If this news is true then our #ugcnet exam answer key is definitely gonna be more delay @NTA_Exams can you clarify when provisional answer key of ugc net is release? #nta#ugcnet#answerkey
If this news is true then our #ugcnet exam answer key is definitely gonna be more delay @NTA_Exams can you clarify when provisional answer key of ugc net is release? #nta#ugcnet#answerkey
Hey @NTA_Exams what want from us , why are you not releasing provisional answer key of ugc net and any update regarding the answer key , you are a responsible agency you have to answer. #ugcnet#nta#जंतर_मंतर#protest
@RajGovOfficial Otr aap se sambhal nhi ja rha mene 4 bar rpsc pe grievance daali h or mujhe abhi to koi solution nhi mila mere problem ka. Useless h sb ke sb @alokrajRSSB@RPSC1
जो प्रधानमंत्री देश के बच्चों का नहीं हो सकता वो उस देश का भी नहीं हो सकता
हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जो social media पर काफ़ी active रहते है उन्होंने एक बार भी students के बारे में बात भी नहीं की।में चाहता हूँ के हर शख्स ये याद रखे ,जब vote देने जाये #shame
Hey @NTA_Exams please release ugc net exams provisional answer
Don't play with our (students) future , we need clarification on provisional answer key
#nta#ugcnet#answer#answrkey
सौरभ: क्या सिर्फ़ एक इस्तीफ़े से व्यवस्था बदल जाएगी?
सोनम 🎯: बदलाव की शुरुआत जवाबदेही से होती है। जब जवाबदेही नहीं होती, तब मनमानी हर जगह हावी हो जाती है।
सौरभ: यह मुद्दा सिर्फ़ परीक्षाओं से बड़ा क्यों है?
सोनम ⚠️: क्योंकि आज जो लोग नकल करके आगे बढ़ेंगे, वही कल आपके बच्चों का इलाज करने वाले डॉक्टर और आपके घर बनाने वाले इंजीनियर बन सकते हैं।
सौरभ: क्या सरकार ने आपसे कोई संपर्क किया है?
सोनम 🔥: अभी तक नहीं। अगर हमारी आवाज़ सरकार तक नहीं पहुँची है, तो यह लोगों की भी ज़िम्मेदारी है कि वे इसे ज़्यादा से ज़्यादा फैलाएँ।
Dear @RPSC1@RajSSO,I am facing an OTR technical issue."Are you a Rajasthan Resident?"is locked on No and cannot be changed to Yes, due to which I cannot complete OTR or apply for Rajasthan SET. My previous grievance 34536 was closed with an irrelevant template reply #RPSC#OTR
Hey! @RPSC1 Is your contact number just for show, RPSC? Because no one ever answers. I’ve called three or four times, but no one picks up—and I called during working hours, too. Maybe it was lunchtime? Is there any responsible person at RPSC?
#rpsc#otr
@NTA_Exams shame on you
You are not aware that students face a lot of issues during digilocker authentication 100 of time we tried every time it shows fail and you release a baseless notice that date will not extend what the hell is this #update your server
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli