#WamanMeshram
सभी कार्यकर्ता साथियों से अपील है कि वे राज्य अधिवेशन की सफलता को अपना व्यक्तिगत दायित्व समझते हुए पूरे उत्साह, समर्पण, अनुशासन और मिशनरी भावना के साथ तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाएँ। इस राज्य अधिवेशन को इतना भव्य, ऐतिहासिक और सफल बनाएं कि यह संगठन की बढ़ती शक्ति, सामाजिक जागृति तथा मूलनिवासी एकता का एक प्रेरणादायी मील का पत्थर सिद्ध हो।
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
@Uppolice@dgpup@balliapolice राजाराम भारती,ग्रा-त्रिकालपुर,थाना
गड़वार,बलिया का निवासी हूँ।विपक्षी पक्ष द्वारा गाली-गलौज मानसिक प्रताड़ना,जान से मारने की धमकी दी जा रही है।112 व थाना गड़वार में शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करें #Ballia
#WamanMeshram
बामसेफ का 34वां, पाँच दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर।
दिनांक: 09 जून, 2026 से 13 जून, 2026 तक (मंगलवार से शनिवार)।
स्थान: मसूरी, उत्तराखंड
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति मेरे बड़े भाई पर प्राणघातक हमला करने का प्रयास कर चुका है, सरेआम गालियाँ दे रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। कृपया FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।
@Uppolice@prayagraj_pol@myogiadityanath
#WamanMeshram
सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों को सर्वोपरि रखते हुए बामसेफ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वर्ष 2026 के नियमों से संबंधित वर्तमान प्रकरण में हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया है। यह नियम आज के समय की आवश्यकता हैं और उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, जवाबदेही तथा भेदभाव के विरुद्ध ठोस तंत्र स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा UGC- 2026 नियमों पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद, बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम ने इस मामले में सामाजिक न्याय के पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने के उद्देश्य से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक Intervention Application (हस्तक्षेप याचिका) दायर की है।
इस प्रकरण में बामसेफ की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रितेश पाटील तथा एडवोकेट अमन रावत अधिवक्ता के रूप में उपस्थित हैं। बामसेफ इन दोनों अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने सामाजिक न्याय से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को न्यायालय के समक्ष आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई है।
बामसेफ इस अवसर पर रोहित वेमुला, डॉ. पायल तड़वी, दर्शन सोलंकी तथा उन सभी साथियों को याद करता है जिन्हें शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और जो संस्थागत हिंसा के शिकार बने।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और मान्यवर कांशीरामजी की विचारधारा और विरासत को आगे बढ़ाते हुए बामसेफ यह स्पष्ट करता है कि शिक्षा संस्थानों में समानता, गरिमा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए यह लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ी जाएगी।
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
आज ही के दिन 1जनवरी 1818 में 500 मूलनिवासी सैनिकों ने 28000 विदेशी ब्राह्मणों को गाजर मूली की तरह काट डाला था विदेशी ब्राह्मणों का अत्याचार चरम के कारण