श्री @OPChoudhary_Ind जी का बिना किसी कारण, केवल किसी को जवाब देने के लिए मेरा नाम घसीटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, और पूरी तरक से अनावश्यक था।
एक जनप्रतिनिधि होने के नाते, मेरे द्वार सबके लिए खुले हैं - यह मेरी प्रतिबद्धता है और रहेगी। जो व्यक्ति यहां चर्चा में है, उसका संबंध एक धार्मिक संगठन से है, RSS से है, और BJP के कई नेताओं से भी है।
मुझसे मिलने आने वाले किसी भी व्यक्ति से - चाहे उनकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो - मैं संवाद करता हूं और करता रहूँगा। परंतु मैंने कभी किसी आपराधिक मंशा का समर्थन नहीं किया, न करता हूँ और न ही कभी करूंगा।
इस मामले में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और कानूनी रूप से अभियुक्त को न्यायोचित सजा मिलनी चाहिए।
मोदी जी ने कहा - विदेश मत जाओ।
क्योंकि ख़ुद कुछ महीने पहले इज़राइल हो आए और भारत की निष्पक्ष विदेश नीति को compromise कर आए।
मोदी जी ने कहा - पेट्रोल कम जलाओ।
क्योंकि ट्रंप के सामने घुटने टेक कर देश की ऊर्जा सुरक्षा को सरेंडर कर आए।
सस्ते कच्चे तेल का मुनाफ़ा जनता को कभी मिला ही नहीं - सिर्फ़ मित्र उद्योगपतियों को मिला।
मोदी जी ने कहा - सोना मत खरीदो।
आप कुछ नहीं खरीद सकते - भले ही वो देश की सारी संपत्ति अपने मित्रों को बेचते रहें।
मोदी जी ने कहा - Work from home करो।
क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी तरह आपकी भी कोई जवाबदेही नहीं, बस घर बैठे जुमलेबाजी करनी है।
मौत के तांडव के बीच ताली-थाली आपसे बजवाई।
ऑक्सीजन ख़त्म - लाइन में आप खड़े रहे।
नोटबंदी - लाइन में आप खड़े रहे।
LPG ख़त्म - लाइन में आप खड़े रहे।
हर आपदा में देश की जिम्मेदारी आपकी - मोदी जी ने मान लिया है कि प्रधानमंत्री का काम सिर्फ चुनाव प्रचार है।
कल प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। आज मुख्यमंत्री राज्य में बैठकें कर रहे हैं। इससे समस्या की गंभीरता का पता चलता है। आने वाला समय सरकार के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होने वाला है और इसके लिए कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है।
अगर कोई जिम्मेदार है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं। अगर ईरान और रूस जैसे देशों के साथ संबंध ठीक से रखे गए होते तो गैस, पेट्रोल, डीजल या रासायनिक उर्वरकों की कमी नहीं होती।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी के द्वारा जो बेइज्जती हुई है, कार्रवाई क्या की आपने?
गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने गला घोंट दिया आपकी इज़्ज़त का, तब आप चुप थे और जब इस प्रकार से अपमान हुआ, बदनामी हुई, उसका विरोध कर दिए तो उसको भला-बुरा कहने के लिए सारे लोग कूद पड़े।
ज़िला साहू संघ, जांजगीर चांपा के जिलाध्यक्ष और जैजेपुर विधानसभा के लोकप्रिय कांग्रेस विधायक श्री बालेश्वर साहू जी की गिरफ़्तारी “1500 करोड़ की उगाही” के खेल में जवाब न दे पा रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ध्यान भटकाने का प्रयास है.
अपने घोटालों को छिपाने के लिए पिछड़े वर्ग को डराना और धमकाना बंद कीजिए मुख्यमंत्री जी!
राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई जनता देख रही है.
हम सब श्री बालेश्वर साहू जी के साथ खड़े हैं.
