india's MP, Bhopal City,
The police misbehaved with a Muslim family in Bhopal, Madhya Pradesh, pushed the elderly man and it is alleged that the policeman also beat him up... The victim's family had come to file an FIR for the assault but the police misbehaved with them. More Detail In video
MY FAN MOMENT: meeting Mohd Irfan, the slum dwelling Mazdoor whose passionate reading of our Constitution at Jantar Mantar has gone viral and led to @RahulGandhi Rahul Gandhi seeking him out . @TheLallantop
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी।
मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।
कॉंपती हुई आवाज़ में संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए इरफ़ान को सुना जाये, सड़क पर अप���े हक़ के लिये उतरे हुए छात्रों में ना जाने कितने एैसे युवा हैं जिनके सपने चकनाचूर हैं।
इनकी आवाज़ सुनी जानी चाहिये, आपको सैल्यूट इरफ़ान ��ाहब❤️
शुक्रिया राहुल गॉंधी जी मोहम्मद इरफ़ान से ���िलने के लिये आप उनके घर गये, इरफ़ान जैसे युवा लोकतंत्र और संविधान के वो चिराग़ हैं जो लम्बे वक्त तक रौशनी देंगे।
@RahulGandhi
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को आप लोगो ने नहीं सुना तो सब बेकार है ,
इस युवा लड़की नेहा बोरा ने सभी को दीवाना कर दिया , आज पूरा विपक्ष इस लड़की की तारीफ कर रहा है
A fully functional university established in 2006 with over three thousand students will be bulldozed. The future of students be damned if the university is called : Mohammad Ali Jauhar university
मुलायम सिंह यादव जी ने पार्टी की तरफ से मुझे हरे रंग की पजेरो दे रखी थी मैं पीछे सीट पर लेटा हुआ था उस वक्त अब्दुल्ला बहुत छोटा था
मैं मुरादाबाद से रामपुर होते हुए जा रहा था रास्ते में अब्दुल्ला ने मुझे जगाया देखो बाबा सामने बड़ी पुलिस है मैने देखा कतार में पुलिस खड़ी है और सब राईफल ताने
एक इंस्पेक्टर ने नंगी रिवाल्वर म��रे सीने पर तान दी और कहा गाड़ी से उतरिए.. मैं उतरा ड्राइवर से कहा बच्चे को दूर खेतों में ले जाओ जिससे वो बच सकें और मैं जमीन पर बैठ गया।
मुरादाबाद के सभी MLA,DM,SP वहां आ गए और कहा गलती हो गई आप जाइये।
मैं दिल्ली यूपी हाउस आ गया और अगले दिन टीवी पर हेडलाइन देखी कि आजम खान पर फला फला धाराओं में मुक़दमा दर्ज हो गया उसमें मुझे सजा हो गई और मेरी मेंबरशिप चली गई।
#मौलाना_मोहम्मद_अली_जौहर
विश्व विद्धालय पर सिर्फ इसलिए कार्यवाही हो रही है
क्युकी उसके साथ
#आज़म_खान का नाम जुड़ा है
सरकार अगर चाहे तो
" कंपाउंडिंग " जमा करवा कर नक्शा पास किया जा सकता है
गिराने से बेहतर है सरकार उस university को अपने आधीन लेकर संचालित कर ���कती है
वरना नक्शा तो उत्तर प्रदेश मे हज़ारों
multy story इमारतों का भी नही पास है
आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर अब बुलडोजर चलेगा.
प्रशासन का कहना है कि रामपुर में बनी इस यूनिवर्सिटी में कुल 40 भवन हैं, जिसमें से 38 का नक्शा पास नहीं हुआ था.
इसलिए 38 भवनों पर अगले 15 दिन में बुलडोजर चलेगा.
📍यूपी
जब जौहर युनिवर्सिटी का निर्माण हो रहा था तब वो क्षेत्र रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के दायरे में नहीं आता था, बाद में प्राधिकरण ने अपना दायरा बड़ा कर लिया और अब रामपुर DM कह रहे हैं कि जौहर युनिवर्सिटी का नक्शा नहीं पास है तो गिराने का आदेश पारित कर दिया गया है।
वैसे नक्शा तो इस देश की किसी युनिवर्सिटी का पास नहीं है तो क्या सारे विश्वविद्यालयों पर बुलडोज़र चला ��ोगे ??
नक्शा तो इस देश के ज्यादातर DM ऑफिस का भी नहीं पास होगा तो क्या सब को ज़मींदोज़ कर दोगे ?
एैसे बेतुके और तानाशाही वाले आदेश पारित करते हुए इन अधिकारियों को सोचना चाहिये कि ये भी किसी एैसी ही युनिवर्सिटी से पढ़कर आये होंगे जहॉं का नक्शा नहीं पास होगा।
शिक्षा के इतने बड़े संस्थान को बचाने के लिये सभ्य समाज को आगे आना होगा वरना ये ज़ालिम सरकारें कुछ भी महफ़ूज़ नहीं रहने देंगी।
कश्मीर की सड़कों पर हिजाब पहनी बच्चियों के सामने "हर हर महादेव" के नारे लगाने से ज़्यादा वाहियात और क्या हरक़त हो सकती है?
अमरनाथ यात्रा करना हमारा धार्मिक अधिकार है। लेकिन जिस धरती पर हम यात्रा करने जाते हैं, वहाँ के लोगों की भावनाओं और स्थानीय संवेदनशीलता का सम्मान करना भी उतना ही बड़ा धर्म है। यही मह��देव का मार्ग है।
सच तो यह है कि हम दिन-रात धर्म की बात करते हैं, लेकिन धर्म के सिद्धांत सबसे पहले भूल जाते हैं।
शायद इसी को कलियुग कहते हैं।
कुछ आखिरी अलविदा इतना ऐतिहासिक हो जाता है कि जमाना याद रखता है जिसमें करीब 100 देशों के प्रतिन��धियों को मिलाकर लगभग 2 करोड़ लोगों के उपस्थित होने का अनुमान लगाया गया है।
सदी का अनोखा अंतिम संस्कार।