Patna : 31 अक्टूबर तक वेतनमान-राज्यकर्मी का दर्जा नहीं तो कामकाज ठप, बिहार के 20 हजार डाटा ऑपरेटरों का सरकार को अल्टीमेटम, देखिए संवाददाता रजनीश कुमार की रिपोर्ट।
#BiharNews#DataEntryOperator#News18BiharJharkhand
संविदा कर्मी पसीना बहाते हैं, लेकिन उनकी मेहनत की कमाई बिचौलियों की जेब में चली जाती है। अब इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है।
#prashantkishor#jansuraaj#bihar
Manpower Outsourcing Tender: IAS लॉबी में जीत की जंग है. दोनों ओर ही नहीं कई ओर हैं. लेकिन, सरकार भी इस बार Beltron को Urmila के कब्जे से मुक्त कराना चाहती है. बहुत बदनामी हो चुकी है. केस-मुकदमे भी. अविनाश सबको नचा देते हैं, कहा जाता है. श्रम विभाग में भी मामला फंस गया है. मुक्ति को बंद फाइलें तैयार हो रही है, लेकिन खरीद के तराजू का वजन भी बहुत बढ़ा दिया गया है. देखिए, आगे-आगे क्या होता है ?
@beltron कर्मियों का इंतज़ार क्या क़यामत तक चलेगा? मुझे उसको परमानेंट नहीं करने का कारण आज तक समझ नहीं आया. महत्वपूर्ण बात यह भी है कि अगर वे सीधे सरकारी विभाग के तहत आ जाते हैं तो सालाना 100 करोड़ की बचत भी हो सकती है.
@NitishKumar@SanjayJhaBihar
बेल्ट्रॉन में कार्यरत्त कर्मी का वेतन बढ़ाया गया लेकिन उसी के द्वारा कार्यरत्त पूरे बिहार के सभी सरकारी कार्यालय में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोगामर, आदि का वेतन बढ़ोतरी नहीं किया गया, आखिर क्यों ?
बार-बार @NitishKumar इन आईटी कर्मियों के साथ भेदभाव क्यों कर रही है
@RanaYashwant1 उक्त कृत के लिए @RanaYashwant1 सर को @deounion के पूरे टीम के तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद। अपने 20 हजार शोषित कर्मियों का फिर से आवाज उठाकर बहुत ही सराहनीय कार्य किए हैं। बिहार सरकार यदि समझ जाए तो अरबो रुपयों का राजस्व छती न हो और DEO को सही वेतन मिल सके। @NitishKumar@gadbihar
शनिवार को #Facts_n_Figures में
लंबे समय से हर शर्त पर खरा उतरने के बावजूद 20 साल से एक फैसले के इंतज़ार के खड़े 20 हज़ार #Beltron कर्मियों के लिए एक अभियान फिर. समझ से परे है सरकार के बेपरवाही और ऐसी नाइंसाफी.
न्यूज़ चैनल के हितों और ज़रूरतों के लिहाज से हर लड़ाई अभियान की तरह लड़ना संभव नहीं होता. बिहार में #Beltron कर्मियों के समायोजन के लिए मैंने इंडिया न्यूज़ पर कई शोज़ किए. उससे हलचल हुई. लेकिन नतीजा नहीं निकल पाया. बेल्ट्रोन कर्मियों की तरह कई और मामले हैं जिन पर मोर्चाबंदी समाधान के लिए ज़रूरी है. इसीलिए मैंने चैनल की जगह ख़ुद का अभियान छेड़ने का फ़ैसला किया. लंबे समय से मैं यह मानता रहा हूँ कि सिर्फ़ राजनीति की रस्सी थाम कर आप पत्रकारिता के साथ इंसाफ़ नहीं कर सकते. आम आदमी की बेहतरी की राह में बेहिसाब कबाड़ हैं. उनकी सफ़ाई भी ज़रूरी है.
#campaign #ranayashwant #youtube #forbetterindia
#बेल्ट्रॉन कर्मचारियों की माँग का मैंने लगातार समर्थन किया है. १५-२० साल से सरकारी दफ्तरों में ज़िम्मेदारी का काम निभाते रहे बीस हज़ार कर्मी किसी बारात में चोरी से खाना खाने आए लोगों की तरह हर वक्त भला क्यों डरे रहें? इम्तिहान देते हैं, इंटरव्यू देते हैं,नौकरी लेते हैं और ऐसी कि जब चाहें निकाल दें. अछूत सा बर्ताव क्यों होता रहा है जबकि उनके हाथ रोक देने से सरकार रुक जाएगी!
