मुखिया मुखु सो चाहिऐ, खान पान कहुँ एक।
पालइ पोषइ सकल अंग, तुलसी सहित बिबेक॥
— गोस्वामी तुलसीदास
अर्थ: मुखिया या नेतृत्व करने वाला व्यक्ति मुख के समान होना चाहिए। भोजन मुख अकेला ग्रहण करता है, लेकिन उसका पोषण पूरे शरीर को मिलता है। उसी प्रकार एक अच्छे नेता को विवेक के साथ सबका समान रूप से पालन-पोषण और हित करना चाहिए।
#रामचरितमानस
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Me: "Tonight I'll sleep at 10 PM." 😴
Netflix: "Are you sure about that?" 🍿😂
Me: "Just one episode..."
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#Goodnight