Today Durga Puja festivity has started in Kolkata, and this year it is bigger than ever! As we do every year, we are heading there to celebrate. So, taking a break from everything else for a few days.
Happy Pujo!
Enjoy, be happy. Jai Ma!
‘प्रो���ेस्ट में कितने लोग आएँगे��� की परिस्थिति से बचने का सबसे उत्तम मार्ग है स्वयं को डिटेन करवा लेना। बैंग्लोर और मुंबई में दो-दो हजार की भीड़ देख कर तिलचट्टों को अपनी लोकप्रियता का अंदाजा था। बहुत आते तो भी 5000 भी न होते। हर राज्य में डिटेंशन की संख्या जोड़ लीजिए, उसमें दो सौ और जोड़ दीजिए जो दिल्ली से आते।
यही कारण है कि इनके नेताओं ने ऐसा एक भी कार्य नहीं किया कि ये हीरो बन कर सीधे जंतर मंतर पर पहुँचते और वहीं से पुलिस द्वारा घसीटे जाते। इसके उलट, दिपके-रंका-दास-राठी आदि ने न केवल अपनी यात्रा और गतिविधि सार्वजनिक की, बल्कि पकड़े जाने से बचने के लिए किसी भी प्र��ार का कोई उपाय नहीं किया।
ये चारों ही बहुत उच्च कोटि के फट्टू हैं। 20 जुलाई को भी रंका-दास सोच-समझकर कर नड्डा के घर ही बैठे रहे ताकि वो प्रोटेस्ट की लाठी न खाएँ। दिपके ट्रक पर बैठ कर भागा और ठिगना दहिया बर्गर खाने की कोशिश करता दिखा।
इसीलिए, पुलिस द्वारा फ्लाइट में ही पकड़े जाने से डंडे खाने का, बैरिकेड से घसीटे जाने का कोई झंझट उत्पन्न ही नहीं होता। वैसे तो सरकार से मुझे अधिक आशाएँ हैं नहीं, प�� ढंग से कार्य करने दें पुलिस को तो महीने भर में राठी जैसों का ‘देशप्रेम’ बह कर बराबर हो जाएगा।
फिर तो मुसलमानों को अस्पताल जाना ही नहीं ��ाहिए
कैंसर,जैसी गंभीर बीमारी छोड़िए,जुखाम बुखार वालों से ही अस्पताल भरे हुए हैं
अगर कैंसर ठीक हो सकता है, तो बाकी सब भी हो सकता है