जिस घपले-घोटाले की सज़ा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उसकी सज़ा शिक्षक को क्यों दी जा रही है।
भाजपा अपनी कमियों, कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है। कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाज़ी करवाकर शिक्षा से जुड़े यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद करवाती है। इसके लिए भाजपा संस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है। अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की माँग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की। 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए।
भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है। देश के इतिहास में अब ये पहली बार होगा कि शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने; यूनिफ़ॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी व भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हक़मारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी व कोर्ट में परिणाम फँसाने की भाजपाई चालबाज़ी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के लिए बाहर कर देगी।
#यूपी_लेखपाल_भर्ती
मैंने भी कुछ ट्वीट किए थे जिस कारण मेरा अकाउंट ही बंद कर दिया गया था। आज open हुआ है।
मैं कोई इतना बड़ा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तो हूं नहीं जो अकाउंट बंद किया गया।
मैंने भी यूपी लेखपाल का पेपर दिया है लगभग 800-900km दूर exam देने बहुत सारी परेशानियों को झेलते हुए जाना पड़ा था।
हम सरकार का विरोध नहीं कर रहे थे बल्कि हम तो सरकार से जांच की मांग कर रहे थे। फिर भी कोई सुनने को तैयार ही नहीं था।
बताओ क्या अब हम किसी भी माध्यम से अपनी मांगे भी नहीं रख सकते!! बहुत दुखद 😭
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
लगातार भर्ती परीक्षाओं में loopholes, कमजोर सिस्टम और धांधलेबाजों पर सख्त कार्रवाई न होने का ही परिणाम है कि आज कोई भी परीक्षा बिना संदेह और विवाद के पूरी नहीं हो पा रही।
लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटता जा रहा है। @UPGovt
🚨 25 MAY | 11:00 AM 🚨
अब आवाज़ दबेगी नहीं! ✊
मेहनत हमारी, न्याय भी हमारा!
युवाओं की आवाज़ बुलंद करें।
#LekhpalExamInvestigation#JusticeForStudents
एक ट्वीट नहीं, लाखों युवाओं की पुकार है! 🔥
पहले नोटिफिकेशन का इंतजार, फिर परीक्षा का एक लंबा अंतराल और आखिर में पेपर लीक; क्या युवाओं की किस्मत में सिर्फ यही संघर्ष लिखा है? आखिर हर बार परीक्षा से ठीक पहले या बाद में ही पूरी सुरक्षा व्यवस्था क्यों ध्वस्त हो जाती है, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, और इन लीक माफियाओं का क्या
पहले नोटिफिकेशन का इंतजार, फिर परीक्षा का एक लंबा अंतराल और आखिर में पेपर लीक; क्या युवाओं की किस्मत में सिर्फ यही संघर्ष लिखा है? आखिर हर बार परीक्षा से ठीक पहले या बाद में ही पूरी सुरक्षा व्यवस्था क्यों ध्वस्त हो जाती है, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, और इन लीक माफियाओं के असली आका कब सलाखों के पीछे भेजे जाएंगे? सिस्टम की इस बार-बार होने वाली नाकामी की सजा देश का ईमानदार युवा और उनका गरीब परिवार क्यों भुगते, और छात्रों के बर्बाद हुए सालों तथा उनके मानसिक तनाव का हिसाब आखिर कौन देगा? अब खोखले आश्वासनों और बातों से काम नहीं चलेगा, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए और इस पूरे मामले की समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाए जो एक मिसाल बने!
#Lekhpal_Exam_Investigation
01. वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्ती में कम से कम 02 हजार पदवृद्धि हो
02. रिजल्ट के साथ स्कोरकार्ड दिखाए जाएं और सार्वजनिक रूप से रैंक जारी हो
03. अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाए
#UPSI_INCREASE_2000_POST#UPSI_GIVE_SCORECARD#UPSI_GIVE_WAITING_LIST
जब किसी क्षेत्र में कार्यकर्ता सालों से जनता के बीच काम कर रहे हों,
और टिकट किसी सुपरस्टार को सिर्फ उसके नाम या "आभा" पर दे दिया जाए,
तो राजनीति नहीं, अन्याय होता है।जनता अगर सिर्फ साहब का चेहरा देखकर वोट देती रही,
तो विकास कभी जिम्मेदारी नहीं बनेगा ।ऐसे कई नाम हैं — हेमा मालिनी जी; वे कभी क्षेत्र देखने तक नहीं जातीं, वहाँ हालात देखने तो दूर की बात है।
मैथिली जैसी बच्ची को टिकट दे देना — उनका क्या अनुभव है? ठीक से बोल तक नहीं पातीं। गायन के क्षेत्र में निपुण होना का राजनीति से कितना लेना-देना है?
खेसारी लाल जैसे लोगों को भी अब राजनीति में लाया जा रहा है।
सवाल यह नहीं कि वो लोकप्रिय हैं या नहीं —
सवाल यह है कि क्या लोकप्रियता ही राजनीतिक योग्यता का मापदंड बन गई है?
मनोरंजन के मंच पर सफलता का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति जनता की समस्याओं को समझ पाएगा।
राजनीति में ज़रूरी है सेवा का अनुभव, जनता के बीच समय, और ज़मीन से जुड़ाव —
ना कि सिर्फ़ कैमरे के सामने ताली बजाने वाले प्रशंसक।
आज राजनीति में ऐसे कई लोग हैं जिनकी सोच किसी पार्टी से मेल नहीं खाती,पर देश और क्षेत्र के लिए उनका समर्पण सच्चा है।ऐसे ही एक उम्मीदवार विपिन सर @MastiMaths इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।जनता को चाहिए कि कम से कम एक MLA ऐसा चुने जो सच में अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी उठाए — तभी असली विकास संभव है।
#BiharElection2025
नीतीश कुमार बिहार के मुखौटा मुख्यमंत्री हैं जिनकी अकर्मण्यता ने बिहार को अपराध की आग में झोंक दिया है.
नीतीश कुमार जी के कुर्सीप्रेम ने पूरे न सिर्फ़ बिहार बल्कि बिहारवासियों को भी कठपुतली बना दिया है.
#BiharElection2025