आज मेरे पूज्य दादाजी, राजस्थान की किसान राजनीति के सशक्त स्तंभ और जननेता, किसान केसरी स्व. श्री परसराम मदेरणा जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन करती हूँ।
उनकी बेबाकी, सादगी और सिद्धांतों से कभी समझौता न करने का साहस आज भी मेरे लिए प्रेरणा है। उनके विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में आगे बढ़ाना ही उनके प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि है।
‘साहब’ को शत-शत नमन। 🙏
#ParasramMaderna
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जिस सीट को सत्ता और प्रशासन के दम पर हथियाने की कोशिश हुई थी आज वही सीट कांग्रेस जीत गई।
धरना सफल। संघर्ष सफल। लोकतंत्र विजयी। ✊
जिस सीट पर सत्ता के विधायक और प्रशासन की मिलीभगत व चुनावी धांधली के खिलाफ हम रात भर धरने पर बैठे थे, जहाँ पुलिस से लेकर RO तक की भूमिका संदिग्ध थी, जहाँ निर्धारित समय 3 बजे के बाद, 3:29 बजे भाजपा विधायक स्वयं पर्चा और पार्टी सिंबल जमा करवाते हैं और वहाँ उसी महत्वपूर्ण समय की वीडियो फुटेज गायब कर दी गई थी मथानिया नगर पालिका के वार्ड नं. 6 के प्रत्याशी द्वारा फॉर्म जमा करने और RO द्वारा उसे चेक करने की कोई वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं थी आज वही सीट कांग्रेस जीत गई।
तब पूछ रहे थे-समझ नहीं आ रहा, धरना क्यों दे रहे हैं?
“आज नतीजे ने जवाब दे दिया।”
चुनाव चोरी नहीं चलेगी।
जनमत की चोरी नहीं चलेगी।
सत्ता का दबाव हारा। संघर्ष जीता।
लोकतंत्र जीता। कांग्रेस जीती। ✊
मथानिया नगर पालिका की 25 सीटों में से कांग्रेस की 16 सीटों पर शानदार जीत, भाजपा सिर्फ़ 7 पर सिमटी।
मथानिया की जनता एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार। सभी विजयी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई! 💐💐🏆🥇🎯
गत रात्रि ओसियां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम डांवरा में नव निर्माणाधीन सोलर प्लांट की आड़ में 100 से अधिक खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई किया जाना अत्यंत निंदनीय है। यह केवल पेड़ों की कटाई नहीं, बल्कि मरुधरा की जीवनरेखा पर सीधा हमला है।
एक तरफ़ बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण को लेकर पर्यावरण प्रेमी आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ओसियां विधानसभा क्षेत्र के डांवरा में सोलर प्लांट की आड़ में अंधाधुंध खेजड़ी की कटाई की जा रही है। यह दोहरा मापदंड और प्रशासनिक उदासीनता अत्यंत चिंताजनक है।
चिंताजनक तथ्य यह है कि इससे पूर्व ओसियां विधानसभा के ग्राम खारी में भी सोलर प्लांट के नाम पर खेजड़ी वृक्षों का विनाश किया गया। जब ग्रामीणों ने इस पर्यावरणीय अपराध के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया, तो दोषी कंपनियों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने ग्रामीणों को ही पाबंद किया।
यह रवैया न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह खतरनाक संदेश भी देता है कि कानून आम जनता के लिए सख़्त और पर्यावरण विनाश करने वालों के लिए नरम है।
वर्तमान में डांवरा में ग्रामीणजन खेजड़ी कटाई के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
मैं प्रशासन से स्पष्ट मांग करती हूँ कि ग्रामीणों की सभी जायज़ मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाए, दोषी कंपनियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और भविष्य में खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए।
#खेजड़ी_बचाओ
@BhajanlalBjp@RajCMO@JodhpurDm@JdprRuralPolice
“सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण"
खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है। जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहाँ खेजड़ी की पूजा की जाती हैं। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूँ। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है।
राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूँ।
#Bikaner #Orans #Jaisalmer
बीकानेर में खेजड़ी बचाने की मांग को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन में साधु-संतो की तबीयत बिगड़ जाने के समाचार प्राप्त होने के बाद मैने दूरभाष पर साधु - संतो व श्री परसाराम जी बिश्नोई आदि लोगों से दूरभाष पर बात की है, जो लोग प्रकृति और खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्षों की रक्षा के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, उनकी सेहत और सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है ,चूंकि लोक सभा की कार्यवाही हंगामे के कारण प्रभावित हो रही है इसलिए सदन में यह विषय पुन: उठा नहीं पा रहा हूं लेकिन सदन सुचारू रूप से चलते ही यह मामला उठाऊंगा | मेरी प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग है कि विधानसभा का सत्र चल रहा है और आंदोलित लोगों की मंशा के अनुरूप खेजड़ी व पेड़ -पौधों को बचाने के लिए ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लाया जाए,सरकार में बैठे लोग हठधर्मितापर अड़े हुए इस कारण हजारों लोगों को मजबूरन पड़ाव डालकर बैठना पड़ा है |
मैं पुनः सरकार को कहना चाहता हूं कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं है ,यह रेगिस्तान की पर्यावरणीय आधारशिला है। यह हमारे मरूस्थल के पारिस्थितिक तंत्र की जीवनरेखा, पशु-पक्षियों का आश्रय, किसानों का चारा और ग्रामीण समुदाय की आजीविका का सशक्त स्तंभ है |
सरकार ने समय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया त कुछ ही समय में मैं स्वयं बीकानेर आऊंगा |
@DivyaMaderna जो छोटा दिखता है,
वो अक्सर बहुत मीठा होता है।
भोपाल के इस खास आम ने
और दिव्या मदेरणा जी की विज़िट ने ये साबित कर दिया कि
सुपारी आम “छोटा पैकेट, बड़ा धमाका!”