1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अदम्य साहस का परिचय देते हुए 36 अंग्रेजी सैनिकों को मौत के घाट उतारने कर वाली वीरांगना माता उदा देवी पासी जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
कबीरा कुंआ एक हैं पानी भरैं अनेक।
बर्तन में ही भेद है, पानी सबमें एक।।
समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं भेदभाव के विरुद्ध जन-जागृति पैदा करने वाले महान समाज सुधारक, भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक, महान कवि "संत कबीर दास" जी के प्रकाश पर्व पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाए।
इन त्रासदियों को अभी न जाने कितनी सदियों तक सहना है हौंसला रखिए,
वे तुम्हें जीने नहीं देंगे, हम तुम्हें मरने नहीं देंगे!
अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय सामाजिक व्यवस्था में सबसे निचले पायदान पर खड़ी जातियों की पीड़ा, दुर्दशा और उत्पीड़न पर निर्भीकता से सवाल उठाने वाले महान लेखक ओम प्रकाश वाल्मीकि जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
सामाजिक क्रांति के योद्धा, आरक्षण के जनक, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज, कोल्हापुर के शासक बहुजन कुल के गौरव छत्रपति शाहूजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
महान देशभक्त, देश के पहले राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य, 'मसावात (बराबरी)' पत्रिका के संपादक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में पिछड़ों की हिस्सेदारी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अब्दुल कय्यूम अंसारी जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन व विनम्र आदरांजलि।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के बिलग्राम थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली है।
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि बच्ची 22 जून से लापता थी, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस ने उसी दिन शिकायत दर्ज नहीं की और अगले दिन एफआईआर दर्ज की। 28 जून को बच्ची के मिलने के बाद, परिजनों के अनुसार, उसे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। इसके बावजूद यदि उसका समय पर चिकित्सीय उपचार और मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया तथा महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डराने-धमकाने की भी शिकायत है। ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
परिजनों का यह भी आरोप है कि मामले में प्रारंभिक स्तर पर POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान भी लागू नहीं किए गए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर बेटियों को समय पर न्याय और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था कब मिलेगी?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पीड़िता को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और प्रभावी जांच कर सभी आवश्यक कानूनी प्रावधानों, जिनमें POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू होने वाली धाराएं भी शामिल हैं, के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही, संवेदनहीनता या अनुचित व्यवहार पर सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को शीघ्र न्याय मिले।
भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की हरदोई टीम शुरुआत से ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
@CMOfficeUP
हरियाणा के जिला पलवल के थाना सदर क्षेत्र के गाँव दिगौट में 26 जून को दलित परिवार पर हुआ जानलेवा हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और दलित समुदाय की सुरक्षा पर सीधा हमला है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, उनको जातिसूचक गालियाँ दी गईं और घर में घुसकर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी सहित घातक हथियारों से हमला किया गया, जिसमें परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए।
सबसे गंभीर बात यह है कि घटना को इतने दिन बीत जाने के बाद भी यदि मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं और पुलिस केवल अन्य लोगों की गिरफ्तारी कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है, तो यह न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल है।
मुख्यमंत्री @NayabSainiBJP, दलित परिवार पर खुलेआम हमला करने वालों को बचाने का कोई भी प्रयास कानून के शासन और संविधान की मूल भावना के साथ विश्वासघात होगा।
हम @cmohry में मांग करते हैं कि सभी नामजद और वास्तविक आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा, सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
दूसरों के जीवन के गहरे राज़ उजागर करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा, आज राम के नाम पर हुए इतने बड़े घोटाले के दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे हैं? 'जान के खतरे' का बहाना बनाकर नाम लेने से बचने का स्वांग रच रहे हैं। जब ईश्वर की पर्ची के नाम पर इतना बड़ा धार्मिक व्यापार खड़ा कर दिया, तो आज ईश्वर के घर में हुई इस कथित लूट पर बाबा के चमत्कारिक दावे कहाँ गायब हो गए?
