जैसे सत्ताधारी, वैसे अधिकारी!
नैतिकता की सीमा लांघकर, निजता का अतिक्रमण करनेवाली उप्र सरकार की पुलिस का ये ‘अपशब्द वचनीय मौखिक शारीरिक व्यवहार’ किससे प्रेरित है, ये सब जानते हैं।
अब पुलिस का ये ही कहना बाक़ी है कि ‘हम किसी नियम-क़ानून को मानने के मूड में नहीं है।
बिहार के जमुई में एक बेटी के साथ जो हैवानियत सामने आई है, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर माफ़ी माँगनी चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए।
अभी पिछले ही साल की तो बात है - बिहार में प्रधानमंत्री जी के भाषणों में बार-बार ‘जंगलराज’ का जिक्र होता था। आज बिहार में उनकी ही NDA सरकार है और एक बेटी सड़क पर हाथ जोड़कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रही है।
जब ‘जंगलराज’ पर वोट माँगा था, तो आज बेटियों की सुरक्षा पर जवाब भी देना होगा। जवाबदेही केवल राज्य सरकार की नहीं, प्रधानमंत्री से भी सवाल पूछा जाएगा।
Jaunpur में Sandeep Yadav ने जमीन विवाद सुलझाने के लिए वो किया जो बड़े-बड़े DM-SP नहीं कर पाते! जौनपुर में खेत की मेड़ काटने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला बढ़ा तो पुलिस मौके पर पहुंची। कॉन्स्टेबल संदीप यादव ने कानूनी भाषा के बजाय गांव वालों को उनकी ही देसी बोली और अंदाज में समझाकर विवाद शांत कराने की कोशिश की। अब पुलिसकर्मी के इस देसी अंदाज की चर्चा हो रही है। #Jaunpur #UPNews #UttarPradesh #JaunpurNews #ZameenVivad #KhetKiMed #Police #SandeepYadav #UPPolice #VillageDispute #HindiNews #UPTak #madhuryadav #madhuryadavnews #Madhuryadavnews #Madhuryadavviral #madhuryadavonuptak
भाजपा की दलित विरोधी सोच ही उत्तराखण्ड में मंच धुलवाती है और नेता प्रतिपक्ष पर एफ़आइआर करवाती है। घोर निंदनीय!
भाजपा ने अपनी हार के पराजय-पत्र पर ख़ुद ही दस्तख़त कर दिये हैं।
PDA अब हर क्षेत्र में अपने हक़-अधिकार और उचित हिस्सेदारी की माँग करता है।
जब शिक्षा और रोज़गार का बड़ा हिस्सा निजी क्षेत्र में जा रहा है, तो सामाजिक न्याय का दायरा भी बढ़ना चाहिए। निजी क्षेत्र की शिक्षा और नौकरियों में भी आरक्षण लागू होना चाहिए।
‘गाँव’ गोद लेने की बात करनेवालों के बुरे दिन आ गये हैं, वो अब अपने ही ख़िलाफ़ हो रहे प्रोटेस्ट के ‘आंदोलनकारियों’ को गोद लेने पर मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री जी के सूचनार्थ-ज्ञानार्थ : P से Protest भी होता है।