30 प्रतिभागी, 100 पौधे और एक साझा लक्ष्य :
एक हरा-भरा दिल्ली।
पूसा रोड स्थित DTEA सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों और स्टाफ़ ने 'मेगा प्लांटेशन ड्राइव' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दिया।
@HMOIndia@CMODelhi@mssirsa#EkPedMaaKeNaam#GreenDelhi
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में सरकारी स्कूल के 8 वर्षीय दलित छात्र के साथ हुई बर्बरता — न सिर्फ दलित विरोधी मानसिकता का घिनौना उदाहरण है, बल्कि पूरे समाज के विवेक पर कलंक है।
प्रधानाध्यापक और दो शिक्षकों ने दलित बच्चे को बार-बार पीटा, धमकाया और उसकी पैंट में बिच्छू डाल दिया!
सोचिए, एक मासूम बच्चा जिसने अभी जीवन की शुरुआत भी नहीं की — उसे जाति के नाम पर इतना दर्द दिया गया कि उसके कान से खून बह निकला।
यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, यह हमारे समाज के उस ज़हर की याद है जो अब तक खत्म नहीं हुआ है।
हम @CMOFFICEHP से माँग करते हैं कि —
1. तीनों आरोपियों को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए।
2. पीड़ित बच्चे को सरकारी सुरक्षा, इलाज और मुआवजा दिया जाए।
3. घटना की स्वतंत्र जांच हो और दोषियों पर SC/ST Act के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
@SukhuSukhvinder
उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर के तिलहर के मोहज्जमपुर गाँव में दबिश देने पहुँची पुलिस की कार्रवाई के दौरान बसपा के कटरा विधानसभा क्षेत्र के जोन प्रभारी दलित नेता सत्यभान जी की छत से गिरकर हुई मौत बेहद दुःखद, दण्डनीय और पुलिस अत्याचार की चरम सीमा है।
मृतक सत्यभान जी ने मरने से पहले वीडियो में दरोगा द्वारा जातिसूचक गाली-गलौज करने और धक्का देने का आरोप लगाया। एक दलित नेता पर पुलिस द्वारा की गई यह अमानवीय कार्रवाई कानून-व्यवस्था की विफलता और सत्ता के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण है।
हमारी संवेदनाएँ परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे, और अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई में हम पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि —
1. आरोपित दरोगा और संबंधित पुलिसकर्मी को तुरंत निलंबित कर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जाए।
2. मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
3 पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए तथा मृतक के बेटे पर दर्ज झूठा मुकदमा तत्काल वापस लिया जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की अभिरक्षा में दलित युवक संजय सोनकर की मौत कोई साधारण घटना नहीं — यह राज्य प्रायोजित जातीय हिंसा का भयावह उदाहरण है।
परिजनों के अनुसार, आरपीएफ कर्मी “सरसों के तेल की चोरी” के आरोप में संजय को पूछताछ के लिए ले गए थे। 12 घंटे बाद उसकी लाश मेडिकल कॉलेज में छोड़ दी गई — और आरोपित दरोगा व सिपाही फरार हो गए।
यह घटना अत्यंत दुखद और दण्डनीय है। हमारी संवेदनाएँ परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे, और अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई में हम पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
हम @RailwaySeva से मांग करते हैं —
1. सभी आरोपित आरपीएफ कर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।
2. पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और सुरक्षा दी जाए।
3. संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर SC/ST Act की धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
संजय सोनकर की मौत एक चेतावनी है — जब कानून के रखवाले ही हत्यारे बन जाएं, तब न्याय सिर्फ संघर्ष से मिलेगा।
@mygovindia@AshwiniVaishnaw@UPGovt@CMOfficeUP@myogiadityanath@RPF_INDIA@drmljn
3 नवंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर के थाना अहमदगढ़ क्षेत्र के एक गांव में दलित जनप्रतिनिधि एवं पूर्व प्रधान मुकेश खटिक जी की निर्मम हत्या अत्यंत दुखद और दण्डनीय है।
सबसे शर्मनाक और पीड़ादायक बात यह है कि लगभग एक वर्ष पूर्व उनके बेटे की हत्या के बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
न्याय की उम्मीद में जी रहे उसी परिवार के मुखिया की हत्या ने अब पूरे परिवार को एक और शोक में डुबो दिया है।
यह घटना उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।
