📅 आज दिनांक: 17 अप्रैल 2026
📍 स्थान: लखनऊ आवास
आज लखनऊ आवास पर माननीय बहन जी से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया,इस अवसर पर माननीय विश्वनाथ पाल जी (प्रदेश अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी) एवं पूर्व एमएलसी मा दिनेश चंद्र जी (मुख्य मंडल प्रभारी) की गरिमामयी उपस्थिति रही..
आज दिनांक 14-04-2026 भारत रत्न, बोधिसत्व, परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी लखनऊ में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए।
#जयभीम
आज दिनांक 14-04-2026 को " बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल गोमतीनगर, लखनऊ"पहुंचकर भारत रत्न, बोधिसत्व, परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
#जयभीम
Lucknow, Uttar Pradesh: On the occasion of the 135th birth anniversary of B. R. Ambedkar, Mayawati, President of the Bahujan Samaj Party, offered floral tributes at his statue at the party’s state headquarters
Lucknow, Uttar Pradesh: BSP State President Vishwanath Pal says, "On the occasion of Babasaheb’s birth anniversary, I extend my heartfelt greetings to all citizens of the country and to people living in other states as well... We will also reach there, and Babasaheb’s birth anniversary will be celebrated with great enthusiasm"
In Photos | Bahujan Samaj Party chief Mayawati paid tribute on the occasion of Dr Bhimrao Ambedkar Jayanti.
She paid floral tribute at the portrait of Baba Saheb Ambedkar, bowed to his contributions, and described his thoughts as an inspiration for society.
@Mayawati | @bspindia | #AmbedkarJayanti | #Mayawati | #BSP | #Tribute | #SocialJustice | #UNI
भारतीय संविधान निर्माता भारत रत्न परमपूज्य बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के अवसर पर बहन कुमारी मायावती जी लखनऊ में श्रद्धासुमन अर्पित करती हुई अपने कार्यकर्ताओं और छोटे बच्चों दुलार करते दिखी..
#जयभीम
Lucknow, Uttar Pradesh: BSP State President Vishwanath Pal says, "This has been done very late. Dr B.R. Ambedkar had framed a Constitution, and the government runs according to his Constitution. When we held only a memorial program for Kanshi Ram Sahib on 9th October and did not organise a rally, after that these people started remembering Babasaheb and Kanshi Ram Sahib..."(13.04)
देश में सामाजिक परिवर्तन के पितामह के रूप में प्रसिद्ध ’बहुजन समाज’ में अति-पिछड़े वर्ग में जन्मे महात्मा ज्योतिबा फुले को आज उनकी जयंती पर मेरे व बी.एस.पी. की ओर से भी शत्-शत् नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित।
ख़ासकर शिक्षा के माध्यम से स्त्री/नारी शक्ति के प्रणेता के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले व उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। महात्मा ज्योतिबा फुले के शब्दों में ’’विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी। नीति बिना गति गयी, गति बिना वित्त गया। वित्त बिना शुद्र हताश हेये, और गुलाम बनकर रह गये।’’ अर्थात यह सब कुछ शिक्षा के अभाव में हुआ और इसीलिये आगे चलकर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने इनसे प्रेरित होकर शिक्षा की तरफ विशेष ध्यान दिया।
साथ ही, उन्नीसवीं सदी के मध्य में दलितों व शोषितों की मुक्ति के लिये महात्मा ज्योतिबा फुले के ज़बरदस्त प्रयासों के कारण अकेले पुणे में ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र में सामाजिक परिवर्तन की नई अलख जगी और विशेषकर नारी मुक्ति व सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कार्य शुरू हुआ, जिस संघर्षों के लिये उनकी जितनी भी सराहना व प्रशंसा की जाये वह कम है।
ऐसे अति-पिछड़े/ओबीसी समाज के महापुरुष की स्मृति व उनके सम्मान में मेरी बी.एस.पी. सरकार द्वारा अनेकों कार्य यहाँ यूपी में किये गये जिनमें अमरोहा को नया ज्योतिबा फुले नगर ज़िला बनाना शामिल है, किन्तु सपा सरकार ने इसे भी अपनी संकीर्ण राजनीति व जातिवादी द्वेष आदि के कारण इसका नाम भी बदल डाला।
उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी की सरकार द्वारा कासगंज को कांशीराम नगर ज़िला बनाने के साथ-साथ कानपुर देहात को रमाबाई नगर, संभल को भीमनगर, शामली को प्रबुद्ध नगर व हापुड़ को भी पंचशील नगर के नाम से नया ज़िला बनाया था, जिसे सपा सरकार ने ज़िला तो बनाये रखा लेकिन इन सभी ज़िलों के नामों को बदल डाला, यह है इनके पीडीए का अति-दुखद चाल, चरित्र व चेहरा।
विशाल आबादी वाले अपने भारत देश में ’बहुजन समाज’ अर्थात् बहुजनों के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः मेरे द्वारा शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ ही बी.एस.पी. के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार, शुक्रिया एवं धन्यवाद।
सर्वविदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन देश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया और अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।
किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी/आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।
अगर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत
देश में सामाजिक परिवर्तन के पितामह महात्मा ज्योतिबा फुले जी को आज उनकी जयंती पर मैं कोटि कोटि नमन व अपार श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।
ज्योतिबा फुले जी ने जो मशाल जलाई है उसे बाबा साहेब ने और आदरणीय बहन जी ने नई ऊंचाई दी है। लेकिन स्वार्थी राजनीतिक दलों ने हमारे महापुरुषों को अपने जातिवादी द्वेष की वजह से इनके सम्मान में बने जिलों का नाम बदल दिया। ऐसे स्वार्थी लोगों से सावधान रहना है।
जय भीम, जय भारत