@SumitBabaMishra@dvvnlhq Gajab baat to ye hai ki sab farzi report lga ke band krke complaint close kr dete hai aur issi ki shikayat kro to agle bhu farzi report lga ke close kr dete hai matlab pura vibhag hi chor hai
हल्द्वानी में आँखो के ऑपरेशन के बाद तबियत बिगड़ी और मरीज की मौत हो गई,
और इन परिजनों को लग रहा है कि पुलिस से लिपट के रोने से इनको जस्टिस मिल जाएगा।
(खैर मुझे क्या मैं चला मामला लीगल है-2 देखने)
जनता के मुद्दे -
1- शिक्षा
2- स्वास्थ्य
3- रोजगार
4- गरीबी
5- मंहगाई
सरकार के मुद्दे -
1- वंदे मातरम्
2- पाकिस्तान
3- हिंदू मुस्लिम
4- मुझको गाली दी
विपक्ष के मुद्दे -
1- EVM हटाओ
2- जाति जनगणना
4- लोकसभा स्पीकर हटाओ
5- वोट चोरी
मीडिया के मुद्दे -
1- सीमा हैदर का छठा बच्चा
2-मुस्कान को जेल में बेटी हुई है
3- आम काट कर खाते हो या चूसकर
अतुल सुभाष को मरे 1 साल से अधिक हो गया,
पत्नी निकिता और जज रीता कौशिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या की थी और कहा था कि दोषियों को सज़ा न मिले तो अस्थियां नाले में बहा देना।
उन्हें अब तक मिला न्याय 👇
▪️जज रीता कौशिक का प्रमोशन हुआ,
▪️बच्चे की कस्टडी पत्नी निकिता को मिली,
▪️ आरोपी निकिता,सास और साले को जमानत मिल गई।
▪️ जांच जारी है, कब तक जारी रहेगी, नहीं पता!!
>अतुल सुभाष ने 1.4 साल पहले सुसाइड किया था
>उसने अपने सुसाइड लेटर में पत्नी ,ससुराल वालों और जज रीता कौशिक पर आरोप लगाए थे,
>साथ में न्याय न मिलने पर अस्थियां नाली में बहाने की अपील की थी,
>बच्चे की कस्टडी किसी भी हालत में पत्नी के पास न जाने की भी बात लिखी थी,
>लेकिन हमारे देश के न्याय व्यवस्था से कौन परिचित नहीं है
>जिस जज पर आरोप थे उसका प्रमोशन हो गया
>बच्चे की कस्टडी पत्नी को मिल गई
>ससुराल वाले जमानत पर बाहर है
>अतुल के घर वाले दर दर की ठोकरें खा रहे
>सब मिलकर बोलों न्याय वाली देवी की जय
इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा ? FSSAI को तो वैसे भी फूड सेफ्टी से कोई मतलब नहीं है।
इनके भ्रष्ट अधिकारी तो सिर्फ टोकन लेकर धकाधक अप्रूवल देने में मस्त है।
अगर टोकन सही है तो क्या असली क्या नकली।
आज जब दुनिया के कई देश
• फूड सेफ्टी, क्वालिटी कंट्रोल और सख्त लैब टेस्टिंग सिस्टम बना रहे हैं ,
• मिलावट पर भारी जुर्माने और जेल की सजा दे रहे हैं ,
वहीं विश्वगुरु वाले देश में कई जगह बाजार में
नकली मसाले , सिंथेटिक दूध , केमिकल वाला पनीर और मिलावटी मिठाइयाँ खुलेआम बिकती रहती हैं।
ब्रिटिश हुकूमत के समय भी आम जनता की सेहत कोई बड़ी प्राथमिकता नहीं थी। टैक्स वसूली और संसाधनों का दोहन ज्यादा जरूरी था। आज फर्क बस इतना है कि हुकूमत देसी है, लेकिन कई जगह खाने की सुरक्षा और मिलावट पर कार्रवाई की रफ्तार देखकर लगता है कि जनता की थाली तब भी सुरक्षित नहीं थी और आज भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
झंडा जरूर बदल गया, पर कई बार ऐसा लगता है कि आम आदमी की थाली पर खतरे की कहानी ज्यादा नहीं बदली।
"FSSAI की तरफ से आपको मिलते हैं पूरे 5 लाख रुपए का इनाम"
जी हां,
नजदीकी रेस्टोरेंट में जाएं, मंचूरियन, कड़ाही पनीर खाएं,
और साथ में पाएं पूरे 5 लाख रुपए का कंपनसेशन....
हरियप गाइच.....
"टोमैटो सॉस खा लो गाइच"
~बस जिस तरह से कश्मीरी पुलाव में कश्मीर नहीं होता है उसी प्रकार इसमें टमाटर नहीं है।
~हापुड़ में 200 लीटर केमिकल से बनी सॉस पकड़ी गई है।
📍हापुड़ उत्तर प्रदेश
जिस हिसाब से FSSAI अप्रूवल दे रही है, आने वाले दिनों में घोड़े की लीद , भैंस का गोबर, बकरी के लेडी, ड्रिंक में कुत्ते का मूत, नाले का पानी सबको अप्रूवल देना शुरू हो जाए तो आप लोग आश्चर्यचकित मत होइएगा।
जिनके अधिकारी खुद नकली सर्टिफिकेट से भर्ती हुए हों , ऐसी संस्था से क्या ही उम्मीद रखनी।
माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी, @JPNadda@fssaiindia@PMOIndia
यह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं! FSSAI जैसे विभाग ने 140 करोड़ भारतीयों की सेहत से सीधा खेल शुरू कर दिया है।
न जांच, न इंस्पेक्शन, बस सर्टिफिकेट बांट रहे हैं जैसे किराना सामान! फैक्ट्री में पैरों से आटा गूंथते, चप्पलों से मसलते, गंदगी में सोया चाप जैसा प्रोडक्ट बना रहे हैं।
देश का खाना रोज जहर बनता जा रहा है।
FSSAI को तुरंत सख्ती से सुधारें, भ्रष्टाचार मिटाएं, दोषियों पर कार्रवाई करें। जनता की जान-सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा!
जिस व्यक्ति ने FSSAI को एक्पोज किया इस देश की निकम्मी और नकारा मीडिया ने उसे ही आरोपी घोषित कर दिया।
मीडिया ने FSSAI का वर्जन छाप छाप कर , बिना मुझसे कोई जानकारी लिए अलग ही नैरेटिव बनाने में लगे हैं।