सच तो यह है कि चमत्कार के नाम पर सदियों से जनता को मूर्ख बनाया जाता रहा है। अब लोगों को समझ जाना चाहिए कि न्याय धर्मग्रंथों या पर्चियों से नहीं, बल्कि देश के संविधान, कानून और पुलिस की जांच से ही मिलेगा।
माननीय @nitin_gadkari जी, सड़क हादसों के लिए केवल "मानव व्यवहार" को जिम्मेदार बताना अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने जैसा है। देशभर में बदहाल सड़क इंजीनियरिंग, ब्लैक स्पॉट्स, अवैध कट, असुरक्षित मर्जर प्वाइंट और लचर ट्रैफिक प्रबंधन हर साल हजारों लोगों की जान ले रहे हैं। जनता पर उंगली उठाने से पहले सरकार अपनी नाकामियों का जवाब दे।
@MORTHIndia
उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के ग्राम बंधवा मजरे रेसी में जातंकवादी द्वारा जानवर चराने गए दलित युवक चन्द्रशेखर सरोज से बेवजह गला दबाकर बेरहमी से मारपीट करने और इतना ही नहीं, उसी रात करीब 1:40 बजे पीड़ित परिवार के घर में आग लगाने, जिससे उनका छप्पर पूरी तरह जलकर राख हो गया। परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है।
जातंकवादी के हौसले इतने बुलंद थे कि नशे की हालत में आए दिन जान से मारने की धमकी देता था।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह घटना केवल एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि आपके राज में समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि-आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, आगजनी से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
@CMOfficeUP
हालिया हुई बेमौसम बारिश, तेज हवाओं, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने उत्तर प्रदेश में जन-धन का भारी नुकसान पहुंचाया है। रबी की तैयार फसलें खेतों में बिछ गई हैं और किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। गेहूं, सरसों, आलू, चना और दलहन फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है।
प्रदेशभर में बिजली गिरने व हादसों में कम से कम 11 लोगों की मौत बेहद दुखद है। फसल बर्बादी का सदमा किसानों पर भारी पड़ रहा है। बांदा में 50 वर्षीय किसान उद्र प्रताप यादव की मृत्यु ने स्थिति की गंभीरता को और उजागर कर दिया है।
जमीनी नुकसान साफ दिखने के बावजूद कई जगह अफसर “क्षति नहीं” बता रहे हैं ।यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।
@UPGovt से हमारी मांगें:- तत्काल फसल क्षति का पारदर्शी सर्वे, प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा, मृतकों के परिवारों को विशेष आर्थिक सहायता, फसल बीमा दावों का त्वरित निपटारा, लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
कन्नौज में राज्य मंत्री असीम अरुण जी के साथ भाजपा के “डबल इंजन” वाले मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के राज में हुआ यह व्यवहार केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर बैठी जातिगत मानसिकता का खुला प्रदर्शन है।
समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री जो खुद प्रशासनिक सेवा से आए एक अनुशासित अधिकारी रहे हैं उन्हें मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया जाता है, लेकिन 45 मिनट तक इंतजार कराया जाता है, कार्यक्रम को किसी और के आने से जोड़ा जाता है, और अंत में उन्हें बिना कार्यक्रम के लौटना पड़ता है।
यह कोई पहली घटना नहीं है। भूतपूर्व राज्यपाल और वर्तमान कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य जी के साथ भी आगरा में 8 सितंबर 2025 को यही प्रशासनिक असंवेदनशीलता देखने को मिली। किसान बैठक बुलाई गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पहुंचे ही नहीं। नाराज होकर मंत्री को बैठक स्थगित करनी पड़ी।
यानी तस्वीर साफ है एक जगह मंत्री को बुलाकर इंतजार कराया जाता है दूसरी जगह मंत्री के बुलाने के बावजूद अधिकारी किसानों की सुनवाई से दूर रहते हैं।
आखिर किसके इशारे पर चुनिंदा ब्यूरोक्रेट्स जनप्रतिनिधियों पर इतने हावी होते जा रहे है?
क्या इस तथाकथित ‘रामराज्य’ में संवैधानिक पदों का सम्मान भी अब वर्ण व्यवस्था से तय किया जा रहा है?
सोचिए जो सरकार दलित समाज से आने वाले अपने ही मंत्रियों को सम्मान नहीं दे सकती तो आम दलितों-पिछड़ों का इस सरकार में क्या हश्र होगा?
उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं (राशन डीलरों) का लाभांश 90 पैसे प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति किलोग्राम किए जाने एवं निश्चित मानदेय की व्यवस्था के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
विधायिका के सदनों में "महिला आरक्षण" के संदर्भ में हमारी राय ये है-
1. एससी, एसटी वर्गों के लिए वर्तमान में आरक्षित सीटों को छोड़कर, बाकी जनरल सीटों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में "महिला आरक्षण के भीतर आरक्षण" होना चाहिए।
2. सरकार अगर वास्तिविकता में इन वर्गों की महिलाओं का सशक्तिकरण चाहती है तो एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं के लिए सभी सदनों- लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद में भी सीटों के आरक्षण की व्यवस्था लागू करे।
यह लागू किये बिना लोकतंत्र एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं के प्रतिनिधित्व एवं सशक्तिकरण के मकसद को प्राप्त नहीं कर सकता!
