🔹मोदी सरकार के 11 साल में ₹6,36,992 करोड़ के Bank Frauds हुए हैं, जो कि 416% की बढ़ोतरी है।
🔹नोटबंदी के बाद भी, पिछले 6 वर्षों में ₹500 के नक़ली नोट (Fake Currency) की संख्या 291% बढ़ी। इस वर्ष यह सबसे अधिक है।
मोदी जी, हमें नहीं मालूम की आपकी रगों-नसों में क्या-क्या है, पर इतना तय है कि आपकी सरकार की नसों में Fraud & Fakery ज़रूर है !
मोदी सरकार के 100 दिन,
देश के लिए रहे बेहद कठिन !
न एजेंडा दिखा, ना कोई दावा टिका,
वही जुमले, वही PR स्टंट…
इस ठगबंघन से ऊब चुका है देश,
जनता में सहनशीलता नहीं रही अब शेष !
दो साल पहले आज ही के दिन भारत जोड़ो यात्रा शुरू हुई थी - 'अनेकता में एकता' के रंग लिए
करोड़ों भारतवासियों की तकलीफ की आवाज सुनने के लिए
आर्थिक अन्याय के विरुद्ध जागरूकता के लिए
नफरत के विरुद्ध ��्रेम का संदेश देने के लिए
मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देने के लिए
140 करोड़ हिंदुस्तानियों को जोड़ने के लिए
नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने के लिए
देशवासियों को ये यकीन दिलाने के लिए कि "फूट डालो राज करो" का ये दूसरा दौर भी चला जाएगा और हमारी एकजुटता, समरसता व सौहार्द ही हमें मजबूत बनाएगा।
भारत जोड़ो यात्रा राहुल गांधी जी का एक मिशन है देश को जोड़ने का - जो आज भी जारी है।
प्रधानमंत्री जी,
यह कैसी फक़ीरी है सर ! आपकी 1 रैली का खर्च 25 करोड़ रुपए है. आपने ऐसी 172 रैलियाँ की थी.
पैसा रेलवे ने दिया. टैक्स के रूप में जेब जनता की कट रही है. वीडियो देखिए :
कोलकाता घटना 9 को हुई है, 10 को बंगाल पुलिस ने आरोपी को ढूँढकर अरेस्ट कर लिया। 12 को ख़ुद ममता बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलीं। पूरे लेफ्ट ने इस घटना की निंदा की। इधर UP और बिहार में उतने ही वीभत्स रेप हुए। मगर यहाँ के मुख्यमंत्रियों के बयान तक नहीं आए। मीडिया ने एक शो नहीं किया।
बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ से घटिया नारा मैंने आजतक नहीं सुना. इस नारे में जोश नहीं लाचारी और बेबसी है. यह नारा नहीं इस ख़बर का शीर्षक है जिसके आख़िर में सवालिया निशान होना चाहिए.
आज़ादी के बाद अब तक SC समाज से केव�� एक जज केजी बालाकृष्णन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बन पाए.
जस्टिस कर्णन वरिष्ठता को आधार सुप्रीम कोर्ट में जज बनना था लेकिन कोलेजियम जजों ��े उन्हें सुप्रीम कोर्ट में नही लिया कारण बाद में लाइन ऑफ सक्सेशन में वो आगे चलकर चीफ जस्टिस बनते.
जस्टिस कर्णन अपने दौर के ईमानदार सिटिंग जज थे. उन्होंने सवर्ण 'कोलेजियम' और सुप्रीम कोर्ट में चलने वाला भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था.
जस्टिस कर्णन सवर्ण जजों के आंखों की किरकिरी बन चुके थे. सवर्ण जज नही चाहते थे कोई पिछड़े वर्ग का जज सुप्रीम कोर्ट में जज बनकर आए. इसलिए जस्टिस कर्णन को प्रताड़ित किया जाने लगा.
जस्टिस कर्णन ने भ्रष्ट न्यायपालिका से लोहा लेने का निर्णय लिया. 20 जजों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए. बदला लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस आरोप को अवमानना मानकर जस्टिस कर्णन पर कानूनी कार्यवाही की.
जस्टिस कर्णन ने पलटवार करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सातों जजों को कारावास की सजा सुना दी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को छह महीने की सज़ा सुनाई.
तब कोई जस्टिस कर्णन के सा�� खड़ा नही हुआ. जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को ��ज़ा सुनाई, उसी शाम प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर ख़ुशी जाहिर की.
प्रशांत भूषण ने अपने ट्वीट में लिखा... "मुझे बेहद खुशी हो रही है कोर्ट के अवमानना के आरोप में जस्टिस कर्णन को सज़ा सुनाई गई. इस आदमी ने माननीय जजों पर लापरवाह होकर बेबुनियाद आरोप लगाए, और जजों के खिलाफ बेतुका ऑर्डर पास किया"
भाजपा शासन की हक़ीक़त देखिए
- इनकी कथनी और करनी का फ़र्क़ देखिए
- 50 से 80 लाख में एक एक सीट बेची भाजपाइयों ने
.@yourBabulal जी - अब तो मुख खोलिए और कुछ बोलिये