ये है ‘बटेश्वर कॉरिडोर’ के काम में हो रहे बेतहाशा भ्रष्टाचार का साक्षात् सबूत : जिसमें दिनदहाड़े बिना बेस के सीधे मिट्टी पर ही PCC डालने का वीडियो सरेआम हो गया है। यहाँ ख़राब कॉन्क्रीट और पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है और डिज़ाइन फॉल्ट्स आदि की भी लिखित शिकायत कई बार की जा चुकी है लेकिन कभी सुनवाई ही नहीं हुई, जाँच तो संभव ही नहीं है। भाजपा राज में जब कोई ईमानदार नागरिक आवाज़ उठाता है तो उसके फोन पर दूसरी तरफ़ से धमकी की आवाज़ आ जाती है।
भाजपा राज में सुनवाई की जगह धमकाई हो रही है!
वैसे याद दिला दें कि भाजपा ने ‘अटल प्रोग्रेस वे’ बनाने की बात भी कही थी… जनता पूछ रही है: ‘अटल प्रोग्रेस वे’ भी जुमला था क्या?
भाजपाइयों का सबसे बड़ा संकट ये है कि वो अब अगर जनता से दंडवत् माफ़ी भी माँगेंगे तो भी जनता माफ़ नहीं करेगी क्योंकि भाजपाइयों ने कभी भी जनता के साथ किया हुआ अपना वादा नहीं निभाया है। ये बात और है कि भाजपा के संगी-साथियों ने औपनिवेशिक सत्ताओं के आगे माफ़ी भी माँगी थी और बड़ी वफ़ादारी के साथ निभाई भी थी।
दूसरों पर माफ़ी माँगने के लिए दबाव बनाना और लोगों के बयान बदलवाना भाजपाई नकारात्मक राजनीति की बहुत ही घिसी-पिटी और आउटडेटेड चाल है। ऐसे कुकृत्यों से भाजपा के ख़िलाफ़ गुस्सा, नाराज़गी और आक्रोश और भी अधिक बढ़ रहा है। जब जनता भाजपा के विरुध्द अपने विचार, अपने मन में ही रखेगी तो भाजपाइयों और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के लिए हालात बद-से-बदतर हो जाएंगे।
भाजपा का अहंकार ही गिरायेगा उनकी सरकार!
प्रिय ‘उप्र के समझदार मतदाताओं’
उप्र में इंडिया गठबंधन की ‘जन-प्रिय जीत’ :
- उस दलित-बहुजन भरोसे की भी जीत है जिसने अपने पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आधी आबादी और अगड़ों में पिछड़े सभी उपेक्षित, शोषित, उत्पीड़ित समाज के साथ मिलकर उस संविधान को बचाने के लिए कंधे-से-कंधा मिलाकर संघर्ष किया है जो समता-समानता, सम्मान-स्वाभिमान, गरिमामय जीवन व आरक्षण का अधिकार देता है।
- ये PDA के रूप में पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक-आदिवासी, आधी आबादी और अगड़ों में पिछड़े के उस मजबूत गठजोड़ की जीत है, जिसे हर समाज और वर्ग के अच्छे लोग अपने सहयोग व योगदान से और भी मजबूत बनाते हैं।
- ये नारी के मान और महिला-सुरक्षा के भाव की जीत है।
- ये नवयुवतियों-नवयुवकों के सुनहरे भविष्य की जीत है।
- ये किसान-मज़दूर-कारोबारियों-व्यापारियों की नयी उम्मीदों की जीत है।
- ये सर्व समाज के सौहार्द-प्रिय, समावेशी सोचवाले समता-समानतावादी सकारात्मक लोगों की सामूहिक जीत है।
- ये निष्पक्ष, निष्कलंक मीडिया के निरंतर, अथक, निर्भय, ईमानदार प्रयासों की जीत है।
- ये संविधान को संजीवनी मानने वाले संविधान-रक्षकों की जीत है।
- ये लोकतंत्र के हिमायती-हिम्मती लोगों की जीत है।
- ये ग़रीब की जीत है।
- ये लोकतंत्र की जीत है।
- ये सकारात्मक राजनीति की जीत है।
- ये मन के सच्चे और अच्छे लोगों की जीत है।
ये INDIA की टीम और PDA की रणनीति की जीत है।
प्रिय मतदाताओं आपने साबित कर दिया है कि जनता की शक्ति से बड़ा न किसी का बल होता है, न किसी का छल। इस बार जनता ही जीती है, शासक नहीं।
जनता जीतती रहे…!!!
आपने हममें जो विश्वास प्रकट किया है, हम उस भरोसे को पूरे दायित्व के साथ कायम रखेंगे और निभाएँगे भी, इसके लिए हार्दिक धन्यवाद-दिल से शुक्रिया और आनेवाले नये सकारात्मक समय के लिए अनंत शुभकामनाएँ!
जनता ज़िंदाबाद!!!
आपका
अखिलेश
वरिष्ठ सांसद श्री अवधेश प्रसाद जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!
आपकी सार्थक सक्रियता यूँ ही जारी रहे और साम्प्रदायिक राजनीति के ख़िलाफ़ आप हर बार विजयी हों, यही शुभकामना है।
भाजपा केवल वोट चोरी और पेपर लीक की ही नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में भी चोरी से घिरी हुई है। जब सत्ता चुप रही, तब करोड़ों रामभक्तों की आवाज़ बनकर हम समाजवादी सांसद एवं विपक्षी दलों के सांसद खुलकर मैदान में उतरे।
संसद के भीतर हमें बोलने नहीं दिया गया, तो हम समाजवादी सांसदों ने संसद परिसर में लगातार प्रदर्शन कर भाजपा के संदिग्ध रवैये पर सवाल खड़ा किया। आस्था से जुड़े इस सवाल पर देश जवाब चाहता है— चंदा और चढ़ावा गया कहाँ?