यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
हनुमान अंश’ ने सिनेमाघरों को मंदिर जैसा बना दिया। ❤️🚩
गोरखपुर के INOX City Mall में फिल्म देखने आए रामभक्तों को लड्डू, पानी और सुंदरकांड की प्रति प्रसाद स्वरूप दी जा रही है।
यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि संस्कार, मर्यादा और अच्छे कर्मों की सीख है। ऐसे समय में जब अश्लीलता परोसी जा रही है, ‘हनुमान अंश’ परिवार और बच्चों के साथ देखने लायक एक सकारात्मक प्रयास है।
पूरा परिवार लेकर जाइए और श्री हनुमान जी का आशीर्वाद लीजिए।
यह स्टेज पर इतना फेंक रहे थे कि ख़ुद मुख्यमंत्री सहित सब लोग हँसने लगे
रवि किशन जी आप सांसद हैं, कोई मसखरे थोड़े ही हैं!
और यह जो जनता को अंधा बुलाने की हिमाक़त की है आपने - उसका हिसाब होगा
"लो जी आप खाओ एक्सपायरी डेट का बिस्किट"
◆ छत्रपति संभाजीनगर के वैजापुर में भीड़ ने FDA अधिकारी के मुंह में जबरन एक्सपायरी डेट का बिस्किट ठूंस दिया
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साहब डीसी है तो क्या नंबर प्लेट का जरूरत नहीं है अगर नियम सबके लिए बराबर है तो देखते है इनके ऊपर हमारे परिवहन मंत्री जी क्या करते है ।
इसका बुरा परवाह पड़ेगा जो की जब सिस्टम चलाने वाला ही नियम का विरुद्ध है तो हम सब क्या ??
@HemantSorenJMM@deepakbiruajmm@yourBabulal@JairamTiger@TrafficRanchi
बस का किराया माता बहनों के लिय फ्री है लेकिन बस ही नहीं रक्षाबंधन पर।
जनता को मूर्ख बनाने में सरकार आगे है बस ही बंद कर दो न बस चलेगी और ना पैसे लिय जायेंगे।
ध्यान भटकाने वाले stunts और बेतुकी बातों में उलझाकर,
भाजपा अपनी करतूतों से पीछा छुड़ाना चाहती है,
पर कांग्रेस पार्टी + जनता महँगाई पर सवाल पूछती रहेगी !
त्योहारों पर आम आदमी की रसोई का हिसाब देखिए
🧅 प्याज़ के दाम सालभर में 59% तक बढ़े, कई शहरों में ₹50–60/kg
🍚 चीनी ₹60–70/kg, कहीं ₹72/kg तक
🛢️ सरसों तेल ₹200/L के पार
📈 Food Inflation 5.52%
📈 Wholesale Inflation 9.78%
12 साल से भाजपा सरकार है, और “अच्छे दिनों” का आलम ये है कि कभी दाल, कभी सब्ज़ी, कभी तेल, कभी चीनी आम आदमी का बजट बिगाड़ देती है।