सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात्
न ब्रूयात् सत्यम् अप्रियम्।
प्रियं च नानृतम् ब्रूयात्
एष धर्मः सनातन:॥
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सत्य बोलिए, प्रेमपूर्वक!
सत्य बोलिए घृणा से नहीं।
प्रिय बोलिए मिथ्या नहीं।
यही सनातन धर्म है॥
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राह कच्ची एक अनजानी
चली जा रही वो दीवानी!
पाँव ईंट से जा टकराया
उसे जोर से गुस्सा आया!
🐞
सोचा सबक इसे सिखाऊँ
पटक इसके टुकड़े बनाऊँ!
गुस्से में आकर ईंट उठाई
चमकी किस्मत हुई कमाई!
🦋
ईंट उठा फिर घर ले आई
चंदन-रोली मस्त लगाई!
रटने लगी वो राधे-राधे
हुई ईंट ना आधे-आधे!
🧱
✍🏽 ~यश नोरा
🚨 BREAKING: The Cockroach Party is launching protests across the nation! 🪳✊ They can survive absolutely anything... well, almost anything.
Delhi? Yes! Bangalore? Yes! UP? Intense sweating and apology boards 🚜💥🤕😂
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Created by @Indian_BeeR
CC: @Cockroachisback@CJP_2029@Iyervval@Shehzad_Ind@abhijeet_dipke@ajeetbharti@AdityaRajKaul
#Satire #CockroachParty #IntellectuallyConfused #IC
फिरकी लेकर हूँ मैं आती,
गोल गोल हूँ तुम्हें नचाती!
🎡
कह सुनकर हूँ मैं फिर जाती,
लट्टू से मेरे चक्कर लगवाती!
🐞
तेरी गली में जाल बिछाती,
मीठे वादों की सैर कराती!
🎡
हाथ न आती, बस तरसाती,
फिरकी वाली मैं कहलाती!
🦋
✍🏽 ~यश नोरा
आद्यरूप ➠ इंद्र
ऋग्वेद [10.57.4]
🪷
मन आ प्र तनामह्या दुळभाय राधसे।
यथा नः शक्र क्रतुमान् असद् वशी॥
🪷
हे इन्द्रदेव!🙏🏽
हम अदम्य शक्ति और समृद्धि के लिए
अपने मन को पुनः आमंत्रित करते हैं,
जिससे हमारा मन ज्ञान से युक्त
एवं पूर्णतय नियंत्रण में रहे।
🪷
शतक्रतु ➠ नियमनं & अवगमनं 👇🏽
बिस्तर पर पड़ी,
तड़पती रही वो;
ढूंढती थी आँखें,
कहाँ हो कहाँ हो!
🪷
बुझने लगी पाँखे,
तो हाल नहीं पूछा;
जब बंद हुई साँसें,
तो गंगा-जल सुझा।
🪷
जीते-जी उसकी
रोटी भी थी भारी;
उस बूढ़ी माँ पर,
काज की तैयारी।
🪷
🐞 रिश्तों का व्यापार!
🦋 जीते-जी तिरस्कार, मरणोपरांत सत्कार।
✍🏽 ~यश नोरा