ठन गई
मौत से ठन गई
जूझने का मेरा इरादा न था
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था
रास्ता रोक वह खड़ी हो गई
यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई
मौत की उमर क्या है?दो पल भी नहीं
ज़िन्दगी सिलसिला,आज कल की नहीं
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ
लौटकर आऊँगा,कूच से क्यों डरूँ?
A leader for the ages, he was ahead of the times.
Penned some thoughts on Atal Ji, which have also appeared across various newspapers today. https://t.co/kCaLbf5JE3
अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे। ओम शांति !
I have lost a father figure.
Atal Ji taught me vital facets of both ‘Shaasan’ and ‘Sangathan.’
His noble thoughts will live on and we will fulfil his dreams for the country.
अटल जी आज हमारे बीच नहीं रहे
लेकिन वो हमेशा जीवित रहेंगे, हमारे दिलों में, हमारी सोंच में, हमारी देशभक्ति में ।
इतिहास के सबसे प्रिय, आदर्शवादी और सिद्धान्तवादी प्रधानमंत्री और एक कुशल कवि अटल बिहारी वाजपेयी जी को शत् शत् नमन।
ॐ शांतिः शांतिः
#AtalBihariVajpayee
अपने जीवन का क्षण-क्षण और शरीर का कण-कण देश, संगठन व विचारधारा को पूर्णतः समर्पित कर देना इतना आसान नहीं होता। अटल जी को हम सब ने एक आदर्श स्वयंसेवक, समर्पित कार्यकर्ता, कवि, ओजस्वी वक्ता व अद्भुत राजनेता के रूप में देखा।
हम सबके प्रिय अटल जी... आप हमेशा जीवित रहेंगे... हमारी यादों में... हमारे विचारों में... आप ही के शब्दों में....
मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं,
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरुँ,
लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?