एक आदमी ने एक महिला को सरेआम सड़क पर चप्पलों से पीटा। 😡
एक महिला अपने पति के साथ बाइक से जा रही थी तभी रास्ते में उसके देवर ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर दोनों को रोक लिया।
इसके बाद देवर ने अपनी भाभी के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे चप्पलों व लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा
बताया जा रहा है कि मामला किसी घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ था इसी विवाद के चलते देवर ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर महिला और उसके पति को बीच रास्ते में रोक लिया और महिला के साथ सरेआम मारपीट की।
इस तरह की हिंसा और कानून को हाथ में लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
➡️ क्या मार्क ट्वेन का यह कथन आज की खबरों पर सटीक बैठता है कि
"यदि आप अखबार नहीं पढ़ते हैं तो आप अनभिज्ञ(अंजान) हैं,
यदि आप अखबार पढ़ते हैं तो आप गलत जानकारी प्राप्त करते हैं?"
➡️ मार्क ट्वेन एक अमेरिकी हास्यकार, उपन्यासकार और यात्रा वृत्तांतकार लेखक थे।
➡️ जहां तक भारतीय मीडिया की बात है भारतीय मीडिया तो ज़हर को भी अमृत बताती है अगर वह जहर सरकार ने बनाया है तो।
यही कारण है कि भारत में मीडिया को गोदी मीडिया और डॉगी मीडिया कहा जाता है।
वीडियो में दिख रहे 3 बच्चों में से 1 बच्चा नाले में गिर गया सीसीटीवी में कैद हो गया वरना पता भी ना चलता बच्चा कहां गया
बच्चों का विशेष ध्यान रखें खासतौर से बारिश में
#GalaxyM47withLPDDR5X
बाबा का नया इलाज बिना पढ़ाई level Pro Max - One touch Repair चालू 😂
इंजेक्शन भूल जाओ, यहां तो हथौड़ा से बीमारी ठीक किया जा रहा है।
मरीज सोच रही होगी ― इलाज हो रहा है या “Software Update” चल रहा है 😄
ये कौनसी बीमारी ठीक हो रही है?
थाना दुबौलिया, बस्ती: पीड़ित निसार अहमद के पास वैध कागज व लेखपाल की रिपोर्ट है, फिर भी बंजरिया का दबंग गुड्डू सिंह सांप्रदायिक भेदभाव कर परिवार को धमका रहा है और घर नहीं बनने दे रहा। FIR के बाद भी पुलिस मौन है। संज्ञान लें। @bastipolice@Uppolice@CMOfficeUP@INCIndia@dgpup
@balan394 घर से दूर रहकर सेवा देना आसान नहीं होता हर दिन अपने लोगों की याद सताती है सरकार को चाहिए इनके हाल भी समझे वरना सिस्टम सिर्फ बातें करता रह जाएगा
@jyotsana51400 स्पीड का शौक भारी पड़ गया अटल टनल के पास जिंदगी खत्म हो गई कार कौन सी थी इससे ज्यादा जरूरी ये है कि ओवरस्पीड कभी भी घर तक नहीं पहुंचने देती
ये कोई AI तस्वीरे नहीं है बल्कि एक हादसे की तस्वीर है।
हिमाचल प्रदेश के अटल टनल से निकलते ही एक गाड़ी अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर तोड़ती हुई निर्माणाधीन पिलर पर गिर गई
हादसा ओवर स्पीड की बजह से से हुआ, इस हादसे में एक शख्स की जान चली गई
आप बता सकते हैं कि ये कौन सी कार है?
तुम बहुत मोटी हो, दहेज बहुत कम मिला है -यही वजह बनी हत्या का कारण!
धारवाड़ जिले में लड़की शादी के बाद काफी मोटी हो गई है और दहेज भी अन्य की अपेक्षा कम मिला था।
बॉडी शेमिंग और दहेज को लेकर पति पत्नी को शर्मिंदा करता रहता था लेकिन फिर भी पत्नी झेल रही थी।
मायके वालो का आरोप है कि पति की प्रताड़ना से दो बार गर्भपात भी चुका था अंत में पति ने गला दबाकर हत्या कर दिए।
दहेज के लोभी और मानवता के दुश्मन इस कुरीतियों से कब तक दूर हो पाएंगे ?