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा कृषि विभाग में तकनीकी सहायक (AGTA) के 2759 पदों पर जारी भर्ती, बहुजन समाज के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
प्रदेश में लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुसार OBC को 27%, SC को 21% और ST को 2% आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन इस भर्ती में इन वर्गों के हकों को सुनियोजित तरीके से छीना गया है।
जहां OBC वर्ग को लगभग 745 सीटें मिलनी चाहिए थीं, वहां केवल 573 सीटें दी गईं यानी सैकड़ों सीटों की कटौती।
SC वर्ग को लगभग 579 सीटों के बजाय मात्र 213 सीटें देकर उनके अधिकारों का खुला हनन किया गया।
ST वर्ग को 55 सीटों के बजाय सिर्फ 6 सीटें देकर उनके अस्तित्व को ही नजरअंदाज कर दिया गया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आपके राज में यह बहुजन समाज को सरकारी नौकरियों से बाहर करने की सोची-समझी साजिश है। यह संविधान में निहित सामाजिक न्याय और समान अवसर के मूल सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं: -इस भर्ती की तुरंत निष्पक्ष समीक्षा की जाए।आरक्षण के निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सीटों का पुनः निर्धारण किया जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
यदि इस अन्याय को तुरंत नहीं सुधारा गया, तो बहुजन समाज सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।
@CMOfficeUP
राष्ट्र नायक, अखंड भारत के निर्माता एवं मानवता के प्रतिबिंब, चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक मौर्य जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं।
आप सभी सादर आमंत्रित हैं 🙏🙏
भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वाधान में 15 मार्च 2026 को मान्यवर कांशीराम साहब जी की जयंती एवं पार्टी के छठे स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित "संवैधानिक अधिकार बचाओ, भाईचारा बनाओ महारैली" को ऐतिहासिक बनाने के लिए गाँव-गाँव, मोहल्ले-मोहल्ले जनसंपर्क अभियान चलाएँ।
घर-घर जाकर मीटिंग करें, संवाद करें और अधिक से अधिक लोगों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
आइए, मिलकर परम पूज्य बाबा साहब और मान्यवर कांशीराम साहब के मिशन को आगे बढ़ाएँ।
संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और भाईचारे के लिए एकजुट हों और 15 मार्च को अपनी ताकत दिखाएँ।
🗓 दिनांक: 15 मार्च 2026, रविवार
🕐 समय: सुबह 10:00 बजे
📍 स्थान: हैदरगढ़ रोड़ निकट, किसान भट्टा बड़ेल मैदान, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश
🌟 मुख्य अतिथि:
माननीय एडवोकेट चन्द्र शेखर आज़ाद
सांसद – लोकसभा (नगीना, उ.प्र.)
संस्थापक – भीम आर्मी भारत एकता मिशन
राष्ट्रीय अध्यक्ष – आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
#15_मार्च_चलो_बाराबंकी #ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
उत्तर प्रदेश में पटरी दुकानदारों और नगर निगम के प्रवर्तन दल के बीच उत्पन्न हालात चिंताजनक हैं। हिंसा और अभद्रता किसी भी पक्ष से स्वीकार्य नहीं है। प्रशासनिक कार्रवाई और विरोध-दोनों संवैधानिक मर्यादाओं में होने चाहिए।
देश में रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापारियों की आजीविका की सुरक्षा के लिए पथ विक्रेताओं (आजीविका का संरक्षण एवं पथ विक्रय का विनियमन) अधिनियम, 2014 लागू है। साथ ही “प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना” के तहत 10,000 रुपए से 50,000 रुपए तक का कार्यशील पूंजी ऋण दिया जाता है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, स्वनिधि योजना में जितनी राशि मिलती है, उसमें किसी शॉपिंग मॉल में दुकान लेना संभव नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि नगर निकाय वैकल्पिक वेंडिंग जोन, किफायती दुकानें और संरक्षित बाजार स्थल उपलब्ध कराएँ, ताकि गरीब पटरी दुकानदार सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय कर सकें।
कानून और गरीब की रोजी-रोटी, दोनों की समान रूप से रक्षा होना ही सुशासन की सच्ची पहचान है।
@UPGovt@CMOfficeUP
उत्तर प्रदेश में दलित बेटियों के साथ हो रही दरिंदगी की घटनाएँ सिर्फ कानून व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का भी आईना हैं।
बलिया के गड़वार में 15 फरवरी को एक दलित किशोरी के साथ 5 जातिवादी मानसिकता ग्रस्त लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किया गया,भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की स्थानीय टीम के प्रयास के बाद कल FIR दर्ज हुई और आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दूसरी तरफ,जिला बांदा के अतर्रा कोतवाली क्षेत्र में एक होटल में बंधक बनाकर नशीला पदार्थ सुंघाकर 3 जातिवादी मानसिकता ग्रस्त लोगों द्वारा दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
ये घटनाएं अत्यंत शर्मनाक और दण्डनीय है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, क्या दलित समाज की बेटियों की सुरक्षा शासन की प्राथमिकता में नहीं है?
@UPGovt से हमारी माँग है-सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम व POCSO Act सहित सख्त धाराएं लगाई जाएं, फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर शीघ्र सजा दिलाई जाए। पीड़िता व परिवार को सुरक्षा, उपचार और कानूनी सहायता दी जाए तथा उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
बेटियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है। अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी समाज के साथ अन्याय होगी।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
25 फ़रवरी को जौनपुर में होने वाली महारैली को लेकर कल दिनांक 21 फरवरी को शाम 07:00 बजे लाइव रहूंगा।
सभी साथी मेरे ऑफिसियल फेसबुक पेज पर लाइव से जुड़े और संदेश को आगे पहुँचाएँ।
👉LIVE लिंक:
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जय भीम, जय मंडल, जय जोहार, जय भारत, जय संविधान
#25_फ़रवरी_चलो_जौनपुर
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