामलात पर मुस्लिम तंजीमों और समाजसेवी संगठनों का फूटा गुस्सा, हाल ही में हुए इमरोज़ अंसारी मामले में सरकार से जल्द कार्रवाई करने को कहा गया। इस मामले में @Mazhar4justice कि पहल काबिल-ए-तारीफ़ है.
मदर ऑफ डेमोक्रेसी में सत्ताधारी दल ‘दूसरे’ नागरिकों को मताधिकार से ही वंचित करने का षडयंत्र कर रही है। नागरिकों को वोट के अधिकार से वंचित कर देने से लोकतंत्र कितना मज़बूत होगा? क्या किसी लोकतंत्र में नागरिकों को उनके सबसे बड़े लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित कर देने से भी गंभीर अपराध कुछ और सकता है?
ये सभी लोग सत्ता का प्रसाद लेने के लिए प्रतियोगिता आयोजित कर रहे हैं कि कौन सबसे बड़ा भक्त है ?
अगर प्रेस क्लब के अंदर इस तरह की अंधभक्ती होती है तो यह शर्म की बात है
दिल्ली में मोदी चालीसा, उड़ा मजाक, हुई बेइज़्ज़ती : अशोक कुमार पांडे जी की रिपोर्ट