@rjluckypal 1 saal se ky kr rhe h ye log pahle bol rhe the sb kuch final h sb portal bn jaye usi din upload kar denge seat ko ,,,ab jb upload ki baat aai to bahana bna rhe h chutiya bna rhe h youth ko , taki vacancy delay ho salary n dena pde ,,, bpsc Tre 4 wala khela shuru ho gya h 😃
💟 BPSC TRE 4 💟
#TRE4 पर JDU के शिक्षा मंत्री का फैसला पलटेगी BJP:* सुनील कुमार ने भेजा 45 हजार का प्रस्ताव, सम्राट सरकार 20,000 वैकेंसी निकालेगी, डेट तय नहीं नोटिफिकेशन का....😕
📢46 हजार सीट पे नोटिफिकेशन जारी हो
https://t.co/2XoyH9Lyow
@DileepY51270176@mkrtiwari_bjp
12 July यानि कल
को ट्विटर अभियान आयोजित किया है सभी साथी तैयार रहे..!
उद्देश्य: #प्राथमिक_शिक्षक_भर्ती में ग्रामीण एवं नगरीय भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी करे सरकार..!
सभी अभ्यर्थियों से अनु���ोध है कि अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें और अपनी आवाज़ बुलंद करें..!!
अगर सरकार #ग्रामीण विद्यालयों के रिक्त पदों को शामिल नहीं करती है, तो अब केवल इंतज़ार नहीं, बल��कि संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा। अपने अधिकारों और न्यायपूर्ण मांगों के लिए सभी साथियों को एकजुट रहना होगा। आवश्यकता पड़ी तो #लखनऊ_घेर���व के लिए भी पूरी तैयारी करनी होगी। हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जब तक ग्रामीण पद नहीं जोड़े जाते, तब तक हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। अब समय है आवाज़ बुलंद करने का—हक़ लेकर रहेंगे।
हमारा सभी को एक मंच पर लाने क़ा प्रयास जारी है!
सभी से अनुरोध है सलाह से सहयोग करें!
Twitter campaign
दिनांक: 12 जुलाई
⏰ समय: सुबह 10:00 बजे
उत्तर प्रदेश के लाखों योग्य बेरोजगार युवा 2018 से नई भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। स्कूलों में पद भारी संख्या में खाली हैं और युवा सड़क पर हैं। सरकार से हमारी स्पष्ट मांग ���ै:
नगरीय और ग्रामीण एक साथ बड़ी प्राथमिक शिक्षक भर्ती जारी करे!
UP प्राथमिक शिक्षक भर्ती अपडेट 🚨
👉कितने पदों पर भर्ती आएगी ?
आप लोग यूट्यूबरों के 50,000 /60,000 70,000/ 80,000 के भ्रम में लगे रहते हैं....!!
अखबार वालों का डेटा रोज बदलता रहता है और इन पर क्या भरोसा क���ोगे जो 2021 से ही लगातार भर्ती ल रहे है 🫢
🚨👉 वास्तविकता यही है कि केवल अभी 11500 पदों पर अधियाचन की बात सही है बाकी सब फर्जी है ✅
👉अभी समय है प्रयास कर लो शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री, जनता दरबार जहां से भी हो सकता है प्रयास कऱ लो, थोड़ी बहुत बढ़वा लो वरना 11,500 पदों पर विज्ञापन आएगा और क्या होगा आप जानते हैं❓
इसमें भी शिक्षा मित्रों को 25 नंबर का भारांक पहले ही तय है और बच्चों की संख्या कई लाख है तो आप सम���दार है ❓
बाकी कुछ सीट तो नेताओं और जुआड़ वालों का फिक्स है 🤑
सब जगह ज्ञापन देके इसके बाद एक बड़ा धरना किया जाना चाहिए वरना आचार संहिता लगते ही केवल बाबा जी का घंटा मिलेगा और बजाते रहना जीवन भर 🤔✅
आपकी क्या राय है जरूर बताएं ❓
#शिक्षक_भर्ती #uptet #uttarpradesh #upessc
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण शिक्षक भर्ती का अधियाचन अभी तक आयोग को नहीं मिला है, जो कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यदि 10 दिनों के भीतर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो छात्र लखनऊ की सड़क��ं पर उतरने को मजबूर होंगे।
हमारी एक ही मांग, एक ही नारा: शहरी-ग्रामीण शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करो!
