The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No amount of force can deter India’s students, and those of us who love and believe in them, from raising these issues.
#ChhatronKiGoonj
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, युवाओं की आवाज़ एवं करोड़ों देशवासियों की आशाओं के प्रतीक आदरणीय श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं जनसेवा के पथ पर निरंतर सफलता प्रदान करें।
#RahulGandhi
Nehru’s writings are not just history, they are a record of India’s evolving conscience.
For anyone seeking to understand our nation’s democratic journey - its courage, its doubts, its dreams - his words remain a powerful compass.
I’m glad this legacy is now open, searchable, and free for all. It will keep getting expanded. Dive into the new archive: https://t.co/XowqLDERrO
भारत के लिए निडर होकर फैसले लेने और हर परिस्थिति में देशहित को प्रथम रखने की प्रेरणा मुझे दादी से ही मिली है।
उनका साहस, देशभक्ति और नैतिकता आज भी मुझे अन्याय के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़े होने का हौसला देती हैं।
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने दूरदर्शी और निडर नेतृत्व से स्वतंत्र भारत में संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव रखी और देश को एक नई दिशा प्रदान की।
उनके आदर्श और मूल्य आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। 'हिंद के जवाहर' को जयंती पर सादर नमन।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली में कार ब्लास्ट को दर्दनाक बताया और संवेदना व्यक्त की
◆ उन्होंने कहा कि इस हादसे में कई निर्दोष लोगों की मौत अत्यंत दुखद है
◆ शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
#RahulGandhi | #RedFort | लाल किले | मेट्रो स्टेशन | लाल किले | Red Fort | Delhi | #LalQila
बिहार के जमुई ज़िले के धर्मपुर गांव के कुछ लोगों से आज दुनिया को रूबरू करवाया - उनके साथ जो हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए सबसे दुखद और शर्मनाक त्रासदी है।
फॉर्म और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने के बावजूद, गांव के कई लोगों के नाम बिना किसी सूचना या कारण के मतदाता सूची से हटा दिए गए।
दिलीप यादव, एक दिव्यांग नागरिक, जिनका कहीं आना-जाना तक मुश्किल है - उनका नाम “अनुपस्थित” बताकर पूरे परिवार समेत हटा दिया गया।
सुनीता देवी, बंटी कुमार, क्यूम अंसारी, सबकी कहानी एक जैसी है - न सुनवाई, न कार्रवाई।
कई पुराने नाम जबरन मिटाए गए, कई पहली बार के युवा मतदाताओं के नाम जोड़े ही नहीं गए - सैकड़ों लोग लोकतंत्र से बाहर कर दिए गए हैं। क्योंकि वे दलित, पिछड़े या अल्पसंख्यक वर्ग से हैं। क्योंकि वे शायद BJP और उसके NDA सहयोगियों को वोट नहीं देंगे।
यही है असली वोट चोरी - लोगों की आवाज़, अधिकार और मौजूदगी मिटा देना।
और ये सिर्फ धर्मपुर नहीं, बिहार के हर गांव की कहानी बन चुकी है।
मगर, ये लड़ाई रुकेगी नहीं।
संविधान द्वारा दिए गए सबसे बड़े अधिकार, लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार - एक व्यक्ति, एक वोट - की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।