हमारा देश आज कहीं पर भी है, लेकिन कल हमारा देश कहां होगा यह सब युवा सोच और युवा जोश पर निर्भर करता है।
देश की प्रगति के लिए युवा नेतृत्व की देश की राजनीति में भागीदारी बहुत जरूरी है! इसलिए हमलोगों का एक ही मांग हैं!
#पटना_साहिब_4_मंजीत_साहू@RahulGandhi@kharge
@iManjeetAnand
पटना की सड़कों पर आज हम कांग्रेस जनों पर जिस तरह बल प्रयोग किया गया, वह सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने का प्रयास है।
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आदिवासियों के 30 से ज़्यादा बच्चे इस पानी को पी कर मर गए।
इंदौर में गंदा पानी पीने से कितनों की मौत हुई। कोई सबक मिला था?
इस नल के पानी की एक बूँद महामानव अपने जुबान पर रख कर दिखाएँ।मोहन जी आप पी पाएंगे?
यही पानी भाजपाई अपने बच्चों को पिला पायेंगे ?
दिल्ली विश्वविद्यालय में बदलाव की नई इबारत लिखने के लिए NSUI का चारों योद्धाओं का पैनल पूरी ताकत के साथ मैदान में है।
विजय शंकर मीणा, वीर चतरथ, नम्रता चौधरी और गोपाल चौधरी - ये सिर्फ उम्मीदवार नहीं, हर छात्र की आवाज़ और अधिकारों की लड़ाई के साथी हैं।
इस बार वोट सिर्फ पैनल को नहीं, छात्र हित, समानता और बदलाव को दें।
6 • 4 • 1 • 2 - NSUI पैनल
छात्रशक्ति की जीत, बदलाव की जीत!
#DUSUElection2026 #NSUI
बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।
लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को सादा कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इससे पहले वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर महीनों तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भी इसी तरह बलपूर्वक हटाया गया। अब सोनम वांगचुक जी के सत्याग्रह के साथ भी वही व्यवहार किया जा रहा है।क्या शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित रह गया?
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रदान करे।
#SonamWangchuk
अगर आपने पेपर लीक, परीक्षा में धांधली, या महँगी fees का दर्द झेला है
अगर इस व्यवस्था ने आपके सपने तोड़े हैं
अगर आपके परिवार ने आपकी पढ़ाई के लिए जीवनभर की कमाई लगा दी है
तो सुनिए: ‘छात्रों की गूंज’ आपकी आवाज़ है।
यह सिर्फ़ एक अभियान नहीं, यह आपकी मांग को सरकार तक पहुँचाने का ज़रिया है। सस्ती शिक्षा। निष्पक्ष परीक्षा। सम्मानजनक रोज़गार।
और इसमें जुड़ना सिर्फ़ 30 सेकंड का काम है:
1️⃣ नीचे दिए लिंक पर जाइए
2️⃣ अपना नाम भरिए, अपने सुझाव दीजिए
3️⃣ पिटिशन sign कीजिए - बस।
आपका एक हस्ताक्षर इस लड़ाई को ताक़त देगा। जितने ज़्यादा नाम, उतनी बुलंद गूंज।
👉 अभी sign कीजिए: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों युवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj