#Panvel This is the Anganwadi worker from Nandgaon, look at her cruel behavior with a small child, she literally kicked on child chest 🤬🤬
Kindly look at this matter urgently and arrest this woman.
@NMMConline@DGPMaharashtra@PMCPune@Navimumpolice
A Muslim woman, Shama Parveen, converted to Hinduism to marry Shambhu and even filed a police complaint against her own parents to be with him.
Today, Shambhu’s family calls her “Chinri” (whore) and has thrown her out of the house.
आधार कार्ड नागरिकता का आधार नहीं है
• वोटर कार्ड नागरिकता का आधार नहीं है
• पैन कार्ड नागरिकता का आधार नहीं है
• ड्राइविंग लाइसेंस नागरिकता का आधार नहीं है
और अब पासपोर्ट भी नागरिकता का आधार नहीं है
अब दिखाने को कौन सा कागज बचा है?
I have a VOTER ID card, but NO, it is not proof of citizenship.
I have a AADHAR card but NO, it is not proof of citizenship
I have a PAN Card, but NO, it is not proof of citizenship.
I have a PASSPORT but NO, it is not proof of citizenship.
So who will give me a CITIZENSHIP CERTIFICATE? A govt bureaucrat?
My question is simple: is the problem with the citizen, or with the Mai Baap State itself?😡
ख़बर को घुमाने का तरीक़ा समझिए-
आग लगी..15 छात्रों की मौत हुई - Fact
— सीएम ने जाँच का आदेश दिया, रिपोर्ट माँगी-Fact
— सीएम को फलाना-चिलाना जगह जाना था लेकिन सब रद्द कर के वो राजधानी में इस मामले को देख रहे हैं - TV channel की घुमावदार रिपोर्टिंग
— एक बार सुनने में सामान्य लगता है लेकिन असल में बताया ये जा रहा है कि और भी ज़रूरी काम थे जिनको छोड़ वो आग के मामले को देख रहे हैं
— प्रश्न- सूबे के अगुवा को कब ज़रूरी काम नहीं होते?? उन्हें जो सबसे ज़रूरी लगा वो कर रहे हैं।
लेकिन चैनलों का ये घुमाने का तरीक़ा आग में 15 छात्रों के मर जाने की घटना को छोटा और ज़रूरी काम छोड़ इस घटना पर ध्यान देने को बड़ा बताने की कोशिश है।
समझे कि नहीं?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय पासपोर्ट, वीजा और दस्तावेज सत्यापन (अटेस्टेशन) से जुड़ी सेवाएं 26 जून से 30 जून तक पांच दिनों के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेंगी. यह फैसला भारत सरकार द्वारा नई आउटसोर्स सेवा प्रदाता कंपनी को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया के तहत लिया गया है.
पूरी खबर: https://t.co/lhyQWKSgOm
#UAE #Passport #visa #TV9Card
कुछ लोग एक महिला को पकड़कर जबरन उसके बाल काट रहें है।
महिला आयोग @MinistryWCD को इस अमानवीय घटना का संज्ञान लेना चाहिए।
कोई इतना निर्मम कैसे हो सकता है ?
@RahulGandhi@LambaAlka कृपया मामला देखें।
आप बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर मामला और उसके बाद हो रही राजनीति देख रहे हैं।
एनकाउंटर से ठीक पहले भरत तिवारी का फेसबुक लाइव वीडियो देखिए। इसमें दोनों पक्ष है।
समग्र दृष्टि से देखिए।
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
For the third time, a former MLA is being paraded in public, made to perform humiliating punishments, and reportedly forced to apologise to Hindus.
Would a non-Muslim ex-MLA be subjected to this kind of repeated public humiliation? Has any former elected representative from the majority community ever been treated this way?
एक सप्ताह के भीतर बंगाल पुलिस दूसरी बार जहांगीर खान की परेड करा रही है। जब पिछली बार परेड कराई तो उसमें जहांगीर खान ने हाथ जोड़कर कान पकड़कर माफी नहीं मांगी नहीं थी, तो इसलिए दोबारा से परेड कराई गई है। इस तस्वीर में जहांगीर खान की परेड कराई जा रही है, वो एक तस्वीर में हाथ जोड़ रहे हैं, दूसरी में कान पकड़ रहे हैं। उन्हें सरे बाज़ार घुमाया जा रहा है। यह तस्वीर क्या संदेश दे रही है? यही कि ‘जहांगीर’ के कोई अधिकार नहीं हैं? वो दोयम दर्जे के नागरिक हैं? यहां यह बताना ज़रूरी है कि जहांगीर बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट से प्रत्याशी थे, उनकी सीट पर चुनाव हुआ तो पहले कुछ बूथों का चुनाव रद्द कर दिया गया, फिर पूरी सीट का चुनाव रद्द कर दिया गया। जब बंगाल में भाजपा की ‘जीत’ गई तो उस सीट पर दुबारा मतदान हुआ, जहांगीर ने ‘बचने’ की गरज से चुनाव से पीछे हटने का निर्णय लिया, और सुवेन्दु अधिकारी के समर्थन में बयान भी दिया, इसके बाद फाल्टा का नतीजा आया और भाजपा ‘जीत’ गई।
जहांगीर को लगा होगा कि चुनाव में पीछे हटने, भाजपा को वॉक ओवर देने, सुवेंदु अधिकारी के समर्थन में बयान देने से भाजपा उसे बख्श देगी। लेकिन वह यह भूल गए थे कि जिस राज्य में चुनाव का मुद्दा ही ‘जहांगीर’ और उनका समुदाय हो वो पार्टी भला उन्हें कैसे बख्श देगी? जहांगीर शायद भूल गए होंगे कि उनका समुदाय भाजपा की प्राण वायु है, वह समुदाय या उसका नेता जितना सताया जाएगा उतना ही भाजपा जीतेगी। बंगाल की सत्ता में आने के बाद ‘जहांगीर’ के साथ जैसा सलूक किया जा रहा है, वो लोकतांत्रिक है? मदर ऑफ डेमोक्रेसी में ऐसा होता है? अगर होता है तो फिर तो ऐसा ही अभिषेक बनर्जी के साथ क्यों नहीं हो रहा?
जहांगीर खान टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते थे। बंगाल पुलिस, बंगाल सरकार अभिषेक बनर्जी या उनकी बुआ की ऐसे ही परेड निकलवाए तो जानें! जहांगीर अपराधी हैं, जहांगीर माफिया हैं, जहांगीर गुंडा है तो फिर वो जिस दल से जुड़े थे, जिस दल के संरक्षण में थे उस दल के टॉप नेता तो और भी बड़े अपराधी होंगे! उनकी परेड कराकर दिखाएं। उनकी भी ऐसे ही परेड कराकर देख लीजिए।
अब मुसलमानों को भी एक सलाह है। ऐसे आदमी को बिल्कुल भी सपोर्ट ना करें जिसका अपराध से कोई नाता हो, या अपराधिक प्रवृत्ति का हो। नेता उसूल पसंद होना चाहिए। जो मर जाए, लेकिन उसूल से कोई समझौता ना करे। दुनिया का इतिहास भी यही बताता है, वो लोग जिन्होंने समझौते किए उन्हें इतिहास ने डरपोक लिखा है, और वो लोग जिन्होंने अपने उसूलों से कोई समझौते नहीं किए, और इसी वजह से फांसी पर लटक गए, इतिहास उन्हें हीरो बताता है। क्या लगता है आज ‘बचने’ के लिए ‘हाथ जोड़कर कान पकड़ने’ वाले जहांगीर का उसूलों से भी सरोकार होगा। विपरीत वक्त में दुर्गति इनकी होती है, और हौसला उनका टूटता है जो इन्हें बड़ा नेता समझा करते थे।
MISSING ALERT | Nagpur 📍
Three minor girls (14–16) from the Mominpura and Bhaldarpura areas of Nagpur, Maharashtra have gone missing from their homes... all from the Ansari family.
Anyone with information is urged to contact their family or the nearest police station immediately.
भारत में इस समय जहां NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक को लेकर विवाद देखने को मिल रहा है। वहीं, इस बीच चीन में दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा संपन्न हुई है। इस परीक्षा में रिकॉर्ड 1.3 करोड़ छात्र शामिल हुए। छात्रों को परीक्षा के दौरान कोई असुविधा न हो और वे पूरी एकाग्रता के साथ पेपर दे सकें, इसके लिए पूरे देश ने एकजुटता दिखाई।
परीक्षा केंद्रों के आसपास की फैक्ट्रियां उस दिन बंद कर दी गईं और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया, ताकि कहीं से भी शोर न हो। एग्जाम सेंटर के आसपास ट्रैफिक पाबंदियां लगाई गईं, छात्रों के आने-जाने के लिए खास इंतजाम किए गए।
चीन में दुनिया की सबसे बड़ी और भारत के JEE/NEET के संयुक्त स्तर वाली प्रतिष्ठित परीक्षा 'गाओकाओ' (Gaokao) को मात्र दो दिनों के भीतर बेहद सुचारू रूप से संपन्न करा लिया गया। भारत में स्थित चीनी दूतावास ने दावा किया है कि उन्होंने करीब 1.3 करोड़ छात्रों की 'गाओकाओ' परीक्षा को बिना किसी रुकावट और गड़बड़ी के सफलतापूर्वक संपन्न करा लिया है।
चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस परीक्षा की तुनला भारत में होने वाले जेईई (JEE) और नीट (NEET) से की। यू जिंग ने लिखा, "चीन की गाओकाओ दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा है और यह भारत की JEE और NEET का मिला-जुला रूप है। महज 2 दिनों में 1.3 करोड़ छात्रों के लिए इस परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित कर लिया गया।"
चीनी दूतावास की ओर से परीक्षा के दौरान की गई भारी-भरकम लॉजिस्टिक व्यवस्था की भी तारीफ की गई। यू जिंग ने लिखा, "परीक्षा के लिए फैक्ट्रियों का काम रोक दिया गया। सड़कों को शांत कर दिया गया। छात्रों के लिए पूरा देश एक साथ खड़ा रहा।"
बता दें कि गाओकाओ परीक्षा को चीन का शिक्षा मंत्रालय आयोजित कराता है। गाओकाओ एग्जाम चीन के विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए होने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षा है।। इस साल यह परीक्षा दो दिनों तक चली। जिसमें करीब 1.3 करोड़ छात्र शामिल हुए। इसमें शामिल होने वाले छात्रों की संख्या के आधार पर इसे दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा कहा जाता है।
यह परीक्षा किसी भी चीनी छात्र की जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण इवेंज माना जाता है। इसके लिए छात्र पूरे साल मेहनत से तैयारी करते हैं।
भारत में नीट-यूजी की परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव की अध्यक्षता वाली इस समिति के सामने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के अध्यक्ष अभिजात सी. सेठ ने अपना पक्ष रखा।
वैश्विक स्तर से सीख और समन्वय की जरूरत संसदीय समिति के सदस्यों ने अधिकारियों को अमेरिका और चीन जैसे देशों का उदाहरण दिया, जहां इतनी बड़ी परीक्षाएं बिना किसी शिकायत या पेपर लीक के आयोजित की जाती हैं। समिति ने सुझाव दिया कि भारत को भी इन वैश्विक मानकों और 'बेस्ट प्रैक्टिसेज' को अपनाना चाहिए।
#NEETUG #India #China #Exam #DainikJagran