NEET की परीक्षा NTA कराती है जिसका चैयरमैन है "प्रदीप कुमार जोशी" और
डायरेक्टर जनरल है "अभिषेक सिंह" कोई उनका इस्तीफा भी क्यो नहीं मांग रहा ???
पेपर लीक तो पहले भी बहुत हुए, लेकिन इसबार सब धर्मेंद्र प्रधान पर क्यों भड़के हुए इतना ??
जंतर-मंतर पर रात 2 बजे संसद मार्च से लौटे कॉकरोच जनता पार्टी के कुछ प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की योजना पर चर्चा करते दिखे।
शराब के नशे में धुत एक युवक ने ऑपइंडिया के कैमरे पर पूरी प्लानिंग बता दी है, आप भी देखिए
🚨77 दिन का मौन चीत्कार और भीड़तंत्र का बहरापन!
रवींद्र जठेड़ी जी पिछले 77 दिनों से भेदभावपूर्ण SC/ST एक्ट और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ आमरण अनशन पर हैं।
उनकी हालत दिन प्रतिदिन नाजुक होती जा रही है। लेकिन सबसे बड़ा और कड़वा सच यह है कि वह आज भी उतने ही अकेले हैं, जितने पहले दिन थे।
रवींद्र जी, आपको एक बहुत ही कठोर वास्तविकता समझनी होगी।
आप CJP के कोई 'दिपके' नहीं हैं। आपके पीछे कोई विदेशी फंडिंग, पीआर एजेंसी या मोमबत्ती लेकर घूमने वाला इकोसिस्टम नहीं है जो आपके लिए रातों रात नेशनल मीडिया को इकट्ठा कर ले।
और जिन कथित सवर्ण (GC) राजनीतिक संगठनों से आप उम्मीद लगाए बैठे हैं, वह भी कभी आपके समर्थन में नहीं आएंगे।
मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों की तरह ही, इन संगठनों को भी इस मुद्दे से सिर्फ अपना राजनीतिक स्वार्थ साधना है।
वह चाहते हैं कि यह मुद्दा सुलगता रहे ताकि उनकी दुकान चलती रहे।
जब कोई व्यक्ति सच में इस लड़ाई के लिए अपने प्राण दांव पर लगाता है, तो ये संगठन सबसे पहले गायब हो जाते हैं।
यह देश केवल भीड़तंत्र और शक्ति प्रदर्शन की भाषा समझता है।
जहां पीछे उग्र भीड़ नहीं होती, वहां सत्ता के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।
आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि कृपया अपना यह अनशन तुरंत समाप्त करें।
यह संवेदनहीन सिस्टम आपके इस बलिदान के लायक बिल्कुल नहीं है।
कृपया अपनी सेहत पर ध्यान दें, आपके प्राण आपके परिवार के लिए बहुत कीमती हैं। 🙏🚩
#RavindraJatheri #SystemFailure #RealityCheck #ReservationSystem
एक महिला ने दीपके पर स्याही फेंकी।
महिला: "मैं CJP की सदस्य हूँ। पुलिस के वांगचुक को दूसरी जगह ले जाने के बाद डिपके 5-स्टार होटल क्यों गए? डिपके 5-स्टार होटल में क्या कर रहे थे?"
प्रदर्शनकारी खुद ही अपनी असलियत सामने ला रहे हैं!!
जो लोग सरकार पर सवाल कर रहे हैं की सोनम वांगचुक को कैसे उठाया गया है जबकि ये सब कोर्ट के ऑर्डर के बाद किया गया है
वो कॉक्रोच देखे
साल 2011, दिल्ली के 'रामलीला मैदान' में 'बाबा रामदेव' काँग्रेस सरकार के खिलाफ 'काले धन' को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे
सभी आंदोलनकारी रात को आराम से सो रहे थे
तभी 'सोनिया गाँधी सरकार' ने 5 हज़ार पुलिस वालों को भेजकर सोते लोगों पर लाठीचार्ज करवा दिया था।