सीधा सवाल है-
अगर दिल्ली पुलिस ने पत्थरों भरा ट्रक विपक्ष के यूथ ऑर्गेनाइजेशन के दफ्तर के बाहर खड़ा किया, तो वे क्या चाहते थे?
इसमें दो ही बातें हो सकती हैं।
1. प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी-हिंसा होती और और ये प्रोटेस्ट खत्म हो जाता
2. दिल्ली और RAF के लोग ये पत्थर छात्रों पर चलाने वाले थे
ऐसे में दिल्ली पुलिस को पूरा 'चेन ऑफ कमांड' समझाना चाहिए।
: शांतनु सिंह जी
“Rahul Gandhi is our pride. He is the Leader of the Opposition we all are proud of.
नेता प्रतिपक्ष के रूप में देश को वर्षों बाद ऐसा इतना मजबूत नेता विपक्ष मिला है।” 🇮🇳❤️
भाजपा ‘अवध एक्सप्रेस’ से सत्ता में आई थी, ‘अयोध्या एक्सप्रेस’ से उसकी वापसी तय है।
दानपात्र में हाथ डालनेवाले भाजपाई और उनके संगी-साथियों के ख़िलाफ़ ‘दानपात्र’ के साथ सपा के सांसदों ने संसद के सामने जो सांकेतिक प्रदर्शन किया, उसे देखकर शर्मिंदगी में डूबे भाजपाई लोग, सबसे निगाह चुराकर चुपके से आते-जाते देखे गए।
जनता कह रही है, हम उदार हृदय भारतीय लोग, भाजपाइयों की सौ क्या हज़ार चोरी भी माफ़ कर देते लेकिन धर्म के पैसे चुराने का महापाप हम कभी माफ़ नहीं करेंगे। जनता ये भी कह रही है कि जो भगवान के नहीं हुए, वो हमारे क्या होंगे।
जो भाजपा का साथी, वो रामघाती-महापापी!
Amit Shah is solely responsible for the police brutality against India’s students.
If he ordered the attack, he is culpable. If he was unaware, he is incompetent.
There are only two possibilities.
🔵 Home Minister Amit Shah gave the order to use pellet guns, beat people with lathis, and use electric batons.
🔵 Amit Shah did not know what was happening. If that is the case, it is incompetence.
👉 In either case, he needs to go.
: LoP Shri @RahulGandhi
As the Education Minister of India, the BJP puts a man who is a defender of rapists. That is the filthiest type of man. There can be no filthier man than somebody who says that rapists need protection. That is the Education Minister of India today.
It's a strange reaction from the PM. There are so many people in his Cabinet; he could have chosen any one of them. But he chooses a person who protects rapists.
: LoP Shri @RahulGandhi
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
देश भर के छात्रों की सेवा के लिये लगातार मौजूद रहने वाले जुनैद को डिटेन करना और उनको परेशान करना इस सिस्टम का सबसे शर्मनाक चेहरा था, देश भर के लोग अपने अपने स्तर पर बच्चों की सेवा कर रहे थे, जुनैद ने भी इंसानियत के नाते छात्रों की मदद की।
सरकार से अनुरोध है कि ऑंदोलन में लोगों की सेवा करने वाले साथियों को डराना बंद करे।