ये सवाल आज प्रिंट मीडिया में छाया हुआ है कि जंबूरी के अध्यक्ष कौन हैं?
भूतपूर्व शिक्षा मंत्री हैं या वर्तमान शिक्षा मंत्री हैं और मुख्यमंत्री महोदय इस मामले में मौन धारण क्यों कर लिए हैं.
मैं अभी बालोद गया तो बताया गया कि वहां बिना टेंडर ही ₹15 करोड़ का काम करवा लिया गया, ये जंबूरी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है.
@ChhattisgarhCMO@vishnudsai
मसीही समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों को क्रिसमस पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.
प्रभु यीशु मसीह का पवित्र जन्मोत्सव हम सभी के जीवन में शांति, प्रेम और समृद्धि का प्रकाश लेकर आए.
प्रभु यीशु मसीह ने हमें अहिंसा, क्षमा, सेवा और करूणा का मार्ग दिखाया, जो आज भी समाज को एकजुट करने वाली बड़ी प्रेरणा है.
हर ज़ोर-जुल्म की टक्कर में
संघर्ष हमारा नारा है…
एजेंसियों का दुरुपयोग कर एक दशक तक हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व की छवि धूमिल करने के बाद अब भाजपा बेनक़ाब हो चुकी है. कोर्ट ने ED को फटकारते हुए कह दिया है कि श्रीमती सोनिया गांधी जी, श्री राहुल गांधी जी सहित किसी पर भी नेशनल हेराल्ड में मनी लाउंड्रिंग का मामला नहीं बनता है.
जिस तरह से एजेंसियों का दुरुपयोग कर भाजपा विपक्ष को डराना, धमकाना चाहती है, उसके ख़िलाफ़ हम सब एकजुट हैं.
आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में हम सबने “सत्यमेव जयते” के संकल्प को दोहराया है.
मनरेगा का नाम बदलने के पीछे संघ और भाजपा की मंशा एक बार फिर से पूज्य बापू महात्मा गांधी जी का अपमान करने की है.
साथ ही साथ केंद्र सरकार इस नए विधेयक की आड़ में मजदूरों के लिए रोजगार का क़ानूनी अधिकार ख़त्म करके इसे एक साधारण सरकारी स्कीम बनाना चाहती है.
अभी तक मनरेगा के लिए 90% अनुदान केंद्र से आता था, इस विधेयक में इसे घटा दिया गया है. इस विधेयक के माध्यम से केंद्र का नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है लेकिन जिम्मेदारी घटायी जा रही है.
सरकार ने चालाकी दिखाते हुए इस बिल में दो-तीन ऐसी चीज़ें जोड़ी हैं, ताकि समझ आए कि काम के दिन बढ़ा दिए हैं, लेकिन असल में ये योजना कमजोर हो जाएगी और इसमें कमाई बढ़ाने की बात नहीं की गई है.
देश के अलग-अलग राज्यों में मजदूरों का पैसा अभी भी बकाया है. इस बिल से केंद्र को पहले जितना पैसा देना नहीं पड़ेगा, इससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ेगा और गरीब राज्य मजदूरों का पैसा नहीं दे पाएंगे. इस तरह यह योजना ख़त्म हो जाएगी.
इस नए बिल से ग्राम पंचायतों के अधिकार भी ख़त्म हो जाएंगे, क्योंकि सारे काम और उसका पैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा. यानी नियंत्रण सारा केंद्र का होगा और पैसा देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.
कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने लोकसभा में मांग की है कि यह विधेयक रद्द किया जाना चाहिए और इसकी जगह एक नया प्रस्ताव स्थायी समिति के पास भेजा जाए, जिसपर विस्तृत विचार विमर्श हो सके.
Hon'ble Congress President has approved the proposal for the appointment of Presidents of the District Congress Committees of Chhattisgarh, as enclosed, with immediate effect.
In pursuance of the commencement of the National Talent Hunt process, the following individuals have been appointed as Nodal Coordinators for this endeavour in the respective States and Union Territories.
दो दशक पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बाबूजी को जेल भेजा था।
पर दीवाली के दिन उनसे मिलने की छूट मिल गई थी।
@narendramodi और @AmitShah की कृपा से बेटा जेल में है।
आज दीवाली है पर मुझे उससे मिलने की अनुमति नहीं है।
बहरहाल, सबको दीवाली की शुभकामनाएं।
Indian bikes conquering global roads, not by crony capitalism but by real innovation! 🚴🇮🇳
Bajaj, Hero & TVS shine in Colombia while Modi’s cronies keep sinking.
@RahulGandhi ji stands with true Indian enterprise, not with "Friend" billionaires.
नमन बापू!
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर हम सभी उनका पावन स्मरण करते हैं.
सत्य और अहिंसा के पथ पर चलते हुए बापू ने देशवासियों के हृदय में स्वतंत्रता की ज्योति प्रज्वलित की तथा भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करवाया.
महात्मा गांधी का जीवन, उनका समर्पण और साहस केवल भारत ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है. बापू के आदर्श हमें एकजुटता, शांति एवं स्वाभिमान से जीने की राह दिखाते रहेंगे.
अखिल भारतीय असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस और प्रोफेशनल्स कांग्रेस के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दो महत्वपूर्ण शाखाएं श्रमिकों और पेशेवरों को सशक्त बनाने और समाज के हर वर्ग के लिए न्याय सुनिश्चित करने प्रतिबद्ध हैं
@kkc_india@ProfCong
अब तुम्हारे हवाले ये लड़ाई साथियों!🧵
लिखा हुआ पढ़ने से पहले इस तस्वीर को देखिए. 12 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में यह वो तस्वीर है जिसके लिए अडानी को 5 वर्ष प्रतीक्षा करनी पड़ी.
प्रिय साथियों! सोशल मीडिया के माध्यम से आप सबके संदेश मुझे लगातार मिल रहे हैं. मैं ह्रदय से आप सबका आभार व्यक्त करता हूँ कि आप जहां भी हैं वहाँ से मुझे अपना संबल प्रदान कर रहे हैं.
लेकिन सबको यह समझना होगा कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है. यह लड़ाई हमारी साझी है. यह लड़ाई छत्तीसगढ़ बचाने की है.
भूपेश बघेल और कांग्रेसजन यह लड़ाई आज से नहीं बल्कि कई सालों से लड़ रहे हैं. जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में हो रहे घोटालों, छत्तीसगढ़ को अडानीगढ़ बनाने के उनके प्रयासों, उनके द्वारा गोद लिए गए "सुपर सीएम" के संरक्षण में हो रहे घपलों और पनामा पेपर्स में दर्ज हो रहे "अभिषाक सिंह" सहित दामाद पुनीत गुप्ता के कारनामों को सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घर-घर तक पहुँचाना शुरू किया, तो यह लोग षड्यंत्र पर उतर आए.
ये आप लोगों से तब भी डरते थे. इनको पता था कि भूपेश बघेल और नेताप्रतिपक्ष टी. एस सिंहदेव सहित सभी कांग्रेस नेताओं के पीछे आप सब लोग खड़े हैं. इसलिए जब ये आपसे नहीं लड़ पाए तो इन्होंने एक झूठे मामले में मेरे परिवार को तब भी निशाना बनाया. मैं अपनी दिवंगत मां को लेकर सपरिवार मई 2017 में EOW ऑफिस पहुंचा था. इस दौरान मेरी स्वर्गीय मां की तबियत भी बिगड़ी थी और उन्हें रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था.
