@bisht_girdhar@ManojTiwariMP Ji bilkul abhi tak hamen yahi Vishwas tha ki Bhajpa ki kathni aur karni mein Koi antar nahin hota hai lekin itne salon se intezar karte hue ab to aapki Sarkar bhi a gai hai fir bhi kuchh nahin ho raha hai to lagta Hai ki Bhajpa bhi Baki sarkaron ki tarah hai
लेकिन सर, दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप और आपकी सरकार दिल्ली के अतिथि शिक्षकों की समस्याओं को लगभग भूल ही गई है। पिछले लगभग 9 वर्षों से दिल्ली के गेस्ट टीचर्स के पारिश्रमिक में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
यह अत्यंत विडंबनापू���्ण स्थिति है कि देश की राजधानी दिल्ली में बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षक आज भी दिहाड़ी के आधार पर काम करने को मजबूर हैं। जिन शिक्षकों के कंधों पर दिल्ली के भविष्य की नींव मजबूत करने की जिम्मेदारी है, उनके भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को ही अनिश्चित छोड़ दिया गया है।
��र, आप दिल्ली के प्रशासक हैं और आपके लिए महंगाई भत्ते (DA) सहित विभिन्न सुविधाओं एवं भत्तों का प्रावधान है। दूसरी ओर, दिल्ली के अतिथि शिक्षक वर्षों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी सेवाएं देने के बावजूद DA जैसी मूलभूत आर्थिक राहत से भी वंचित हैं। आखिर यह कैसा न्याय है?
क्या शिक्षक केवल तब महत्वपूर्ण हैं, जब उनसे परीक्षा परिणाम, शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की अपेक्षा की जाती है? यदि वे दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं, तो उनके सम्मान, पारिश्रमिक और आर्थिक अधिकारों की जिम्मेदारी भी सरकार की ही होनी चाहिए।
यदि वास्तव में आपके मन में दिल्ली के शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके भविष्य के लिए संवेदना है, तो दिल्ली के हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए ठोस और तत्काल कदम उठाइए। उनके पारिश्रमिक में समयानुकूल वृद्धि कीजिए, महंगाई के अनुरूप DA ��थवा समकक्ष राहत का प्रावधान कीजिए और उनके रोजगार को अधिक सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने की दिशा में ठोस नीति बनाइए।
शिक्षक को सम्मान देने की शुरुआत केवल सम्मान समारोहों से नहीं, बल्कि उसके श्रम का उचित मूल्य देने से होती है।
दिल्ली के अतिथि शिक्षक वर्षों से अपने अधिकार और सम्मान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब समय है कि सरकार उनकी आवाज सुने और उन्हें केवल“गेस्ट” नहीं, बल्कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में सम्मान दे।
सादर,
Girdhar Singh Bisht
माननीय शिक्षा मंत्री महोदय, @ashishsood_bjp जय महाकाल🙏
सादर निवेदन है कि दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) को आज तक प्रति माह एक भी आकस्मिक अवकाश (Casual Leave - CL) की सुविधा प्रदान नहीं की गई है। विशेष रूप से महिला अतिथि शिक्ष���काओं को मासिक धर्म, अस्वस्थता अथवा अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में भी वे अवकाश लेने से हिचकिचाती हैं, क्योंकि अवकाश लेने पर उनके वेतन में कटौती कर दी जाती है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदया, @CMODelhi @gupta_rekha आप स्वयं एक महिला हैं, इसलिए महिलाओं की इन व्यावहारिक एवं मानवीय कठिनाइयों को भली-भांति समझ सकती हैं। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि महिला अति��ि शिक्षिकाओं सहित सभी अतिथि शिक्षकों के लिए न्यूनतम संख्या में आकस्मिक अवकाश(CL) की व्यवस्था करने की कृपा करें।