@basicshiksha_up @VoiceSuren_X @durgeshceh @AnjaliS39664779 @VishuYadav01
बिहार शिक्षा विभाग: ना अल्लाह मिले ना राम, न पढ़ाई शुरू हुई न ट्रांसफर का खुला काम
पटना। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के सरकारी दावों की एक बार फिर हवा निकल गई है। विभाग द्वारा जोर-शोर से तय की गई 1 जुलाई की डेडलाइन समाप्त हो चुकी है, लेकिन जमीन पर न तो नए कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो सकी है और न ही महीनों से लटका शिक्षकों का ट्रांसफर-पोस्टिंग का काम पूरा हो पाया है। हालात यह हैं कि छात्र और शिक्षक दोनों ही अधर में लटके हैं।
दावों की खुली पोल, सन्नाटे में नए संस्थान
सरकार ने सूबे ���े 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज और 38 जिलों में 572 मॉडल स्कूल खोलने का बड़ा एलान किया था। शिक्षा विभाग पिछले 6 महीनों से इसकी तैयारियों का दावा कर रहा था और 1 जुलाई से यहां विधिवत पढ़ाई शुरू होनी थी। इन कॉलेजों में दाखिले के लिए करीब 60 हजार छात्र आवेदन देकर बैठे हैं, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के चलते इन नए संस्थानों में अभी पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है।
मानकों में ढील के बाद भी नहीं मिले शिक्षक
कॉलेज संचालन के लिए विभाग को 6752 शिक्षकों की जरूरत थी। इसके लिए पहले नेट और पीएचडी पास शिक्षकों को स्कूल से कॉलेज भेजने का आदेश जारी हुआ, जिसका भारी विरोध होने पर सरकार को पैर पीछे खींचने पड़े। इसके बाद 100 अंकों का एक कड़ा मानक तैयार कर 70% अंक लाना अनिवार्य किया गया, लेकिन पूरे सूबे से सिर्फ 200 शिक्षक ही इस कसौटी पर खरे उतर सके। आनन-फानन में योग्यता का दायरा घटाकर 50% भी किया गया, इसके बावज��द स्कूलों और कॉलेजों को पर्याप्त शिक्षक नसीब नहीं हो सके।
10 बार तारीखें बदलीं, पर नहीं खुला तबादलों का पोर्टल
5.88 लाख शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 30 जून तक की समयसीमा तय की थी। उन्होंने 29 मई से 25 जून के बीच करीब 10 बार अलग-अलग तारीखें देकर दावे किए, लेकिन धरातल पर तबादलों के लिए आवेदन करने वाला पोर्टल तक नहीं खोला जा सका। पदों के मिलान (रेशनलाइजेशन) ��ी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अब इस पूरी कवायद के जुलाई के अंतिम सप्ताह तक खिंचने की संभावना जताई जा रही है।
बिना डेटा के ही सुधार की कोशिश, 14 हजार स्कूलों में सरप्लस शिक्षक
शिक्षा विभाग की सबसे बड़ी नाकामी बिना किसी ठोस डेटा के नीतियां बनाना रही है। राज्य के 14 हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां तय मानक से कहीं अधिक शिक्षक तैनात हैं, जबकि कई स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। विभाग के पास वर्तम���न में विष���वार शिक्षकों का कोई स्पष्ट डेटा ही मौजूद नहीं है। बिना किसी होमवर्क के डेडलाइन तय करने का नतीजा यह हुआ कि पूरी योजना पटरी से उतर गई है। हालांकि, सीएम सम्राट चौधरी ने भी नए सत्र से मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू कराने की बात कही थी, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मंत्री का बयान:
"बिहार में 5.80 लाख से अधिक शिक्षकों का ट्रांसफर होना है। नई नीति कैबिनेट से ��ास हो चुकी है। पूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जो भी समस्याएं आ रही हैं, उन्हें जल्द ही दूर किया जा रहा है।"
— मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार