@RahulGandhi मोदी जी बहुत गलत कर रहे हैं.उन्हें मालूम होना चाहिए कि टाफी बच्चों की चीज है यहां राजनीति वाला बच्चा चिल्ला रहा है और वो किसी और का मुंह मीठा कर रहे हैं। घोर निंदा ।
सत्य तो यह है की कई लोग मोदी के Power में आने के बाद कोई न कोई सरकारी जगह पर Appointment चाहते थे
जिन लोगों को यह लाभ नहीं मिला वो मोदी समर्थक से मोदी विरोधी हो गए
एडी छोटी का जोर लगा दिया मोदी को बदनाम करने के लिए
नाम तो नहीं ले सकते लेकिन लेकिन यह लोग 2019 के बाद से विरोध कर रहे हैं और उलटी सीधी बातें फैला रहे हैं, जब इनको समझ आ गया की मोदी जी इनको कोई भाव नहीं देंगे, इन्होने दूसरे हत्कंडे अपनाए और अभी वह टूलकिट चालू है
@iamAshwiniyadav इन जेहादियों ने इतना आतंक फैलाया था कि डर के मारे कोई जज इसका केस नहीं सुनने को तैयार था,स्वाभाविक है सत्ता के सहयोग के बिना नहीं हो सकता।मारने का तरीका गलत था मगर कानून भी जिसके सामने बेबस था उसको सजा ऐसे ही दो जा सकती है।
बाकि ISI से संबंध था या नहीं यह साबित करना आसान नहीं है।
भाजपा का बुल्डोजर चौथे दिन तरुण को न्याय दिलाने नहीं, गिरी हुई @BJP4India की छवि उठाने के लिए वहाँ पहुँचा है।
भाजपा के नेता लोगों के घरों की मृत्यु तक को अपनी छवि चमकाने के लिए प्रयोग करते हैं। यह दुर्भाग्य है।
14 जनवरी से अगले दस दिन तक @BJP4India ने मीडिया को फोन कर-कर के, यूजीसी पर कोई भी समाचार चलाने से मना किया। पर सोशल मीडिया के कारण, उन्हें इस पर समाचार चलाना ही पड़ा।
आज भी मोदी जी की रैली है दिल्ली में। सुबह से कीनिया में बाढ़ के समाचार और ईरान में हो रहे हमले से ले कर इलाहाबाद का रैंडम न्यूज चलाया जा रहा है। यूजीसी पर हो रहे हाउस अरेस्ट पर कुछ नहीं।
यही न्यूज चैनल एक मजार तोड़ने पर न्यूज चला लेते हैं, पर आज ये कहाँ हैं? क्या पत्रकारों का हाउस अरेस्ट कोई न्यूज नहीं? या अनिल जी का फोन आ गया कि ये सब मत चलाओ, मोदी जी ₹35,000 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उसकी भूमिका बाँधो?
या ये तो नहीं कहा कि रैली में दिव्यांग व्यक्ति मोदी जी की पेंटिंग ले कर आएगा तो वो जरूर दिखाना है कि मोदी जी केयर कर रहे हैं, भीड़ में पहचान रहे हैं? अब ये स्क्रीनशॉट अनिल जी को मत भेज देना कि देखिए क्या-क्या लिख रहा है ये!
मेरा यूट्यूब के गैरवामपंथी चैनलों से आग्रह है कि सोशल मीडिया से वीडियो क्लिप लीजिए, और अपने-अपने शो में इस पर बोलिए कि सरकार को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते सवर्ण पसंद नहीं।
सवर्णों का केवल टैक्स चाहिए ताकि दलितों के फ्री कोचिंग, हॉस्टल, फी माफी फायनेंस हो सके। सवर्णों का केवल वोट चाहिए और बाकी समय सवर्णों को @narendramodi जी के गार्डन में तैयार बाँस मिलता रहेगा।
मेनस्ट्रीम मीडिया के पत्रकारों को कुछ घंटे बाद ये समाचार चलाना ही पड़ेगा। हम चलवाएँगे।
और हाँ भाजपा समर्थक मित्रों से, जो कहते थे नंबर एक और दो को छोड़ कर चलो, एक प्रश्न है: अब मैं क्या करूँ? क्या मैं संवैधानिक अधिकार मोदी की झोली में डाल दूँ?
सवर्ण एकता जिंदाबाद! फट्टू मोदी सरकार मुर्दाबाद!
#March8DelhiChalo #रामलीला_मैदान_चलो
@iamAshwiniyadav सब अपने अपने हिसाब से महिमामंडन करते हैं . कोई अफ़ज़ल और याकूब का ,कोई मुखिया का तो कोई फूलन का .. ग़लत सभी हैं मगर हम देखते सिलेक्टिवली हैं.
@iamAshwiniyadav यह उनके हर घर का सच है…सरदार पटेल ने सही कहा था की अचानक दिल में पाकिस्तान रखने वालों का विचार बदल कैसे जाएगा??
इनमें से कुछ सामने आ जाते हैं और कुछ संविधान की किताब और तिरंगे के पीछे छिपकर सही समय की प्रतीक्षा करते हैं.
@iamAshwiniyadav यह जिद के लिए बलिदान कहा जा सकता है,मगर यह समझदारी नहीं है। जिंदा रहकर ईरान को ज्यादा मजबूत कर सकते थे। अब अमरीका और अन्य ताकतें ईरान को आपस में बांट लेंगी। इससे अच्छा परमाणु कार्यक्रम पर समझौता ही कर लेता। कम से कम उसका देश सुरक्षित रहता।