@vikaskipagdandi इतिहास कुछ सोचता होगा और राजनीति कुछ और ही लिख देती है
सिद्धांत किताबों में रह जाते हैं और कुर्सी रास्ता बदल देती है नेता बदलते नहीं बस समय के साथ रंग बदल लेते हैं जनता हर बार वही सवाल पूछती है पर जवाब कोई नहीं देता
आज अपना दल कि स्थापना करने वाले डॉ सोनेलाल पटेल की जयंती है, जिसे अनुप्रिया पटेल लखनऊ में मना रही हैं।
आज जब केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल उनके नाम का दीपक जला रही होंगी तो क्या सोच रही होगी कि जिस बाप ने अपनी पार्टी को कभी किसी दक्षिण पंथी दल के नजदीक नहीं भटकने दिया आज उसी के यहां अपना दल को गिरवी रख दिया।
खैर अनुप्रिया सोचे न सोचे पर उनके पिता डॉ सोनेलाल पटेल जरूर देख रहे होंगे।
खैर अब आते हैं उनके राजनीतिक जीवन में उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत चौधरी चरण सिंह व कांशीराम के साथ प्रारंभ कि थी।
कई सालों तक वो कांशीराम और बीएसपी में महासचिव रहकर बहुजन और ओबीसी कि राजनीति कि थी लेकिन मायावती के नेतृत्व में पार्टी को लेकर उपजे मतभेदों के कारण, उन्होंने बसपा छोड़ दी।
इसके बाद, 4 नवंबर 1995 को उन्होंने अपना दल की स्थापना की, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के गैर-यादव ओबीसी समुदायों को एक मजबूत राजनीतिक आवाज देना था।
डॉ पटेल हमेशा समाजवादी विचारधारा के समर्थक रहे हैं।
आज जिस दक्षिण पंथी विचारधारा के साथ उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल उनका टैग लेके सत्ता के हिचकोले खा रही है उसी बीजेपी से डॉ पटेल ने जीवन भर संघर्ष किया और कभी भी विपरीत परिस्थितियों में भी साथी नही बने।
1999 में जब कल्याण सिंह ने वाराणसी में डा सोनेलाल पटेल व उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज कराया तबसे और ज्यादा 36 का आंकडा रहा है।
2009 में उनका कानपुर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई । जिसके बाद उनका दल दो मुख्य गुटों में विभाजित हो गया, जिनका नेतृत्व उनके परिवार के सदस्य कर रहे हैं-
अपना दल (सोनेलाल): इसका नेतृत्व उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल (वर्तमान में भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री) कर रही हैं, जो NDA की एक प्रमुख सहयोगी हैं।
अपना दल (कैमरावादी): इसका नेतृत्व उनकी पत्नी कृष्णा पटेल और बेटी पल्लवी पटेल कर रही हैं।
@UP_24k कागज सब सही है फिर भी काम अटका हुआ है लोग न्याय की उम्मीद में चक्कर लगा रहे हैं अगर FIR के बाद भी कार्रवाई ना हो तो सवाल उठना तय है अब देखना है सिस्टम कब जागता है
थाना दुबौलिया, जनपद बस्ती में न्याय की उम्मीद लगाए बैठा एक परिवार आज भी कार्रवाई का इंतज़ार कर रहा है।
पीड़ित निसार अहमद के अनुसार, उनके पास अपनी जमीन से जुड़े सभी वैध सरकारी दस्तावेज़ और लेखपाल की पैमाइश रिपोर्ट मौजूद है।
इसके बावजूद आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकाया जा रहा है, जबरन रास्ता देने का दबाव बनाया जा रहा है तथा उनके मकान का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा।
सबसे गंभीर बात यह है कि FIR दर्ज होने के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती, तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि किसी भी पीड़ित के साथ धर्म या समुदाय के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष और तत्काल जांच होनी चाहिए।
आशा है कि @bastipolice मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करेगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है।
@MandeepRajBhar9 रिश्तों में अंधा प्यार दिमाग बंद कर देता है जो लोग परिवार छोड़ते हैं अक्सर बाद में पछताते हैं किसी एक इंसान के लिए पूरा घर दांव पर लगाना सही नहीं सोच समझ कर फैसले लेना ही सबसे बड़ी समझदारी है
एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कई लोगों को झकझोर दिया है।🚨
जब आपको लगता है कि सिया गोयल सबसे नीच किस्म की औरत है, तभी आपको श्वेता के बारे में पता चलता है। 25 साल की टेक्नीशियन श्वेता को केनेथ नाम के एक लड़के से प्यार हो गया। उसके माता-पिता को वो लड़का उसके लिए सही नहीं लगा, लेकिन उसने केनेथ के लिए अपने माता-पिता की अवहेलना की। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। उसके माता-पिता को ये सब पसंद नहीं आया और उन्होंने उसे घर वापस आने को कहा।
केनेथ ने उसे अपने माता-पिता से उनकी संपत्ति मांगने को कहा। पिता ने मना कर दिया और अपनी बेटी को वापस पाने की कोशिश करते रहे। इसके बाद केनेथ ने श्वेता के पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बनाई। श्वेता उनसे मिलने गई और वे खुश हुए। सोमवार शाम को उसने बाथरूम में अपनी माँ पर चाकू से हमला किया। जब 19 साल की छोटी बहन मदद के लिए आई, तो उसने उस पर भी पाँच बार चाकू से हमला किया।
बताया जा रहा है कि केनेथ भी वहाँ मौजूद था और उसने श्वेता के पिता पर भी चाकू से हमला किया। अब पुलिस ने श्वेता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि केनेथ बाइक पर फरार हो गया है। श्वेता का बचाव ये है कि "उसे लगा कि उसकी जिंदगी पिंजरे में बंद है" और उसने तनाव के कारण ऐसा किया।
एक ही दिन में हमने दो महिलाओं को सिर्फ एक लड़के के लिए इतने जघन्य अपराध करते देखा है। 🙏
@micchamasala नॉर्थ ईस्ट के लोग हमारे देश की शान हैं उनके साथ भेदभाव करना बिल्कुल गलत और शर्मनाक है इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता भारत सबका है और सब भारत के हैं