आज अहमदाबाद में आयोजित इफ्तार मिलन समारोह में शामिल होने का अवसर मिला।
आपसी भाईचारे, मोहब्बत और सौहार्द का यह खूबसूरत माहौल हमारे देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब की असली पहचान है।
सच को दबाया नहीं जाएगा,
कांग्रेस को झुकाया नहीं जाएगा।
मोदी और अमित शाह ने कांग्रेस की आवाज को दबाने के लिए नेशनल हेराल्ड का फर्जी केस खड़ा किया था।
📍 पटना
आज झारखंड में NSUI की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुआ।
आगामी कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण रणनीतियों पर चर्चा की गई।
पूर्व शिक्षामंत्री माननीय बंधु तिर्की जी तथा विधायक बड़े भाई अनूप सिंह जी ने NSUI के साथियों को संबोधित कर संगठन को मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
#Jharkhand
पार्टी के नवजवान भाइयों...
ना विचलित होना है ना घबड़ाना हैं..
हम सब जीतेंगे.... दौर हमारा भी आएगा....
राहुल गाँधी जी के साथ रहना है क्योंकि राहुल जी ही देश की असली मुद्दों की लड़ाई लड़ रहे है......
#bihar#Congress
बिहार कांग्रेस के एक अनुभवी और कद्दावर नेता @Ahmad_Shakeel सर का इस्तीफा पार्टी के लिए दुःखद है। कांग्रेस के प्रति उनकी निष्ठा और पारिवारिक जुड़ाव को याद किया जाएगा उनका बिहार कांग्रेस से इस्तीफा बिहार की राजनीति में कांग्रेस के लिए एक बड़ी क्षति है।
@RahulGandhi@INCIndia
संविधान ने जनता को वोट डालने की शक्ति दी है, जिससे सरकार बनाने का निर्णय आप लेते हैं।
लेकिन जब BJP को पता चला कि जनता खिलाफ हो रही है, तो उसने आपके अधिकारों को कमजोर करने के लिए 'वोट चोरी' करनी शुरू कर दी।
: कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
📍 कदवा, बिहार
सुमन आनंद की गिरफ्तारी बिहार के लिए अंतिम चेतावनी है। मुख्यमंत्री मौन और प्रधानमंत्री आक्रामक—लेकिन बिहार के युवा अब चुप नहीं बैठेंगे। पलायन नहीं, प्रतिरोध तय है।
नालंदा के इस बेटे को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने सच कहा। प्रधानमंत्री से कहना पड़ेगा—बिहार का युवा दबने वाला नहीं, चाहे कितनी भी गिरफ्तारियाँ करा लीजिए।
वाराणसी प्रधानमंत्री का क्षेत्र हो सकता है, लेकिन वह लोकतंत्र से ऊपर नहीं। नालंदा के छात्र को उठाकर आपने बताने की कोशिश की कि “सवाल मत पूछो”—पर बिहार अब और ज़ोर से पूछेगा।
नालंदा की परंपरा सवाल करने की है और सुमन आनंद उसी परंपरा का प्रतिनिधि है। प्रधानमंत्री द्वारा ऐसी गिरफ्तारी करना बताता है—सत्ता आलोचना से कितनी भयभीत है।
पलायन ने बिहार को कमज़ोर किया, और अब प्रधानमंत्री की यह कार्रवाई उसे और चोट पहुँचा रही है। नालंदा के सुमन को आपने जेल भेजा है, पर बिहार का गुस्सा अब सड़क पर दिखेगा।
मोदी सरकार को सुमन आनंद जैसे साहसी छात्रों से डर लगता है, इसलिए गिरफ्तारी कराई गई। पर बिहार याद रखेगा—पलायन करने वाले छात्रों की आवाज़ को आप चुप नहीं करा सकते।