इन्हें तब भी लगा था कि भूपेश बघेल की मां को बुला लिया है अब तो यह डर जाएगा, परिवार पर संकट यह झेल नहीं पाएगा. लेकिन हम सबने अपनी लड़ाई उसी धार से बरकरार रखी. उसके बाद इन्होंने एक प्रयास फिर विधानसभा चुनाव 2018 से पहले मुझे स्वयं को जेल भेजकर भी किया. फिर भी इनके हाथ हताशा ही लगी.
घोटालों और कांडों का वह "दमन काल" जनता भूली नहीं थी और आज भी नहीं भूली है. जनता ने 2018 के विधानसभा चुनाव में इन्हें बुरी तरह भूल चटा दी. पंद्रह वर्ष की हुकूमत महज़ पंद्रह सीट पर सिमट गई और प्रदेश से भाजपा की सरकार चली गई.
लेकिन सिर्फ़ इतना नहीं हुआ था. भाजपा की सत्ता जाने के साथ अडानी का सपना भी टूटा था. 2018 के बाद जब कांग्रेस की सरकार बनी तो बैलाडीला में हमने अडानी समूह को दी गई खनन परियोजना को रद्द किया था. क्योंकि इसके लिए जो ग्राम सभा की सहमति ली गई थी वह फर्जी थी.
जब हमने अपनी सरकार के दौरान आदिवासियों के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी. लोहंडीगुड़ा में टाटा द्वारा अधिग्रहित जमीन श्री राहुल गांधी जी ने आकर आदिवासियों को वापस दी तो उनको समझ आ गया था कि यह कांग्रेस पार्टी की सरकार है, इसमें उनका स्वार्थ सिद्ध नहीं हो पाएगा और न ही छत्तीसगढ़ के संसाधनों को लूटने की उनकी मंशा पूरी हो पाएगी.
उसके बाद जो जो हुआ, वो आप सबने देखा है. हमारी सरकार को बदनाम करने के लिए एक के बाद एक षड्यंत्र जारी रहे. तबसे लेकर आजतक संघर्ष जारी है. राज्य में एजेंसियों को बसा दिया गया. हर दिन कहीं न कहीं कोई न कोई छापे. हर रोज़ नया षड्यंत्र, हर रोज़ नया आरोप. सरकार की और पार्टी की छवि धूमिल करने की लगातार कोशिश जारी रही.
यह सिर्फ़ छत्तीसगढ़ में नहीं हो रहा था. यह पूरे देश में लगातार जारी है. हमारे नेता श्री राहुल गांधी जी ने संसद के अंदर जब अडानी का नाम लिया तो ED ने समन भेज दिया. उनसे पूछताछ की गई. और अभी भी गांधी परिवार को लगातार टारगेट किया जा रहा है.
2023 में इनके द्वारा तैयार किया गया झूठ कुछ समय के लिए चल गया और प्रदेश से कांग्रेस सरकार चली गई.
साथियों! हमारी सरकार जाते ही नई सरकार का शपथ ग्रहण भी नहीं हो पाया था और हसदेव में हज़ारों कटर लगाकर लाखों पेड़ काट दिए गए.
जिन पेड़ों को हमने लंबे समय से कटने नहीं दिया था, आख़िर किस अदृश्य शक्ति के आदेश पर हसदेव उजाड़ा गया? तब समझ आया कि विष्णुदेव का शपथ ग्रहण भले ही न हुआ हो लेकिन अडानी छत्तीसगढ़ का मालिक होने की शपथ ले चुका है.
उसके बाद शुरू हुआ छत्तीसगढ़ को "अडानीगढ़" बनाने का खेल. बस्तर को खाली कराया जा रहा है ताकि अडानी के लिए दरी बिछाई जा सके. हसदेव उजाड़ा जा चुका है.
उसके बाद रायगढ़ के तमनार में विष्णु देव के शासन-प्रशासन के संरक्षण में गांव वालों को बंधक बनाकर, कांग्रेस विधायक को गिरफ़्तार करके अडानी के लोगों ने 5000 पेड़ काट दिए.
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