मुस्लिम आरक्षण हेतु जयपुर में रैली व प्रदर्शन हेतु चौमू सर्किल से विधानसभा तक की परमिशन मिल गई है ।
15 फरवरी को सभी साथी चौमू सर्किल पहुंचे समय 11 बजे।
एडवोकेट पप्पू खिलजी संस्थापक मजलिस ए हिंद @aimim_national@Aimim_Rajsthan @
सरकार बेबस
सभी अखाड़ों के मुखियाओं ने कुम्भ को बंद करने से इंकार कर दिया है,
सारा कानून कर्फ्यू मस्जिदों पर ही लागू किया जा रहा है
वो सभी #मुस्लिम_विरोधी बुग़्ज़ी पत्रकार कहा घुस गए है जो पिछले साल #मौलाना_साद साब की मुखबरी में कैमरा लिए बंदरो की तरह उछल उछल कर खबरे दिखा रहे थे
अगर असद ओवैसी बदरुद्दीन अजमल साहब दलाल है तो हमें ऐसे दलालों की और जरूरत है
जरूरत इसलिए है के इन लोगों ने कोम के नौजवानों के दिलों में हरारत पैदा की है और यह भी सिखाया है कि तुम सिर्फ दरी बिछाने वाले नहीं हो बल्कि इनसे आंख से आंख मिलाकर बात करने वाले हो
हमारी क़ौम हमेशा @asadowaisi साहब की टांग खींचने में लगी रहती है जिस दिन ये क़ौम टांग छोड़ कर हाथ खींचने लगेगी यक़ीन मानिए यह क़ौम राजनीतिक और आर्थिक दोनो मामलों में बहुत आगे निकल जाएगी इंशा अल्लाह
#मेरा_सदर_मेरा_ग़ुरूर
मैं भारत के किसानों के साथ हूँ, उनके मुतालबात हक़ ब-जानिब है सरकार को उनकी बातों को सुनना चाहिए, नरेंद्र मोदी अपने अनानियत और गुरूर की वजह से कृषि बिल को वापस नही ले रहे हैं। - बैरिस्टर @asadowaisi https://t.co/6bKXRf7tUc
जिस क़ौम के 10-12 साल के बच्चे क़ुरआन हिफ़्ज़ कर लेते हों, उनके लिए IAS,IPS एग्जाम पास करना कोई बड़ी बात नहीं!
लिहाज़ा एक रोटी कम खाओ अपने बच्चों को ज़रूर पढ़ाओ।
It is #Golwalkar's birth anniversary. His ideology was anti-India anti-Muslim, anti-Christian & he was a Hitler loving extremist. He rejected Indian nationalism (भारतीय राष्ट्रवाद) in favour of हिंदुत्व. This ideology of cowardice is wholeheartedly embraced by @PMOIndia 1/n
मुस्लिम आरक्षण हेतु जयपुर में रैली व प्रदर्शन हेतु चौमू सर्किल से विधानसभा तक की परमिशन मिल गई है ।
15 फरवरी को सभी साथी चौमू सर्किल पहुंचे समय 11 बजे।
एडवोकेट पप्पू खिलजी संस्थापक मजलिस ए हिंद @aimim_national@Aimim_Rajsthan @
...जब दलित और आदिवासी अपने हक़ के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं तो नक्सलवादी घोषित कर दिए जाते हैं।
तो यह कैसा 'सबका साथ सबका विश्वास है'? - Barrister @asadowaisi [3/3]
लोकतंत्र में अन्याय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना संविधान में बुनियादी हक़ है, लेकिन जब सिख किसान फार्म बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं तो खालिस्तानी घोषित कर दिए जाते हैं, जब मुसलामानों CAA, NRC और NPR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं तो जिहादी और... [2/3]