हमारी संवेदनाएँ परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे, और अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई में हम पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि —
1. पूर्व प्रधान मुकेश खटिक की हत्या में शामिल सभी अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
2. दोनों हत्याओं (पुत्र और पिता) की निष्पक्ष जाँच की जाए।
3. पीड़ित परिवार को सुरक्षा, सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए।
4. थाना स्तर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के जिला जालौन के कोंच थाना क्षेत्र में दलित युवक महेश अहिरवार की गोली मारकर हत्या की घटना अत्यंत दुखद और दण्डनीय है।
परिजनों के अनुसार, होटल में महेश को जबरन काम पर लगाने का दबाव बनाया गया, और मना करने पर होटल मालिक, उसके परिजनों सहित स्थानीय भाजपा नेता द्वारा 29 अक्टूबर 2025 की रात गोली मारकर हत्या कर दी।
लेकिन इतनी बड़ी और जघन्य घटना के बाद भी अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना, प्रशासन की संवेदनहीनता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह घटना केवल एक दलित युवक की हत्या नहीं, बल्कि जातिगत अहंकार, दलित समाज के प्रति भेदभावपूर्ण रवैये और सत्ता के संरक्षण में पनप रहे अत्याचारों का प्रतीक है। यह अत्यंत शर्मनाक है।
हमारी संवेदनाएँ परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे, और अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई में हम पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
हम @UPGovt से मांग करते हैं —
1. सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
3. पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा और सुरक्षा दी जाए।
4. मृतक महेश के परिवार को सरकारी खर्च पर न्यायिक सहायता और नौकरी प्रदान की जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
देश में एक ऐसी पार्टी है जो चुनाव के समय जहां झुग्गी वहीं मकान देने के वादे तो करती है पर चुनाव जीतने के बाद उन्हीं के मकान छीन लेती है।
वही दूसरी तरफ जननायक @RahulGandhi जी है जो बिना किसी दिखावे के बिना किसी चर्चा में आए और बिना कोई वादा किए दशरथ मांझी के परिवार को मकान बना कर दे रहे है ! ♥️
@INCIndia
राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले और क्रान्तिज्योति राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के संघर्ष और समर्पण पर आधारित फिल्म 'फुले' अब देशभर में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
यह वही प्रेरणादायी महान युगल हैं जिन्हें भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी अपने आदर्शों में स्थान देते थे। हमने दो दिन (28 अप्रैल 2025 को ) पहले @mygovindia से माँग की कि 'फुले' फिल्म को टैक्स फ्री किया जाए, ताकि यह प्रेरणादायी कथा समाज के वंचित, शोषित और गरीब तबकों तक सहज पहुँच सके।
अब हम यह माँग विपक्ष शासित राज्यों की सरकारों से भी करते हैं — पंजाब (AAP), पश्चिम बंगाल (TMC), तमिलनाडु (DMK), झारखंड (JMM-Congress-Rjd), केरल (LDF), तेलंगाना (Congress), हिमाचल प्रदेश (Congress) —
कि वे अपने-अपने राज्यों में 'फुले' फिल्म को टैक्स फ्री घोषित करें।
फुले दंपती की शिक्षा, समानता और बहुजन हित की विचारधारा आज भी समाज में परिवर्तन की प्रेरणा है। यह फिल्म महिलाओं, छात्रों, मजदूरों, किसानों, दलित-पिछड़ों और वंचित समाज के लिए एक आईना है।
यह समय है कि हम अपने असली नायकों को सम्मान दें, और उनकी प्रेरणा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएं।
माo @BhagwantMann जी, मुख्यमंत्री पंजाब (@AamAadmiParty)
माo @MamataOfficial जी, मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल (@AITCofficial)
माo @mkstalin जी, मुख्यमंत्री तमिलनाडु (@arivalayam)
माo @HemantSorenJMM जी, मुख्यमंत्री झारखंड (@JharkhandJMM / @INCIndia / @RJDforIndia )
माo @pinarayivijayan जी, मुख्यमंत्री केरल (@CPIMKerala)
माo @Revanth_Anumula जी, मुख्यमंत्री तेलंगाना (@INCTelangana)
माo @siddaramaiah जी, मुख्यमंत्री कर्नाटक (@INCKarnataka)
माo @SukhuSukhvinder जी, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश (@INCHimachal)
फिल्म 'फुले' की टीम को भी हम साधुवाद , बधाई एवँ मंगलकामनाएं देते हैं —
निर्देशक: @AnanthVMahadevan
निर्माता: @ManavDurgaFilms / @ZeeStudios_
मुख्य अभिनेता: @pratikg80
मुख्य अभिनेत्री: @Patralekhaa
जय भीम! जय फुले!
