कल की तस्वीर बड़ी ही ख़तरनाक होगी, कब तक तूफ़ान को रोकोगे... कल कइयों के राष्ट्र धर्म, पार्टी निष्ठा और अनुशासन सब सड़क पर होंगे...
#निकाय_चुनाव@BJP4Rajasthan@BhajanlalBjp
*One Nation, One Time*
*Legal Metrology (Indian Standard Time) Rules, 2026 - 30 अगस्त 2026 को गजट में:*
*क्या है नया:*
- पूरे भारत में *सिर्फ IST (UTC+5:30) ही कानूनी समय* होगा - बैंक, रेलवे, टेलीकॉम, पावर ग्रिड, सरकारी रिकॉर्ड, डिजिटल पेमेंट सब जगह।
- अभी तक कई ISP/TSP GPS या foreign time source use करते थे, अब NPL (CSIR-NPL, फरीदाबाद) के atomic clock से ही sync करना होगा।
- NTP सर्वर NPL का होगा, सेकंड के 10 लाखवें हिस्से (microsecond) तक accuracy.
*कब से लागू:*
- *गजट नोटिफिकेशन के 180 दिन बाद* - यानी लगभग *26 फरवरी 2027* से अनिवार्य।
*क्यों जरूरी बताया सरकार ने:*
- Banking और UPI timestamp में fraud रोकना
- Railway, Airport, Power grid sync
- Telecom / Internet का भरोसेमंद चलना
- Emergency services का समन्वय
*अपवाद:*
- वैज्ञानिक, खगोलीय, नेविगेशन, defense research के लिए केंद्र की पूर्व अनुमति से दूसरा time reference use कर सकते हैं
ये 2009 के Legal Metrology Act के तहत बना है - high-power committee में ISRO, IIT Kanpur, NIC, CERT-In, SEBI, Railways सब थे।
निकाय चुनाव में निष्ठावान कार्यकर्ताओं का भविष्य नेता पुत्रों के हाथों में...
नेता पुत्र ले रहे जगह जगह बैठक...
बैठक में चहेते टिकितार्थी भी शामिल हुए, साथ ही बैठक में मंडल अध्यक्षों को भी तलब किया गया...
नेता पुत्र बन गए हैं कार्यकर्ताओं के भाग्यविधाता...
#नगर_निगम_चुनाव
#सत्ताधीशों_के_परिवार_का_संगठन_के_कार्यों_में_दखल_शर्मनाक
@BhajanlalBjp@BJP4Rajasthan@VasundharaBJP
प्रतिभा को कूड़ेदान में रखने वाला राष्ट्र कभी विकसित नहीं हो सकता आरक्षण को लेकर बड़ा सवाल है जो आरक्षण का समर्थन करते हैं वो कभी भी देशहित में नहीं सोच सकते हैं वे केवल अपने लिए ही सोचते हैं जिनका मकसद केवल अपने और अपने परिवार के लिए सरकारी सुविधाएं और नौकरी प्राप्त करना है और कुछ नहीं है इसके लिए सभी देशवासियों को सोचना होगा जो वाकई में आरक्षण के हकदार हैं उन्हें देना चाहिए जो हकदार नहीं हैं उन्हें नहीं मैं उन लोगों के खिलाफ हूं जो सालों से पीढ़ी दर पीढ़ी लाभ उठा रहे हैं उन्हें रोकना होगा तभी सबको लाभ होगा अन्यथा भेदभाव बढ़ता जाएगा ऐसे विषय में राजनीति नहीं होनी चाहिए जो राजनीति करते हैं उन्हें रोकना होगा तभी सबका भला होगा।
निकाय चुनाव में निष्ठावान कार्यकर्ताओं का भविष्य नेता पुत्रों के हाथों में...
नेता पुत्र ले रहे जगह जगह बैठक...
बैठक चहेते टिकितार्थी भी शामिल हुए, साथ ही बैठक में मंडल अध्यक्षों को भी तलब किया गया...
