@DainikBhaskar
(Ex- assistant manager ) (#संपादक @Morningmessage5
MA-JMC-(Haridev Joshi University of Journalism and Mass Communication
Rajasthan @HJUjaipur..
9 वे दिन भी नहीं मिला भावेश का कोई सुराग।
पुलिस, SDRF, वन विभाग और ग्रामीण लगातार कर रहे हैं तलाश। आज बालेश्वर कुंड ओर पहाड़ी क्षेत्र सहित अनेक स्थानों पर की तलाश। लेकिन भावेश का 9 वे दिन भी नहीं लगा कोई सुराग।
हिंगलाज माता मंदिर से लापता बच्चे का सुराग नहीं लगा जयपुर रेंज आईजी @rahulprakashIPS ने बुधवार को 150 पुलिसकर्मियों और @SDRFRaj की टीम द्वारा 5 किलोमीटर के दायरे में घने जंगल की तलाशी के लिए मेगा सर्च ऑपरेशन के निर्देश दिए हैं।
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#Jaipur: 30 मई को रखा जाएगा अधिक मास पूर्णिमा व्रत
31 मई को किया जाएगा स्नान और दान, भगवान विष्णु और चंद्र देव की कृपा का विशेष दिन, पूर्णिमा पर पूजा-पाठ और दान का...
राजकीय जिला अस्पताल में पीएमओ की कार्रवाई PMO डॉ.जलदीप ने नर्सिंग अधीक्षक को एपीओ किया, नर्सिंग अधीक्षक को लगाया ज्वाइन डायरेक्टर कार्यालय, गलत रिपोर्ट पेश करने, आदेशों की अवहेलना करने और बदतमीजी का आरोप, PMO की कार्रवाई से नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मचा
#Alwar#लक्ष्मणगढ़: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर फिर हादसा
आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी तेज रफ्तार कार, हादसे में कार में सवार तीन साल के मासूम की मौके पर ही मौत, कार में सवार पति-पत्नी मां बेटी घायल बालाजी के दर्शन कर वापस दिल्ली से लौट रहे थे।
#Alwar#टपूकड़ा: फिर सुलगी अवैध पटाखे बनाने वाली बंद फैक्ट्री
फैक्ट्री में सील करके रखे गए पटाखों में लगी आग, कुछ दिन पहले भी फैक्ट्री में लगी थी अपने आप आग, पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री की थी सीज, लेकिन आज बंद फैक्ट्री में वापस लगी आग, सूचना पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची
#BreakingNews | पश्चिम बंगाल के फलता उपचुनाव में BJP को बड़ी जीत मिली है, जिसमें देबांग्शु पांडा ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। जीत का जश्न शुरू हो गया है, और उन्होंने मतदाताओं को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए इसे बदलाव और विकास का जनादेश बताया है।
जालौर जिले के भीनमाल का है जहां दिनदहाड़े एक युवक पर ताबड़तोड़ हमला और गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है हालांकि शाम को करीब 4 बजे की घटना बताई जा रही है पुलिस ने इस पर क्या कार्यवाही की है इसका तो पता नहीं लेकिन बदमाश कितने बेखौफ है इस वीडियो से अंदाजा लगाया जा सकता है ।
यहां गैर-जिम्मेदार कौन?
बायोमेट्रिक हाजिरी के विरोध को "गुलाबी लहर" का रंग देकर क्या साबित करेंगे हम???
दिल पर हाथ रखकर ईमानदारी से बताइएगा।
कितने अधिकारी-कर्मचारी हैं जो समय पर दफ्तर आते हैं या आना चाहते हैं? ईमानदारी से बताइएगा कि सरकारी दफ्तरों में आपके काम कितने आराम से और कितने समयबद्ध तरीके से हो जाते हैं? प्रशासनिक सुधार विभाग की टीमें जब कभी किसी सरकारी दफ्तर का निरीक्षण करती है, बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी गैर हाजिर ही क्यों मिलते हैं?
क्या हमारी सरकारी मशीनरी के निकम्मेपन से हम लोग अनजान हैं? बात सिर्फ सहकारिता विभाग की ही नहीं है, आप किसी भी सरकारी विभाग में बिना जानकारी, बिना सिफारिश के अपना काम लेकर चले जाइए, और नियमानुसार अपना काम करके दिखा दीजिए। अगर हो गया तो किसी आश्चर्य से कम नहीं होगा। अगर हो गया तो आदमी इस बात को सौ जगह बताएगा जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। लेकिन क्यों? क्योंकि हमारा सरकारी ढर्रा है ही ऐसा ही।
तो फिर सहकारिता विभाग में क्या हुआ ऐसा?
