शौक़ को आज़िम-ए-सफ़र रखिए
बे-ख़बर बन के सब ख़बर रखिए
चाहे नज़रें हो आसमानों पर
पाँव लेकिन ज़मीन पर रखिए
बात है क्या ये कौन परखेगा
आप लहजे को पुर-असर रखिए
जाने किस वक़्त कूच करना हो
अपना सामान मुख़्तसर रखिए
☝Beshaq 💯💯
وَٱسۡتَغۡفِرُواْ ٱللَّهَۖ إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٌ۬ رَّحِيمُۢ
Wastagfirullah, innallaha ghafoor-ur raheem
And seek forgiveness of Allah . Indeed,
Allah is Forgiving and Merciful.💯