नेता पुत्र बन गए हैं कार्यकर्ताओं के भाग्यविधाता...
#नगर_निगम_चुनाव
#सत्ताधीशों_के_परिवार_का_संगठन_के_कार्यों_में_दखल_शर्मनाक
@RajCMO@BJP4Rajasthan
क्या यह संभव है ?
•सभी चैनल्स के प्राइम टाइम न्यूज एंकर्स रिजर्वेशन रिफॉर्म्स की बात का तर्कयुक्त समर्थन कर रहे हैं ।
मतलब ?
•सरकार रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का मन बना रही है । ऐसा हुआ तो बीजेपी आरक्षित वर्ग के एक बड़े और उपेक्षित धड़े को अपना समर्थक बना सकती है । जातीय जनगणना के ट्रंप कार्ड के जरिए कांग्रेस बीजेपी को घेर पाये ,इससे पहले ही SC/ST/OBC के एक बड़े हिस्से को बीजेपी समेट सकती है ।
०००
लेकिन बिहार ,उत्तरप्रदेश में OBC के यादव ,राजस्थान में जाट,यूपी ,बिहार में SC के पासवान ,मेघवाल,जाटव जैसे बड़े वोट बैंक खिलाफ एकजुट हुए तो ?
•ये वोटबैंक सामान्यतः बीजेपी के पक्ष में है ही नहीं । हरियाणा में जाट ,यूपी बिहार में यादव के खिलाफ गोलबंदी से तो बीजेपी लगातार जीत भी रही है । इसलिए यह डर नहीं । रही बात बीजेपी जानती है कि अटलजी द्वारा आरक्षण दिए जाने के बावजूद राजस्थान में कांग्रेस और हनुमान बेनीवाल जाट वोटर्स की पहली पसंद है । बीजेपी नहीं ।
०००
फिर एंकर्स की बहस की जरूरत क्यों ?
•ताकि प्रभावित और लाभान्वित जातियों के संभावित असर का आकलन किया जा सके ।
[सत्ता से नजदीकी रखने वाले एक विश्लेषक से सियासी संभावनाओं पर संवाद ।]
समझे कि नहीं ?
शहर के एक कोने में चिंगारी सुलग गई । चिंगारी ने जैसे जैसे भीषण आग का रूप लिया ,जनता भी आग बबूला होते हुए मौके पर पहुंचने लगी ।
अब सिस्टम चिंता में पड़ गया । आग बुझाएं कि लॉ एंड ऑर्डर संभालें । किसी ने कान में फूंक मार दी । दूसरे कोने में आग लगा दी गई ताकि भीड़ उधर चली जाये । सोचा इधर आग पर काबू पाकर उधर पा लेंगे । यहां आग बड़ी थी । वहां नई लगी थी सो वक्त लगना ही था । लेकिन आग तो आग है खुद तो नए सिरे पर भड़की ही ,भीड़ भी भड़क गई ।
दोनों छोर से आग शहर की तरफ बढ़ती गई । भीड़ और भड़क गई । अब सिस्टम आगे आगे था ,भीड़ पीछे पीछे । शहर तो जला सो जला ,सिस्टम का सिस्टम भी फुंककर राख हो गया ।
एक आंदोलन को दबाने के लिए नए आंदोलन खड़ा करना ,सियासतदानों का पुराना शगल है । लेकिन जब हर तरफ से जन विरोध भड़कता है तो न साहब बचते हैं ,न साहब की कुर्सी । वक्त पर नब्ज पहचानना और निदान ढूंढना ही सबसे बड़ा उपाय है ।
बदलिए ! बदलाव जरूरी है !!
