ब्रेकिंग न्यूज 🚨
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान पर अब एनडीए के अंदर से भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
एनडीए के सहयोगी चिराग पासवान ने कहा कि ,
“ खड़गे साहब आज भी कहीं जाते हैं तो उस जगह का शुद्धीकरण कराया जाता है। वहीं बड़े बड़े नेता मंत्री परिवार के साथ जाते हैं तो
मंदिरों को धुलवाया जाता है। ऐसे में अगर इस व्यवस्था को कोई हाथ लगाने की सोचा भी तो देश की एक बड़ी आबादी सड़क पर आ जाएगी।
उसके बाद उसको संभालना मुश्किल हो जाएगा इसीलिए आरक्षण पर समीक्षा तो दूर की बात चर्चा भी संभव नहीं है,,
एनडीए के अंदर ये जो डर है वो लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी का डर है क्यूंकि राहुल गांधी इस मुद्दे पर पहले से ही मुखर हैं।
No washrooms. No benches. No drinking water. It shouldn’t even qualify to be called a ‘School’.
And there are countless other schools much worse than this.
Go and inspect your nearest government school.
#SchoolThikKaro
इटावा में दलित महिला के साथ गांव के रहने वाले रज्जन मिश्रा ने जबरन घर में घुसकर छेड़छाड़ एवं मारपीट व जान से मारने की धमकी दी हैं।
पीड़िता ने थाने में लिखित शिकायती प्रार्थना दिया परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई मजबूर होकर SSP इटावा से मुकदमा की गुहार लगाई ।
भाजपा सरकार में UP की पुलिस ही भक्षक बन चुकी है!
बदायूं के दातागंज थाने में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत एक प्रशासनिक हत्या है।
परिजनों के अनुसार, पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। वायरल वीडियो में बेबस राजेश ज़मीन पर गिरता दिख रहा है और पुलिस लीपापोती में जुटी है।
अमानवीयता की हद है-खुद के बचाव के लिए पुलिस ने परिजनों से ही तहरीर दिलवाकर मामला भटकाने का घिनौना प्रयास किया।
अगर पुलिस हिरासत में भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश का आम इंसान किससे न्याय की उम्मीद करे?
इस 15 साल की बच्ची का मोदी की ट्रोल आर्मी ने जीना हराम कर दिया है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री 15 साल की बच्ची से लड़ रहे हैं।
ग़ज़ब हाल है।
Shocking Condition of government schools in Hingoli.
Toilets stink so badly you can barely stand inside. Taps are broken. Washrooms are completely unusable.
This is a daily struggle for little kids.
#SchoolThikKaro
अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों के पानी की टंकी की वर्तमान स्थिति को चेक किया,
बच्चों के लिए अच्छे व साफ पानी का इंतजार होना चाहिए।
जुड़े: @CJP_for_India#SchoolThikKaro
पत्रकार ने पूछा - अखिलेश जी कह रहे हैं कि इस बार हम आएँगे। जवाब मिला - “अखिलेश अहीर… मट्ठा, दही, दूध निकाले!”
यही कुछ शब्द बता देते हैं कि जाति इस समाज में कितनी गहरी बैठी है।
जिस व्यक्ति ने मुख्यमंत्री रहते हुए एक्सप्रेसवे, मेट्रो, अस्पताल, शिक्षा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनेक काम किए, उसकी योग्यता और राजनीतिक सफ़र पर बहस करने के बजाय उसे उसकी जाति से जोड़कर बनाए गए रूढ़िगत पेशों तक सीमित कर दिया जाता है।
यह किसी एक महिला या एक व्यक्ति को निशाना बनाने की बात नहीं है। यह उस वर्चस्ववादी मानसिकता की एक बानगी है, जो आज भी इंसान की योग्यता से पहले उसकी जाति देखती है।
इसीलिए जाति अभी गई नहीं है। और जब तक जाति पीछा नहीं छोड़ती, सामाजिक न्याय की लड़ाई भी पीछा नहीं छोड़ेगी।
@yadavakhilesh
रिपोस्ट 🫵 😡😡
कोरी चमार को आगे बढ़ने नहीं देंगे ,जूता मारके आरक्षण खत्म कराएंगे वीडियो ,उत्तर प्रदेश जिला जालौन का बताया जा रहा हे @Uppolice@jalaunpolice तत्काल एक्शन लें ओर कड़ी कार्यवाही करें
बे-बस बहन : रक्षाबंधन पर मुफ़्त बस का वादा करके बस ही हटवा दी!
“प्राण जाए पर वचन न जाए” कहनेवाले रघुवंशियों तक को ठग लेनेवाले ये भाजपाई क्या वचन निभाएंगे।
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
“तुम हमारे गिलास में पानी कैसे पी लिए?”
बस यह एक सवाल सुनिए और फिर उन तमाम दावों को याद कीजिए कि अब जाति कहाँ बची है, भेदभाव तो कब का खत्म हो चुका है, अब तो सब बराबर हैं!
जिस पानी पर किसी जाति का अधिकार नहीं, जिस प्यास में कोई ऊँच-नीच नहीं, उसी पानी का एक गिलास आज भी किसी इंसान को उसकी जाति याद दिला देता है। सोचिए, उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जिसे केवल पानी पी लेने भर से उसकी सामाजिक हैसियत बताने की कोशिश की जाए।
जातिवाद केवल किताबों में दर्ज इतिहास नहीं है। वह आज भी भाषा, व्यवहार, अपमान और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं में दिखाई देता है।
इसलिए सवाल आरक्षण कब खत्म होगा का नहीं, सवाल यह है - जाति के नाम पर यह अपमान कब खत्म होगा?
साढ़े तीन लाख लूटने वाले को मिलकर मारते हो साढ़े तीन लाख करोड़ लूटने वाले को माला पहनाते हो।
इतना सन्नाटा क्यों है भाई?
अरे आपका मात्र 3.5 (साढ़े तीन लाख) करोड़ ही तो लूटा गया है।
और फिर लूटने वाला भी तो अपना भाई हिंदू हृदय सम्राट महामानव 56 इंची ही है।