बेल्ट्रॉन कर्मी द्वारा विभागीय समायोजन, अपील एवं वेतन वृद्धि हेतु लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
अरबों रूपयों की राजस्व छती के बावजूद भी सरकार मांगों को पूरा नहीं कर रही तो इसमें सरकार की मिली भगत साफ दिखती है।
@NitishKumar@gadbihar@officecmbihar@iChiragPaswan@santoshmanjhi_
मैं बार-बार बिहार में #Beltron कर्मियों का सवाल उठाता रहता हूं. मुझे उम्मीद है कि उनके हालात के बारे में बात ठीक से रखी जाए और उनकी सेवाओं की अहमियत पर जनमत तैयार किया जाए, तो नीतीश कुमार की सरकार किसी ना किसी रोज उनको स्थाई करने का फैसला लेगी.
बेल्ट्रॉनकर्मियों की सारी तकलीफ की जड़ एक प्रायवेट कंपनी है, जिसके जरिए वेतन भी दिया जाता है. एक स्टेट पीएसयू में लंबे समय से एक प्राइवेट कंपनी सर्वेसर्वा बनकर कैसे बैठी है?
मेरे पास लोग जब अपनी स्थिति का कच्चा-चिट्ठा भेजते हैं तो लगता है कि यह सरासर नाइंसाफी है. फिर भी,उनके लिए कुछ बेहतर नहीं हो पाना,कई तरह की आशंका पैदा करता है.
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश, संविधान जैसे सर्वोच्च धर्मग्रंथ को सिर माथे रखकर,भविष्य के भारत को और सबल और सामर्थ्यवान बनाने की कामना करता है.
इस मौके पर मैं फिर से बिहार के राज्यपाल आरिफ मो. खान साहब और मुख्यममंत्री @NitishKumar जी से निवेदन करता हूं कि प्रदेश में #Beltron कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता साफ करे.
20 हजार लोग, वर्षों से अस्थाई तौर पर नौकरी कर रहे हैं. ये वे लोग हैं जो अपनी जिम्मेदारी निभाने में ना कोताही बरतते हैं और ना अयोग्य हैं. कई राज्यों में मैंने लाखों कर्मियों को स्थाई होते देखा है, बिहार सरकार को भी यह जरुरी फैसला करना चाहिए.
अपनी पत्रकारिता के लंबे करियर में इतना घुसकर चीजों के देखने-भालने के बाद किसी मांग के लिए इतनी पैरोकारी मैंने कभी नहीं की. जीवन ईमानदारी और लोकहित के आधार पर जिया है. पत्रकारिता को अपना धर्म माना है. बेल्ट्रॉनकर्मियों के हक में मैंने जितने शोज किए, उनका पक्ष रखा या फिर उनके साथ नाइंसाफी को लेकर आवाज उठाई- वे सभी उसी ईमानदारी, लोकहित और निजी धर्म के नाते.
देश जब गणतंत्र होने के 75 साल पूरे कर रहे हैं, संविधान जिन लोगों के हित की रक्षा की बात कहता है, उनमें बेल्ट्रॉनकर्मी भी आते हैं.
#BELTRON के जितने कर्मचारी हैं, लंबे समय से मुझसे अपने लिए एक अभियान की उम्मीद कर रहे हैं. व्यस्तताओं के कारण मैं उनकी लड़ाई का साथी नहीं बन पा रहा, लेकिन यह सच है कि वे अन्याय का शिकार हैं. उनकी लड़ाई कई वाजिब कारणों से सही है और अंजाम तक लड़ा जाना चाहिए. मैं तमाम तरह की जांच पड़ताल और रिसर्च के बाद इस राय पर हूँ कि वे जो माँग कर रहे हैं, उसके वे हकदार हैं. कई तरह की क़ुर्बानियों की बिनाह पर उनके हक़ की ख़ातिर लड़ना पड़े, तो लड़ना चाहिए.
#beltron #bihar #campaign
अभी हरियाणा सरकार ने उन सभी 120000 कर्मचारियों को स्थायी कर दिया जो पाँच साल से अधिक समय से काम कर रहे थे. मुझे समझ नहीं आ रहा कि बाकायदा परीक्षा से गुज़र कर 15-20 साल से नौकरी कर रहे #बेल्ट्रॉनकर्मियों को बिहार सरकार स्थायी क्यों नहीं कर रही!
@NitishKumar@SanjayJhaBihar
आज हमारे भारत देश के रीढ़ कही जाने वाली सबसे बड़ी पार्टी @BJP4India के नेता @samrat4bjp उपमुख्यमंत्री द्वारा सहयोग कार्यक्रम का हवाला देते हुए सत्य कहा है कि हर बिहारी की बात सुनी जाएगी. बस किया नहीं जाएगा। क्योंकि अगर करते तो आज #Beltron कर्मी सड़क पर नहीं होते। #सेवा_समायोजन
#Beltron के कर्मचारियों पर पहले एपिसोड में #indianews ने जो असलियत देखी उससे साफ है कि 20 हजार लोगों के साथ लंबे समय से नाइंसाफी चल रही है. सोमवार को हम आपको दिखाने जा रहे हैं कि बेल्ट्रॉन और उर्मिला के बीच किस तरह का कांट्रैक्ट है और उस कांट्रैक्ट की आड़ में कैसी धांधली होती है