इसके अतिरिक्त, पूरे देश में सामान्यतः प्रत्येक क���्मचारी—चाहे वह किसी निजी प्रतिष्ठान, दुकान या अन्य संस्थान में कार्यरत हो—को राष्ट्रीय अवकाशों (National Holidays 26 Jan, 15 Aug, 2 Oct) पर सवेतन अवकाश (Paid Leave) का अधिकार प्राप्त होता है। किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि दिल्ली के अतिथि शिक्षकों के राष्ट्रीय अवकाशों के दिनों का भी वेतन काट लिया जाता है। यह न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि उनके मनोबल को भी प्रभावित करता है।
महोदय, आपको शिक्षा मंत्री के रूप में जनसेवा का पर्याप्त अनुभव प्राप्त हो चुका है। यदि अतिथि शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके लिए आकस्मिक अवकाश तथा राष्ट्रीय अवकाशों पर सवेतन अवकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तो इससे हजारों अतिथि शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी तथा शिक्षा व्यवस्था में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक नीति-निर्णय लेने की कृपा करें।
सादर।
@gupta_rekha आशा करता हूं कि दिल्ली की बीजेपी सरकार, गुरु पूर्णिमा के दिन दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे गुरुओं (अतिथि शिक्षकों) को पूरा सम्मान देगी।
पिछली सरकार ने तो नहीं दिया, देखते हैं आपकी सरकार देती है या नहीं??? @CMODelhi@BJP4Delhi
To Hon lg,cm,dpty cm&edu min
मई,जून की सैलरी ना मिलने पर अतिथि अध्यापकों का परिवार कैसे चलेगा
राशन के पैसे नही,बच्चों की स्कूल फीस, व अन्य खर्चे कहा से घर चलेगा इसलिए अनुरोध करते हैं
पत्र दे चु��े है
#may&जून सैलरी+increament+policy
Reminder 16 📢
@LtGovDelhi
@ashishsood_bjp
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वाह ��ी PWD, शिकायत का बिना समाधान करे ही, शिकायत को क्लोज कर दिया.....। सिर्फ एक लाइन लिखकर, मैं BJP के बड़े नेताओं से पूछना चाहता हूँ कि "आप" के राज में भी यही हाल था और आप के राज में भी यही हाल है, इसका मतलब सत्ता बदली है व्यवस्था नहीं ? कृपया माननीय मुख्यमंत्री महोदया @gupta_rekha और PWD मंत्री महोदय @p_sahibsingh से निवेदन है कि शिकायत का समाधान करवाने का कष्ट करें और जो दोषी अधिकारी हैं, जो बिना किसी समाधान के शिकायत बंद कर देते हैं, ऐसे अधिकारियों पर कठोर विभागीय कार्यवाही करने का कष्ट करें, इनको तनख्वाह काम करने और जनता की शिकायतों का समाधान करने की मिलती है, सिर्फ दो लाइन लिखनी है तो वो तो कोई भी लिख सकता है.......@DelhiPwd @CMODelhi @PMOIndia @BJP4Delhi
मा. मु. @gupta_rekha जी
जब @BJP4Delhi की सरकार बनी तब हम #GuestTeachers में एक आस जगी कि आप हमारे लिए एक स्थाई पॉलिसी बनाएंगी।
लेकिन आपने इसके उलट पूर्ववर्ती सरकार की भांति नईं #PFC द्वारा शिक्षकों क��� पदों में भारी कटौती कर जुलाई में लगभग 4000 #GTs की जॉब पर कुठाराघात कर दिया
परम आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
दिल्ली में सरकारी विभागों में तैनात कच्चे कर्मचारियों का मुद्दा आपने दिल्ली विधानसभा के चुनाव से पहले उठाया था, लेकिन दिल्ली सरकार ने अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है।
दिल्ली के कच्चे कर्मचारी, दिल्ली गेस्ट टीचर्स, दिल्ली होमगॉर्ड, दिल्ली में DTC में तैनात ड्राइवर,कंडक्टर, अन्य विभागों में तैनात कच्चे कर्मचारी परेशान हैं।
इन सभी कच्चे कर्मचारियों ने दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनाने में जी-जान लगा दी थी, अब इनको और इनके मुद्दों को दिल्ली BJP सरकार अनदेखा कर रही है।
आपसे निवेदन है दिल्ली सरकार को इस सम्बन्ध में उचित दिशा-निर्देश देने का कष्ट करें।
@DTCGroup_@dtc_union@PMOIndia@aigtadelhi@AIGTA2011_Delhi@PMOIndia@CMODelhi@gupta_rekha@p_sahibsingh@narendramodi@DelhiHomeGuard7