@gdagzb#जोन_4 के अधिकारियो को A 237 बागवाली कॉलोनी शास्त्रीनगर गाजियाबाद स्थित इस अवैधनिर्माण से ऐसा क्या लालच और लगाव है जो 2017 मे ध्वस्तीकरण के आदेश करने के बाद भी इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं
पूछता है BHARAT
@apnilonm@ReporterRavi3@ALLINONEFINSER1@DelhiLocalNews2
#गाजियाबाद में अवैध स्विमिंग पूल (तरणताल) के संचालन पर प्रशासन ने सख्त रुख तो अपनाया है।*
*लेकिन अवैध स्विमिंग पूल पर जिले के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है*
*रोज़ाना हजारों लीटर पानी बर्बाद कर रहे है। अवैध स्विमिंग पूल संचालक*
*रोजाना पूरी रात नाइट क्लब के रूप में तब्दील हो जाता है स्विमिंग पूल*
गाजियाबाद बताते चले कि हाल ही में थाना वेब सिटी उस्मान कॉलोनी के पीछे संचालित किया जा रहा है यह *अवैध रॉयल स्विमिंग पूल चल रहा है* जो स्थानीय पुलिस और नगर निगम के कुछ अधिकारियों की संरक्षण प्राप्त है। स्विमिंग पूल बिना एनओसी के चल रहा है
विकास प्राधिकरण द्वारा रॉयल स्विमिंग पूल संचालक राशिद पर कोई एनओसी भी नहीं है। उसके बाद खुलेआम पूरी रात्रि और दिन में रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद क्या जा रहा है बगैर मानक के चल रहे अवैध स्विमिंग पूल
राशिद नामक व्यक्ति द्वारा संचालन क्या जा रहा है जो बिना जीडीए की अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रहा है लाखों लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है। मोटी रकम के चलते ऐसे प्लांट बनाए हुए है। जो पूरी रात्रि चलते है स्थानीय पुलिस भी इन पर अपनी मेहरबानी बनाए है। रात में 6 बजे के बाद आने वाले व्यक्तियों से एंट्री फीस भी डबल कर दी जाती है। यानि 6 बजे के बाद राशिद ऑनर द्वारा पर्ची के नाम पर 150 रुपया पर पेयर लिया जाता है। वही रात्रि में 11 बजे के बाद एक घंटा होने पर 200 सो रुपया पर पेयर लिया जाता है। रोजाना रात्रि में लगभग 100 से ज्यादा लोग खेतों के बीच होकर रॉयल स्विमिंग तक पहुंचते है। लोग यहां नहाकर इंजॉय करते है। वही शासन और प्रशासन आंखों बंद किए बैठा है।
*कोई घटना हुई तो जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ पुलिस प्रशासन ही होगा।*
जबकि जिले में बैठे जिले के जिलाधिकारी,,नगर निगम के नगर आयुक्त विकास प्राधिकरण द्वारा इसे अवैध स्विमिंग पूल पर सख्ती से कार्यवाही होनी चाहिए !
@112UttarPradesh@ghaziabadpolice@AMRUTCityGzb@dm_ghaziabad@gdagzb@UPIrrigationWR@JalUttar@upswsm
सेवा में,
नगर आयुक्त महोदय / संबंधित अधिकारी
https://t.co/MadBXzBuhz�
गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
2, मुख्य जिला अधिकारी गाजियाबाद
3, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
विषय: अवैध निर्माण कार्य के संबंध में
निवेदन है कि पता5/33, सेक्टर-2, राजेंद्र नगर, दूसरा पता 5/28 सेक्टर 2 राजेंद्र नगर
@gdagzb हम तुम रोड जहां 24 मीटर रोड का प्लान है उसकी ये हालत है कि यहां रोड पर शिवर का पानी आने से इतना क्षतिग्रस्त हो गया है कि 2 और 3 व्हीलर का चलना मुश्किल है. इसे अतिशीघ्र बनवाए वर्ना यहां के दस हजार निवासी का आक्रोश झेलने के लिए तैयार रहें
@myogiadityanath@UPGovt@aajtak
देश का सिस्टम मुर्दा हो चुका है..यहां गरीब..बेबस..मजबूर और लाचार को आसानी से न्याय नहीं मिलता...!
ये वीडियो देखिए...माता पिता के निधन के बाद बेटियों की जमीन हड़प ली गई..थाने तहसीलों के चक्कर लगाने के बाद भी जब न्याय नहीं मिला तो -
बिटिया 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई..!
आरोप है कि -
गांव के ही अवधेश सिंह,राकेश सिंह ने पीड़िता के खेत कब्जा लिए है..विरोध करने पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया गया..!
घटना यूपी के फतेहपुर जनपद की है..!
मैं हमेशा कहता हूं..गरीब को न्याय पाने के लिए एक नहीं कई अग्नि परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है...क्योंकि हमारा समाज हमारा सिस्टम मुर्दा हो चुका है..!
किसी भी सरकारी विभाग में चले जाओ हर जगह भ्रष्टाचारी कुंडली मारकर बैठे हैं जैसे वह संपति पर उनका पैतृक अधिकार हो? एक महिला द्वारा शिकायत पुस्तिका मांगने पर उस पर हांथ उठाना बताता है कि रेलवे का निजीकरण कुछ हद तक सही है?
सरकारी आदमी जानता है उसका कुछ नहीं होगा?
@CMOfficeUP@dm_ghaziabad@GhaziabadMP@GNN_Support@AMRUTCityGzb@gdagzb आदरणीय गणो मैं आप सभी का ध्यान इन्दिरापुरम की आवासीय कालोनी कि ओर दिलाना चाहता हूं जहां प्रशासन कि ढिलाई किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है नाले बने ज़माना हुआ ढकेंगे कब ? लोग इनमें कूड़ा भी डालने लगे है
सील तोड़ खोली दुकान,दबँगो ने @gdagzb के नियमो को दिखाया ठेंगा,
गाजियाबाद जॉन-4,K-151-152 विजयनगर मे GDA की खाली पड़ी भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण,GDA ने अवैध निर्माण को किया था सील, धवस्तीकरण के नोटिस के बाद भी दबँगो द्वारा सीलिंग तोड़ खोली दुकाने,GDA के नियमों को दिखाया ठेंगा।
@gdagzb@CMOfficeUP@UPGovt@AgainFight123 @ABhumafia44916 @myogiadityanath@myogioffice@narendramodi विजयनगर में बेसमेंट+4मंजिल के बाद अब6वीं मंजिल तक निर्माण पहुंच गया,जबकि 20अप्रैल को शिकायत दर्ज क्या @gdagzb की कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति है?JE,और अधिकारियों की मिलीभगत से आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह अवैध निर्माण?नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रहीं हैं और जिम्मेदार मौन हैं।