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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार जी नहीं रहे। बारामती में विमान हादसे में दुखद रूप से उनकी मौत हो गई।
महाराष्ट्र की राजनीति को समझना इतना आसान नहीं है। अजीत पवार की विमान हादसे में हुई मौत कई सवाल खड़े करती है।
#AjitPawar
हम भी नहीं चाहते हैं यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार दोबारा बने।
अखिलेश यादव से गठबंधन को लेकर बोले असदुद्दीन ओवैसी।
@asadowaisi@aimim_national@imshaukatali
यह घटना बिहार के मधुबनी की है। सुपौल के मजदूर को बांग्लादेशी से कनेक्शन बता कर पीटा जा रहा है। पीट पीटकर मुस्लिम मजदूर को अधमरा कर दिया गया है। @bihar_police बताएं अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है? चुनाव खत्म हो चुका है इस लिए विपक्ष भी खामोश है।
इंदौर में मेयर बीजेपी का है, सांसद बीजेपी का है, इंदौर की सभी 9 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं और मध्य प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार है। ऐसे में आप बताइए-इन मौतों का जिम्मेदार किसे ठहराया जाए और सवाल आखिर किससे पूछा जाए?
#MadhyaPradesh
इंदौर में दूषित पानी के कारण लोगों की मौतें बीजेपी के मंत्री को फोकट के सवाल लगते हैं।
बीजेपी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब लोगों की मौतों पर सवाल पूछा गया तो फोकट के सवाल और घंटा-घंटा बोलकर निकल लिए..
पत्रकार @Anurag_Dwary ने सीधे कह दिया मंत्री जी लहजा संभालिए...
#Indore
अमानवीय कृत्य किसी भी देश में हों, वे नाक़ाबिले-बर्दाश्त है। चाहे बांग्लादेश हो, पाकिस्तान हो या हिंदुस्तान। मॉब लिंचिंग समाज का एक घातक नासूर है। बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों की जान जितनी क़ीमती है, उतनी ही भारत के अल्पसंख्यकों की भी। ऐसे अपराधों पर सख़्त क़ानून बनाए जाने चाहिए।
तुम पढ़े लिखे जाहिल हो @ShyamMeeraSingh
तुम बेशक किसी की बातों से डिसएग्री कर सकते हो लेकिन तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम कितने कट्टर हो?
तुम्हारे लिए बस इतना ही …
तहज़ीब सिखाती है जीने का सलीका, तालीम से जाहिल की जहालत नहीं जाती।
कठमुल्लों की आदत ये है कि जरा सी इनके ऊपर बात कर दो तो ये आम लोगों को भी संघी कहना शुरू कर देंगे। जैसे ये संघियों से कितने बेहतर हों, उदार हों। असल में ये संघियों से जरा भी कम चरमपंथी नहीं हैं। इन्हें सेक्युलरिज्म से दूर तक मतलब नहीं है। उल्टा ये संघियों से अधिक उजड्ड, धर्मांध और निरे मूर्ख हैं। ये स्पष्ट कहने में मुझे जरा भी शक और भय नहीं है।
यह बात हकीकत है सदन में बैठे अधिकतर सांसदों को बंदे मातरम याद नहीं होगा। बहरहाल इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर अगर चर्चा हुई है तो RSS को संजय सिंह का यह चैलेंज स्वीकार करते हुए 4 लोगों का नाम बता देना चाहिए।
@SanjayAzadSln@AamAadmiParty