यह कौन अफसर है जो सहकारिता विभाग में बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के लिए मजबूर करना चाहता है अफसरों-कर्मचारियों को टाइम पर ऑफिस बुलाने की हिमाकत कैसे कर रहा है? इस देश में ऐसे लोगों की क्या जरूरत है और कहां जगह है? सवाल तो पूछा ही जाना चाहिए ना?
सूत्रों से जानकारी लेने की कोशिश हमने भी की
पता चला कि एक मीटिंग हुई थी। बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने को लेकर। अब बायोमेट्रिक हाजिरी तो कोई भी लगाना नहीं ही चाहेगा। उस मीटिंग में सहकारिता विभाग के सचिव समित शर्मा ने छुट्टियां गिनाई थीं। जितने भी प्रकार की छुट्टियां कर्मचारियों को मिलती हैं, उन सब का नाम उन्होंने लिया था। उसी में एक अबॉर्शन लीव भी थी। बस, उसी को बना दिया मुद्दा और खबर आपके सामने है। इसी को अखबार में गुलाबी बैकग्राउंड देकर ऐसे छापा गया है, मानो सहकारिता विभाग में कुछ बहुत बड़ा महिला विरोधी अभियान सरकारी स्तर पर चल रहा है। किसी सरकारी विभाग में किसी सुधार के प्रयास को क्या खबरों को "रंग" देकर इस तरह हतोत्साहित किया जाना चाहिए? मीडिया को सुधार में सहायक की भूमिका में होना चाहिए या बाधक बनना चाहिए, यह मीडिया के विवेक पर ही निर्भर करेगा क्योंकि मीडिया स्वतंत्र है। लेकिन मीडिया की जिम्मेदारी हम सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा होती है।
फिर इतना "बुरा" अफसर कौन है?
डॉ. समित शर्मा के बारे में मैंने काफी कुछ सुना है। वे थोड़े ज्यादा ही सख्त हैं। खासतौर पर इंटीग्रिटी और डिसिप्लिन के मामले में। नागौर और चित्तौड़गढ़ जिलों में वे कलेक्टर रहे हैं। जब चित्तौड़गढ़ से उनका तबादला हुआ तो 5 दिन जिला बंद रहा था और जब नागौर से उनका तबादला हुआ तो 3 दिन तक बंद रहा। यह तथ्य है। जिले के लोग उनके तबादले से नाराज़ हो गये थे और सरकारी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली थी।
वे महिला एवं बाल विकास विभाग में भी रहे थे। इस विभाग में फील्ड वर्क ज्यादा होता है तो वहां उन्होंने व्हाट्सएप पर हाजिरी (फील्ड से सेल्फी और करंट गूगल लोकेशन) का सिस्टम डेवलप किया था। वे जोधपुर में संभागीय आयुक्त बनकर आए थे और यहां भी ज्यादा निरीक्षण करने पर अधिकारी-कर्मचारी असहज हो गए। उस वक्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थे तो प्रभावशाली लोगों ने प्रयास करके 4 महीने में ही तबदला करवा दिया। इसके बाद भी अलग-अलग विभागों से समित शर्मा की विदाई बहुत जल्दी होती रही है क्योंकि सुधार को कौन स्वीकार करेगा?
लेकिन ध्यान रहे, इस तरह के एजेंडा से डरकर सुधार के प्रयास बंद नहीं होने चाहिए। सिस्टम समझौतों से नहीं चलता है।
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नीमकाथाना के भूदोली क्षेत्र में देर रात झोपड़ी में आग लगने से घरेलू सामान, बाइक, गेहूं की बोरियां जलकर राख हो गईं। हादसे में दो बकरियां जिंदा जल गईं, एक भैंस झुलस गई। पीड़ित परिवार को करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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@arvindchotia
गुरुदेव श्री अरविंद चोटिया जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अनंत मंगलकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रहें, तथा आपका स्नेह और आशीर्वाद हम पर यूँ ही बना रहे। 🎂🙏
यह उन हजारों गरीब लोगों की आवाज है जो सरकारी अस्पतालों में भरोसा लेकर जाते हैं।
अगर मीडिया सवाल नहीं उठाएगा तो सिस्टम जवाब नहीं देगा। पत्रकारिता का काम सिर्फ खबर छापना नहीं, व्यवस्था को आईना दिखाना भी है।
#नीमकाथाना#healthcare#rajasthan#Journalism#PublicHealth
@ASHOKSWAMI02@zeerajasthan_#sikar नीमकाथाना : ढाणी कैराला (बबाई) खेतड़ी की यशमिता चौधरी पुत्री विजय लाम्बा & गीता देवी ने 10वीं में 99% मार्क्स (594/600) हासिल किये, बहुत बहुत शुभकामनाएं और आशीर्वाद