"कल ACB की कार्रवाई के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही RPSC में कटारा की कहानी, कटारा की ही जुबानी सामने आ सकती है।
सीकर, चूरू, जोधपुर होते हुए बांसवाड़ा तक कई नामों की फुसफुसाहट सुनाई दे रही है। हालांकि सबसे ज्यादा निगाहें चूरू से जुड़े उस चेहरे पर टिकी हैं, जिसका नाम अभी सिर्फ कानाफूसियों में है।
राजभवन का आभार।
पूरे घटनाक्रम और तथ्यों पर गंभीरता से संज्ञान लिए जाने का सकारात्मक असर देखने को मिला। राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विशेष सिंडिकेट बैठक के जरिए मनमाने ढंग से कई एजेंडा पारित करवाने की कोशिशों पर आखिरकार विराम लग गया।
बैठक में केवल कुलपति (वीसी) सर्च कमेटी से जुड़े एजेंडे पर ही चर्चा हुई, जबकि उन सभी अन्य प्रस्तावों को वापस लेना पड़ा जिन पर सवाल उठ रहे थे और जिनके जरिए कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने की आशंका जताई जा रही थी।
यह निर्णय न केवल विश्वविद्यालय की पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समय रहते हस्तक्षेप होने पर संस्थागत प्रक्रियाओं की गरिमा और नियमों की रक्षा संभव है।
@ruthlessrathore @lucifer_ved संस्कृति ,भाषा,पहचान एक तुम्हारी है ।।।।क्या?
बाकी पत्थर है क्या इस राज्य के निवासी?
और तुम लागू करवाओ मारवाड़ी भाई?
जिनको दिक्कत है विरोध करेंगे?
प्रकृति का नियम है
ज्यादा लोड मत लो?
@ruthlessrathore @lucifer_ved हिटलर की कहां जरूरत है....जब अन्य कोई भाषा लागू नहीं है ....कई जिलों में मारवाड़ी बोली जा रही है....फिर भी तुम तर्क देते फिर रहे हो कि ....भाषा को बचाना है ?? वो कैसे खत्म हो रही है? बोलो ,पढ़ो ,लिखो, शोध करो उसमें?किसने रोका है?
@ruthlessrathore @lucifer_ved विद्वान आदमी ....इतनी सी बात समझ नहीं आती ...मेरे क्षेत्र में जो बोली नहीं बोली जाती ....उसको मै क्यूं पढ़ी, क्यों समर्थन दूं...!
@ruthlessrathore @lucifer_ved और...ये बताओ ये जो राजस्थानी लागू होगी इसमें ....शब्दावली....73 बोलियों की मिश्रित रूप वाली होगी क्या?...एक मानक भाषा!...मिक्स करके नई ही भाषा गढ़ रहे हो क्या?
और राजस्थान जितना आपका है उतना ही मेरा भी राज्य है। Up में कुछ रखकर भूल आए तो ....ले आओ भाई ...कई बार बार स्मरण रखते हो
@ruthlessrathore @lucifer_ved आप कन्नड़ लिख रहे हो क्या?? आप भी हिंदी भाषी ही हो? 1 से 12 तक मारवाड़ी में पढ़ी थी क्या phy geo eco
नौकरियों को हड़पनेजिनका है वो सब जान रहे हैं
.और रिश्तेदारी आप बड़े लोगों की होती है मगध,कन्नौज,कंधार जैसे प्रदेशों में हम किसान परिवार 5,10 कोस में ही रिश्तेदारी रखते है
@ruthlessrathore @lucifer_ved भाषा विज्ञान का नियम है कि जब भी किसी बड़े क्षेत्र के लिए कई बोलियों को मिलाकर एक मानक भाषा गढ़ी जाती है, तो सबसे ताकतवर या सबसे ज्यादा बोली जाने वाली बोली ,इस मामले में मारवाड़ी बाकी बोलियों को निगल जाएगी।
@ruthlessrathore @lucifer_ved साहित्य अकादमी जैसी संस्थाएं जब राजस्थानी भाषा के लिए पुरस्कार देती हैं, तो उसमें पश्चिमी राजस्थान (मारवाड़ी) और दक्षिणी राजस्थान (मेवाड़ी) की बोलियों से प्रभावित साहित्य का दबदबा अधिक रहता है।
@ruthlessrathore @lucifer_ved जब भी राजस्थानी भाषा को मानकीकृत करने या उसका व्याकरण बनाने के प्रयास हुए (जैसे पद्मश्री सीताराम लालस जी द्वारा रचित 'राजस्थानी सबद कोस'), उनका मुख्य आधार पश्चिमी राजस्थान और विशेषकर जोधपुर क्षेत्र की मारवाड़ी ही रही है
@ruthlessrathore @lucifer_ved शिक्षा में हमेशा एक "मानक भाषा" चुनी जाती है। अगर कल को राजस्थानी अनिवार्य हुई, तो पूर्वी राजस्थान के बच्चों को जबरन पश्चिमी राजस्थान की शब्दावली पढ़नी पड़ेगी, जो उनके लिए विदेशी भाषा जैसी होगी,ऐसा नहीं है कि एक पृष्ठ लिखना है तो ...2 लाइन अहीरवाटी,2 मेवाती,2 बृज,2 मारवाड़ी होंगी
@puran24 आधी से ज्यादा आबादी को .…...उनकी मातृ भाषा से इतर एक भाषा को स्वीकार करने के लिए......कहा जा रहा है.....
और ये विरोध आपको लिए .....विरोध ही नहीं है!!!!
जब चालकोई ये बात कहता है कि बाहरी लोगों को राजस्थान में घुसने से रोकना है इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं में राजस्थानी चाहिए!
इसके लिए इसे राजभाषा का दर्जा देना होगा,
तभी आपको इसे अपने ऊपर लागू करके देखना चाहिए की कहीं आप भी तो बाहर नहीं हो रहे हैं?
#राजस्थानी_राजभाषा_नहीं_चाहिए