प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जिस तथाकथित मीडियाकर्मी ने हंगामा किया है, वो @SureshChavhanke के चैनल में कार्यरत है। @Jour_Nadeem ने उस नफ़रती रिपोर्टर को मौके पर ही Expose कर दिया।
breaking: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की Habeas Corpus याचिका पर आज तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जताई है
ये इन लोगो की इतनी जल्दी सुनवाई कैसे हो जाती है जब की कई लोग सालो से सड़ रहे है जेलो में . इनके वकील अच्छे होते है या सिस्टम में कुछ है ये तो भगवान जाने खैर देखते है इस मामले में क्या होता है आज
स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेज दिया गया है , लेकिन अभिषेक ठाकुर नाम का गुंडा वकील उमेश शर्मा के कान में आकर कह रहा है कि मीडिया से बोलो कि स्वतंत्र भारद्वाज की जान को खतरा है इसलिए स्वतंत्र को सेपरेट जेल में रखा जाए ,
अभिषेक ठाकुर कुछ तो शर्म कर ले ,
दिल्ली की शाहीन और नफीसा को कब मिलेगा इंसाफ ?
दिल्ली के थाने में शाहीन और नफीसा के साथ बर्बरता करने वालों पर कब होगी कार्रवाई?
दिल्ली पुलिस शाहीन और नफीसा को क्यों उठाकर ले गई थी थाने?
मुस्लिम होने की वजह से इन्हें टॉर्चर किया गया ?
दिल्ली की दोनों लड़कियों से मैंने लंबी बात की है .
पूरा वीडियो जल्द ही मेरे यूट्यूब चैनल पर
जिला मुरादाबाद के सर्किट हाउस के रोड पर मुस्लिम व्यक्ति द्वारा नमाज पढ़ी गई तो मुकदमा दर्ज कर दिया गया लेकिन वही कल जन्माष्टमी पर मेरठ पुलिस लाइन में यह नाच गाना हुआ है इसपर क्या कहेंगे?
दोनों ही सरकारी प्रॉपर्टी है दोनों धर्म अलग-अलग होने के कारण केवल मुस्लिम लोग पर FIR होती है
नमाज़ पढ़ना इतना बड़ा गुनाह हो गया ? अगर सर्किट हाउस परिसर में एक सड़क पर 3-4 मिनट नमाज़ पढ़ लिया तो FIR ?
अभी अभी सावन बीता है . हुड़दंग से लेकर मारपीट और हंगामा सब हमने देखा है . पुलिस वालों को औक़ात दिखाते कांवड़ियों को भी देखा है .
यह हैं दिल्ली पुलिस के DCP सचिन शर्मा जो स्वतंत्र भारद्वाज जैसे संघी गुंडों को बचा रहे हैं।
सचिन शर्मा खुद एक RSS के एजेंट हैं, इसलिये यह बीजेपी के गुंडों को संरक्षण देते हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज, अभिषेक ठाकुर और अन्य संघी गुंडे दिल्ली पुलिस के डंडे लेकर
सोशल मीडिया पर video डालते हैं और आंदोलन करने वाले स्टूडेंट्स को धमकाते हैं
फिर भी डीसीपी सचिन शर्मा कोई भी कार्यवाही नहीं करते हैं।
हर बार राहुल गांधी, आशुतोष रांका, सौरव दास और चंद्रशेखर आजाद को FIR
करवाने के लिए संसद मार्ग थाना और पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन क्यों आना पड़ता है?
स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा और अमित शाह जैसे नेताओं
का हाथ है, साथ ही दिल्ली पुलिस पूरा संरक्षण कर रही है।
ANI, आजतक और गोदी मीडिया स्वतंत्र भारद्वाज जैसे गुंडे को अपना मंच क्यों दे रहे हैं यह समझ के परे है?
क्या दलित बेटी निशु आजाद को बीजेपी के राज में dcp सचिन भाई न्याय दिला पाएंगे?
शाहिद और नफीसा पर डंडे बरसाने वालों के ख़िलाफ़ हर हाल में FIR दर्ज होनी चाहिए .
दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने अब तक एक्शन क्यों नहीं लिया है ?
अगर एक रिपोर्टर के साथ ये लोग ऐसा सलूक कर सकते हैं तो आम लोगों पर क्या गुजरती होगी ?
भाजपा और @RSSorg ने ऐसे लंपट तैयार किए हैं। ये सब गुंडे मवाली शोहदे हैं। बस इन्होंने ‘भगवा’ लपेट लिया है, माथे को रंग लिया है। लेकिन इनके अंदर का शैतानी कीड़ा शांत नहीं है। यह जॉम्बी लोकसभा सांसद @IqraMunawwar_ के लिए फिर से अशोभनीय टिप्पणी कर रहा है। उम्मीद है @myogiadityanath सरकार इसके खिलाफ कार्रावाई करेगी?
खुलेआम ये गुंडा आख़िर किसे ललकार रहा है - कानून को या पुलिस-प्रशासन को?
सरकारी संरक्षण तो है ही, लेकिन क्या पुलिस ने भी इसे गुंडागर्दी का ‘लाइसेंस’ दे रखा है?
आख़िर इतना बेख़ौफ़ होने की ताक़त इन्हें कौन दे रहा है?
दिल्ली पुलिस के अफसर आज डरे सहमे नहीं होंगे, बल्कि शर्मिंदा होंगे कि इसी दिन के लिए वर्दी पहनी थी कि हत्या के प्रयास के आरोपी को एक फोन पर छोड़ देंगे? ऐसा भी क्या है दिल्ली में? जिस शहर में घंटों जाम में रहना पड़ता है, उस शहर में अफसरी करने का यही सुख रह गया है कि कोई सर फोड़ने की बात कैमरे पर कर रहा है, पुलिस FIR और गिरफ़्तारी तक नहीं कर पा रही है। दिल्ली पुलिस के बड़े अफ़सरों को ख़राब लग रहा होगा? अगर शर्मिंदगी भी महसूस हो रही है तो वह भी बड़ी बात है। बाकी किसी कमज़ोर को पकड़ कर, किसी को उठाकर थाने में बंद करने के लिए IPS होने की ज़रूरत नहीं है। वह काम तो स्वतंत्र भारद्वाज बिना UPSC की परीक्षा में बैठे ही कर रहा है।