भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सहित देश में लगभग 20 लाख ऐसे शिक्षक जो आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त हुए हैं उन पर टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु 4 अप्रैल को रामलीला मैदान दिल्ली में हुई रैली के बाद आज टीएफआई के प्राधिनिधि मण्डल की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी के साथ श्री पंकज चौधरी जी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उ प्र एवं मा वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार से विस्तृत वार्ता हुई ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश के लाखों शिक्षकों पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचाने हेतु कानून बनाने की पूरी पैरवी की गई ।मा प्रदेश अध्यक्ष जी ने शीघ्र ही शीर्ष नेतृत्व से वार्ता एवं समाधान हेतु आश्वस्त किया ।प्रतिनिधि में टीएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संजय सिंह एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी उपस्थित रहे ।
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