#PhuleTaxFree #समानताकाअभियान #PhuleMovie #SocialJustice #जयफुले
@Uppolice एटा के थाना निधोली क्षेत्र के गांव रामनगर में ममता नाम की 42 वर्षीय अनुसूचित धोबी जाति की महिला के साथ बलात्कार कर हत्या की घटना को अंजाम दिया जल्द ही आरोपियों के खिलाफ उचित कारवाही करें अन्यथा #गाडगे_यूथ_ब्रिगेड जल्द ही बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगा
@Etahpolice@dgpup
उत्तर प्रदेश के जनपद प्रयागराज के थाना करछना क्षेत्र में कल, 12 अप्रैल 2025 की रात 10 बजे, जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त कुछ गुंडे बहुजन युवक देवी शंकर को बोझा ढोने के बहाने घर से बुलाकर ले गए। आज सुबह 5:30 बजे, गांव के पूरब स्थित महुआ के बाग में उसकी जली हुई लाश मिली।
यह कोई हादसा नहीं, बल्कि जातिवादी नफरत से भरे दरिंदों द्वारा की गई सुनियोजित हत्या है। आरोपियों ने पेट्रोल डालकर देवी शंकर को ज़िंदा जला दिया।
जातिवादी आतंक यहीं नहीं रुका — आज सुबह मृतक के घर पहुंचकर उसकी माँ और बहनों को गालियाँ दी गईं और धमकाया गया कि, “चमार मादर… सालों को ऐसे ही बारी-बारी से ज़िंदा जलाकर मारेंगे!”
यह घटना अत्यंत दुखद और दंडनीय होने के साथ-साथ, जातिवादी हैवानियत और मृतप्राय कानून व्यवस्था का जीवंत प्रमाण है।
मैं मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से पूछना चाहता हूँ : क्या दलित होना अब गुनाह है? कहाँ है कानून? कहाँ है संविधान? क्या प्रशासन इस नरसंहार की खुली चुनौती को स्वीकार करेगा या मौन रहेगा?
मैं @UPGovt से माँग करता हूँ:-
1. सभी हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
2. हत्या, षड्यंत्र और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की कठोरतम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
3. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।
4. पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा, समुचित मुआवज़ा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
पूरे गांव में भय का माहौल समाप्त कर, दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
@CMOfficeUP
विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी,
नीति बिना गति गयी, गति बिना वित्त गया,
वित्त बिना शूद गये, इतने अनर्थ, एक अविद्या ने किये।
महिलाओं के उत्थान व शिक्षा के लिए सदैव संघर्षरत, महान लेखक क्रांतिसूर्य महात्मा राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
"विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी, नीति बिना गति गयी,गति बिना धन गया और धन के आभाव में हम गरीब व गुलाम हुए और सब ज्ञान के आभाव में हुआ !"
सामाजिक क्रांति के अग्रदूत, नारी शिक्षा और समानता के अधिकार के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन 🙏
#JyotibaRaoPhule
आइए झुक कर सलाम करें उनको, जिनके हिस्से में यह मुकाम आता है।
बहुत खुशनसीब होते हैं वह योद्धा, जिनका लहू मिशन के काम आता है।
2 अप्रैल बहुजनों के ऐतिहासिक आंदोलन में बलिदान हुए हमारे वीर शहीदों को नमन, आप सब हमारे दिलों में हमेशा जिंदा है और रहेंगे।
#2अप्रैल_बलिदान_दिवस
20 मार्च 1927 को बाबा साहब ने चवदार तालाब में पानी पीने के लिए महाड़ सत्याग्रह आंदोलन किया था। यह लड़ाई मानव अधिकारों की लड़ाई थी। इस ऐतिहासिक संघर्ष दिवस की आप सभी को हार्दिक मंगलकामनाएं।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन कोतवाली क्षेत्र में 14 साल की मासूम दलित बच्ची का शव पेड़ से लटका मिला। तीन दिन से लापता इस बच्ची के परिजनों का साफ कहना है कि उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। यह घटना अत्यंत दुखद, शर्मनाक और दंडनीय है।
@myogiadityanath जी, क्या यूपी में दलित बेटियाँ सिर्फ मरने के लिए पैदा हो रही हैं?
हमारी माँगें:
1. मामले की निष्पक्ष जाँच हो।
2. सभी दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए।
3. पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा और आर्थिक मदद दी जाए।
@UPGovt@CMOfficeUP
वाराणसी कारागार में तैनात डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया जो की दलित समाज से आती हैं लगातार जेल अधीक्षक उमेश सिंह इनको प्रताड़ित कर रहे हैं और जातिसूचक गाली देते हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद भी कारवाई नहीं हुई। @Uppolice@CMOfficeUP@rashtrapatibhvn