@sachinsgaur इतिहास पढ़ा होगा सही से तो पता होगा और जिन लोगों ने जान दी ये क्या समझेंगे जान देना लड़ना इन्हे तो बस मुफ्त का चाहिए चुगली और दोगला पन नस नस मे है
पढ़ लिख तो लिया करो जाहिलों। राणा सांगा के समय इब्राहिम लोदी दिल्ली का शासक था। ऐसा कहा जाता है कि राणा सांगा ने बाबर को बुलाया था जिसका प्रमाण नहीं ह��� और हो भी तो क्या गलत किया था ? बाबर और इब्राहिम लोदी को आपस में लड़वा देना एक अच्छी कूटनीति थी इसमें बुराई क्या थी ? और उस समय भारत नाम का कोई देश नहीं था , राणा सांगा का राष्ट्र मेवाड़ था और उनकी निति रणनीति चिंता सब मेवाड़ के लिए थी। आज के भारत से जोड़कर इसे गद्दारी कहना तुम्हारी नीचता को ही दिखता है।
दूसरी बात राणा सांगा के मार्गदर्शक गुरु कुल गुरु भी तो होंगे। वो क्या अपनी गाँव मरवा रहे थे। अगर राणा सांगा ने बाबर को हरा दिया होता और दिल्ली पर कब्ज़ा कर लिया होता तब जरूर चाणक्य की तरह कोई फ़र्ज़ी बना देते तुम लोग।
अब मैं बताता हो गद्दार कौन थे ? गद्दार थे वो लोग जिन्होंने नालंदा को जलाया , जिन्होंने बौद्ध मठों और स्तूपों पर कब्ज़ा कर उन्हें मंदिर बना दिया। जिन्होंने बख्तियार खिलजी को बुलाकर बचा खुची नालंदा यूनिवर्सिटी को भी नष्ट करवा दिया। गद्दार था नेहरू जिसने देश को बाँट दिया अपना प्रधानमंत्री बनने के लिए।
गद्दार था लोकमान्य तिलक जिसने अंग्रेजो को खुश करने के लिए आर्य इन्वेजन की थ्योरी बनाई। गद्दार था बीरबल जिसने अकबर को महान बताया। गद्दार था राय बहादुर सूर्य नारायण शर्मा जिसने भगत सिंह के खिलाफ गवाही दी। गद्दार था वीरभद्र तिवारी जिसने चंद्रशेखर आज़ाद की मुखबिरी की। गद्दार था गंगू ब्राह्मण या गंगू भट्ट जिसने गुरु गोविंद सिंह जी के दो छोटे साहिबजादों ब��बा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह और उनकी माता गुजरी जी के साथ विश्वासघात किया।
UGC बिल पर जो हल्ला काट रहे हैं, कह रहे हैं सवर्ण को भाजपा को सबक सिखाना चाहिये उन्हें बता दूँ सवर्ण कोई वर्ग है ही नहीं और बन भी नहीं सकता। मोदीजी ये जानते हैं, ना तो सवर्ण जातियों में एकता है और ना वो एक मत होकर वोट करेंगे लेकिन obc से उन्हें लाभ मिलेगा, UGC बिल उत्तर प्रदेश चुनाव को ध्यान में रखकर लाया गया है। खैर एकता क्यों नहीं है औरक्यों नहीं होगी ये आप पोस्ट की गयी पिक्चर में देख सकते हैं। ये ऐसी तुच्छ मानसिकता वाले लोग ये नहीं जानते ये किसी और का नहीं अपने समाज का ही कितना बड़ा नुकसान कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह वर्तमान भारतीय राजनीति के कोहिनूर हैं , ऐसे समय में जब लोग पार्षद बनने के लिए तमाम चापलूसी समझौते करते हैं, टिकट खरीदते हैं। विधायक बनने के लिए या बने रहने के लिए कुछ भी करते हैं, चुनाव पहले कुछ भी बोलते हैं बाद में जुमला बोल कर अपने वा��ों को हवा में उड़ा देते हैं, दिग्विजय सिंह अपनी राजयसभा की सीट छोड़ रहे हैं। क्या ये वर्तमान राजनीती में संभव है ? इतना ही नहीं 2003 के मध्य प्रदेश इलेक्शन