इस तरह की प्रतिक्रिया " सिस्टम " को रोमांचित कर सकती है । लेकिन जब इसी तरह की प्रतिक्रिया जन आंदोलन को जन्म देती है तब न सिस्टम की साख बचती है ,न सरकार की ।
अच्छा हो कि सरकार खुद अपनी स्कूल बिल्डिंग्स की ऑडिट करे और युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य चालू करे । ये दौर सीमेंट ,कंक्रीट स्ट्रक्चर का नहीं ,उससे भी सत्तर फीसदी कम कीमत वाले आयरन स्ट्रक्चर का है । सस्ता और टिकाऊ निर्माण भी होगा और वक्त भी कम लगेगा । मनचाही डिजाइन दे सकेंगे वह अलग । तीस पैंतीस साल बाद उस आयरन की कीमत उतनी ही होगी ,जितनी कि अभी लागत ।
खुद बदलिए । जूतों के जोर से जन प्रतिरोध दबाना न उचित है । न खुद के हित में ।
CMO Rajasthan @RajCMO
Bhajanlal Sharma @Bhajanlalofc
Narendra Modi @narendramodi
PMO India @PMOIndia
*PIN कोड गया, अब आया DigiPIN*
भारतीय डाक विभाग ने पते के लिए नया सिस्टम लॉन्च कर दिया है। अब 6 अंकों वाले PIN कोड की जगह 10 अंकों का DigiPIN होगा।
*DigiPIN क्या है?*
- *10 अंकों का डिजिटल कोड* है जो आपके घर/दुकान की *सटीक लोकेशन* बताता है।
- *4 मीटर के दायरे* तक सटीक पता देता है, जबकि पुराना PIN कोड पूरे इलाके का होता था
- इसे *India Post + IIT हैदराबाद + NRSC + ISRO* ने मिलकर बनाया है।
- *ऑफलाइन भी काम करता है।*
*फायदे क्या होंगे?*
1. *डाक/पार्सल* सही घर तक पहुंचेंगे, गली-मोहल्ले में भटकना नहीं पड़ेगा।
2. *इमरजेंसी सेवाएं* - एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड को एकदम सही लोकेशन मिलेगी।
3. *ई-कॉमर्स डिलीवरी* तेज और सटीक होगी।
4. *गांव-दूरदराज के इलाकों* में भी पते की दिक्कत खत्म होगी।
*अपना DigiPIN कैसे पता करें?*
बहुत आसान है।
1. *वेबसाइट पर जाएं*: https://t.co/Q3jIcoX9wb
2. *मैप पर अपनी लोकेशन चुनें* या सर्च करें।
3. *10 अंकों का DigiPIN* स्क्रीन पर आ जाएगा।
बस उसे नोट करके अपने ऑनलाइन ऑर्डर, आधार, बैंक आदि में इस्तेमाल कर सकते हैं।
*PIN vs DigiPIN*
PIN कोड DigiPIN
अंक 6 अंक10 अंक
एरिया बड़ा इलाका कवर4 मीटर तक सटीक
कौन बनाया डाक विभागIndia Post + IIT + ISRO
मतलब अब "मकान नंबर 12, गली नंबर 3" लिखने की जरूरत कम होगी। DigiPIN डालते ही डिलीवरी वाला सीधा आपके दरवाजे पहुंच जाएगा।
कर्नाटक की एक लड़की ने ₹40 लाख के पैकेज वाले लड़के को सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिया क्योंकि उसने अपने Instagram bio में राहुल गांधी को अपना रोल मॉडल बताया था। 🤔
क्या जीवनसाथी चुनते समय किसी की राजनीतिक पसंद इतनी मायने रखनी चाहिए? आप क्या कहते हैं? 👇
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यदि आम इंसान राष्ट्रगीत का अपमान करे तो @DelhiPolice@jaipur_police@AhmedabadPolice या किसी भी शहर की एजेंसी या पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है लेकिन कांग्रेसी नमूनों द्वारा किया कृत्य शायद उन्हें नहीं दिखता, @narendramodi@AmitShah ऐसी बुजदिली आम लोगों पर लागू होती या कांग्रेस के नमूनों पर लागू होगी, हद है सारे नियम नेताओं पर लागू नहीं होते क्या?