देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।
यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।
हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।
इस System को नए सिरे से बनाना होगा - जहाँ बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माँ-बाप को, उनके त्याग का फल मिले - आँसू नहीं।
देश की विदेश नीति आज compromised है, क्योंकि PM मोदी खुद compromised हैं।
मोदी सिर्फ़ वही करते हैं जो अमेरिका और इज़राइल उनसे करवाना चाहते हैं।
मोदी कभी भी भारत के हित के फैसले ले ही नहीं सकते - और ये साफ दिख रहा है।
गैस ने ‘चाट’ की दुकाने बंद कर दी हैं और जनता का विरोध देखकर ‘चाटुकारिता’ की भी दुकानें जल्दी ही बंद हो जाएंगी… उनके शटर गिरना तो शुरू ही हो चुके हैं… बस ताला लगना बाक़ी है।
दाना बंद, गाना बंद!
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।
नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है।
हमें और दीपकों की ज़रूरत है - जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें।
हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत।
तुम बब्बर शेर हो। 🇮🇳
50% US tariffs and uncertainty are badly hurting India’s textile exporters. Job losses, factory shutdowns and reduced orders are a reality of our ‘Dead Economy’.
Mr. Modi has offered no relief or even spoken about tariffs, even though more than 4.5 crore jobs and lakhs of businesses are at stake.
Modi ji, you are accountable; please direct your attention to this matter!
#TINA
क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है?
क्या उसकी “गलती” ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज़ उठाने की हिम्मत कर रही है?
उसके अपराधी (पूर्व BJP MLA) को ज़मानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है - खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वो डर के साए में जी रही हो।
बलात्कारियों को ज़मानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार - ये कैसा न्याय है?
हम सिर्फ़ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं - ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं।
लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध।
पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए - न कि बेबसी, भय और अन्याय।
मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मिलने की गुहार लगाई, लेकिन मुझसे कोई नहीं मिला।
वहीं, राहुल भैया का सामने से फोन आया और उन्होंने मुझे मिलने के लिए बुलाया।
मैंने सोनिया गांधी जी और राहुल भैया से मुलाकात की, उन्होंने मुझे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। राहुल भैया ने मुझे कहा कि इस लड़ाई में वे मेरे साथ हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi से मिलने के बाद उन्नाव रेप पीड़िता
📍 दिल्ली
हमारी विचारधारा सत्य है,
और BJP की विचारधारा सत्ता है।
सत्ता उनके हाथ से फिसल रही है,
इसलिए वो घबराए हुए हैं।
हम सत्य के साथ खड़े होकर
उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे।
#VoteChorGaddiChhod
SIR के नाम पर देश भर में अफ़रा-तफ़री मचा रखी है - नतीजा? तीन हफ्तों में 16 BLO की जान चली गई। हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या - SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया ज़ुल्म है।
ECI ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हज़ारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ें। मक़सद साफ़ है - सही मतदाता थककर हार जाए, और vote chori बिना रोक-टोक जारी रहे।
भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है, मगर भारत का चुनाव आयोग आज भी काग़ज़ों का जंगल खड़ा करने पर ही अड़ा है।
अगर नीयत साफ़ होती तो लिस्ट डिजिटल, सर्चेबल और मशीन-रीडेबल होती - और ECI 30 दिन की हड़बड़ी में अंधाधुंध काम ठेलने के बजाय उचित समय ले कर पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान देता।
SIR एक सोची-समझी चाल है - जहां नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और BLOs की अनावश्यक दबाव से मौतों को “कॉलैटरल डैमेज” मान कर अनदेखा कर दिया है।
यह नाकामी नहीं, षड़यंत्र है - सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि है।
BJP के लाखों लोग खुलेआम अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर वोट डालते हैं।
और इस चोरी को छुपाने के लिए सारे सबूत मिटा दिए जाते हैं।
BJP और EC मिलकर खुलेआम vote चोरी कर रहे हैं - लोकतंत्र की हत्या लाइव चल रही है।
बिहार के मेरे युवा साथियों,
मेरे Gen-Z भाइयों और बहनों,
कल का दिन सिर्फ़ मतदान का दिन नहीं,
बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा तय करने का दिन है।
आपमें से कई पहली बार वोट डालने जा रहे हैं - यह सिर्फ़ आपका अधिकार नहीं,
बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।
आपने देखा, हरियाणा में किस तरह भयंकर वोट चोरी का खेल खेला गया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ - हर जगह इन लोगों ने जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश की।
अब इनकी नज़र बिहार पर है, आपके वोट पर, आपके भविष्य पर।
कल बड़ी संख्या में अपने मतदान केंद्र पहुँचिए, महागठबंधन के अपने प्रत्याशी को वोट दीजिए।
बूथ पर हो रही हर साजिश, हर हेरफेर पर सतर्क रहिए - लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत, जागरूक जनता होती है।
बिहार का भविष्य आपके हाथ में है -
“वोट चोरी, सरकार चोरी” की इस साजिश को हराइए।
सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए,
अपने वोट से लोकतंत्र को बचाइए, बिहार को जगाइए।
जय हिंद, जय बिहार।
आपका साथी,
राहुल गांधी।
आज की प्रेस वार्ता में @RahulGandhi जी ने धुआँ उठा दिया 🔥🔥🔥
“एक Brazilian Model हरियाणा की electoral list में क्या कर रही है ?
इसने 22 बार हरियाणा के चुनाव में, 10 अलग-अलग बूथ पर, अलग-अलग नामों (सीमा, स्वीटी, सरस्वती) के साथ वोट किया !
इस जैसे 25 लाख और Record हैं हरियाणा में !
ये एक centralised operation की ओर इशारा करता है !”