के समय जब दिग्विजय सिंह सीएम थे उन्होंने घोषणा की थी कि यदि मैं चुनाव हार गया तो 10 साल तक कोई भी राजनैतिक पद नहीं लुंगा और 2004 से 2014 तक केंद्र में upa सरकार में उन्होंने कोई पद नहीं लिया जबकि उस सरकार में वो रक्षा मंत्री या गृह मंत्री तक बन सकते थे। य��� होती है राजनैतिक शुचिता, शब्दों का मान रखना। एक स्वाभिमानी की प्रतिज्ञा। वहीँ दूसरी तरफ लालू ने भी 2005 में घोषणा की थी यदि बिहार हार गए तो राजनैतिक जीवन से सन्यास ले लेंगे। लेकिन हुआ क्या ? चुनाव हारते ही केंद्र में रैल मंत्रालय ले लिया। यही है भारतीय राजनीति का सली कुरूप चेहरा। वीपी सिंह ने भी दोबारा प्रधानमंत्री पद ठुकरा दिया था। कल्याण सिंह ने उत्तर प्रदेश का सीएम पद दांव पर लगा दिया था अपनी धार्मिक प्रतिबद्धता के कारण। भारतीय राजनीती और भारतीय जनता इनमे से किसी को भी deserve नहीं करती वो जो deserve करती है वो उसे मिलता है। झूट फरेब धोखा। और हाँ आरएसएस ने दिग्विजय सिंह की छवि बिगाड़ने के लिए बहुत कुछ किया लेकिन आरएसएस तो महाराणा प्रताप से लेकर पृथ्वीराज चौहान तक को नहीं छोड़ती, उनका क्या विश्वास करना।
@digvijaya_28
आप सब ने रिपब्लिक भारत पर बहुत प्यार और सम्मान दिया ।
अब अगला पड़ाव ndtvइंडिया l
वही साथ, प्रेम और आशीर्वाद बनाए रखें 🙏🏻
हमारा ये रिश्ता यूं ही बना रहना चाहिए ।
rjd के आने से पहले ही rjd के गंवार समर्थकों ने जंगलराज के बारे में चीख चीख कर बताना शुरू कर दिया है।
“भैया के आवे दे सत्ता में, उठा लेब सटा के कट्टा घरा से रे।”
गायक : गांधी लाल यादव
लेखक: सौरभ शराबी यादव
संगीत : राहुल यादव
इनका समाजवाद , सामाजिक न्याय , बहुजन आंदोलन से कुछ लेना देना नहीं। इन्हे गुंडागर्दी लूटपाट करना है।
आज निशब्द हूँ l
आप सभी जनपद वासियों का बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏
हरदोई में जो प्यार और सम्मान मिला है उसको कभी भूल नहीं पाऊँगा l कोटि कोटि धन्यवाद 🙏🙏
#HardoiDiaries
उत्तर प्रदेश -
बहुप्रतीक्षित- भारी भरकम महानुभावों की लिस्ट आई -
SP गोयल साहब - मुख्य सचिव ( ताक़त घटी - खेमे में खलबली ) वक्त बताएगा की अब गोयल साहब अपनी धुंआधार टीम को क्या मोटिवेशन देते हैं !!
वरिष्ठ आईएएस दीपक कुमार बहुत मजबूत बनकर उभरे, APC ,IDC, यूपीडा समेत तमाम पद दीपक साहब चलायेंगे !!
संजय प्रसाद जी सारी अफ़वाहों को दरकिनार कर सशक्त हुए , जहाज के अलावा सब कुछ यथावत !!
अमृत अभिजात का नाम ब���़े बड़े विभागों के लिए चल रहा था,गेम हो गया,पर्यटन में भेजे गए !!
अजय चौहान अपने पद पर मजबूती से जमे हैं,जलवा बरकरार है !!
मध्यम मार्गी पार्थ सारथी स्वास्थ्य के बाद अब बेसिक शिक्षा में अपना धम्म चलायेंगे !!
अमित घोष को दुर्गा पूजा से पहले बड़ा तोहफ़ा मुख्य धारा में आए, स्वास्थ्य ,चिकित्सा शिक्षा लाए गए !!
पी गुरु प्रसाद जी ने बढ़ के खेल दिया है, गेंद स्टेडियम के बाहर , आवास के साथ नगर विकास भी प्राप्त हुआ !!
#सोसॉरी
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